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Showing posts from 2019

मोटे बच्चों में वयस्क होने पर हृदय रोगों का खतरा

मोटे बच्चों में वयस्क होने पर हृदय रोगों का खतरा
04 Sep 2019 अधिक वजन वाले बच्चों को मध्यम आयु में दिल का दौरा पड़ने या स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है, भले ही वे वयस्क होने पर पतले क्यों न हो गए हों।
इस बात का खुलासा एक अध्ययन में किया गया है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि 19 साल की उम्र से पहले उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और धूम्रपान भी हृदय संबंधी खतरे को बढ़ाते हैं। ये निष्कर्ष अब तक के सबसे मजबूत सबूत हैं, जो बताते हैं कि बचपन की जीवनशैली का बाद में बड़ा प्रभाव पड़ता है।

बचपन में हो स्वस्थ जीवनशैली: यह अध्ययन पेरिस में यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी कांग्रेस में प्रकाशित हुआ है। इसके लिए 1970 के दशक के तीन से 19 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया।
इस अध्ययन में शामिल 42,000 बच्चों का 50 वर्ष की उम्र तक का स्वास्थ्य रिकॉर्ड जांचा गया। इसमें पाया गया कि अधिक वजन वाले बच्चों को मध्यम आयु में पहुंचकर दिल का दौरा, स्ट्रोक या हृदय रोग का सामना करना पड़ा। शोधकर्ताओं ने इनमें बॉडी मास इंडेक्स 10 प्रतिशत अतिरिक्त पाया। अध्ययन में यह भी देखने को मिला कि बचपन मे…

सप्ताह में दो बार मेवा खाने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम

सप्ताह में दो बार मेवा खाने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम होता है। इस बात का खुलासा एक अध्ययन में हुआ है। अध्ययन के मुताबिक, जो लोग सप्ताह में कम-से-कम दो बार मेवा खाते हैं, उनमें दिल की बीमारियों से मृत्यु का खतरा लगभग 17 फीसदी कम हो जाता है।





ईरान के इस्फहान कार्डियोवास्कुलर रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता और अध्ययन के लेखक नौशीन मोहम्मदिफर्द ने कहा, मेवे असंतृप्त वसा का एक अच्छा स्रोत हैं और इनमें कम मात्रा में संतृप्त वसा शामिल होती है। उन्होंने आगे कहा कि इनमें प्रोटीन, खनिज, विटामिन, फाइबर, फाइटोस्टेरॉल और पॉलीफेनोल्स भी होते हैं जो दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं। यूरोपीय और अमेरिकी अध्ययन में मेवों और दिल की सुरक्षा का संबंध बताया गया है।
ईएससी कांग्रेस 2019 में प्रस्तुत हुए इस नए अध्ययन में ईरानी लोगों में मेवे के सेवन, दिल की बीमारियों का खतरा और मौत के बीच संबध को जांचा गया। अध्ययन में 35 वर्ष से अधिक आयु के 5,432 वयस्कों को शामिल किया गया। हृदय की बीमारियों और मौत का संबंध जांचने के लिए 2001 से 2013 तक हर दो साल में प्रतिभागियों से मेवे के सेवन के बारे में पूछताछ की गई। इन 12…

एक दिन छोड़कर उपवास करने से कम होगा वजन

एक दिन छोड़कर उपवास करने से कम होगा वजन
सिडनी |  04 Sep 2019 एक दिन छोड़कर उपवास करने से शरीर से कैलोरी की मात्रा को कम किया जा सकता है। एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। शोधकर्ता का कहना है कि वैकल्पिक दिन में उपवास करना कैलोरी को नियंत्रित करने के लिए एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। यह अध्ययन जर्नल सेल मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित हुआ है। इसमें स्वस्थ लोगों पर वैकल्पिक दिन में उपवास करने का प्रभाव देखा गया, जिसमें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पाए गए। उपवास कैलोरी को नियंत्रित करने का सुरक्षित विकल्प माना गया है लोगों पर किया अध्ययन: ऑस्ट्रिया की ग्रेज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक परीक्षण में 60 प्रतिभागियों को शामिल किया, जिनको चार सप्ताह के लिए वैकल्पिक दिन में उपवास करने के लिए कहा गया। इसके बाद वे जितना चाहे खा सकते थे। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने 30 लोगों के एक ऐसे समूह का भी अध्ययन किया, जिन्होंने अध्ययन में शामिल होने के लिए पहले से ही छह महीने से ज्यादा समय तक एक सख्त वैकल्पिक दिन पर उपवास का अभ्यास किया था। शोधकर्ताओं ने इनकी तुलना उन लोगों से की, जिन्होंने कभी कोई उपवास नहीं किया था। उप…

साढ़े तीन घंटे में कानपुर से दिल्ली सफर का सपना जल्द साकार होगा

साढ़े तीन घंटे में दिल्ली सफर का सपना जल्द साकार होगा


04 Sep 2019 सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल के अंत तक कानपुर से दिल्ली तक ट्रेन का सफर साढ़े तीन घंटे में पूरा होगा। इसके साथ ही कानपुर सेंट्रल पर एक आदर्श स्टेशन की तरह यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी। मंगलवार को रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक ए रेड्डी वंदेभारत से फुट प्लेट (चालक केबिन में बैठकर सफर करना) तो जाते समय विंडो ट्राली निरीक्षण (पीछे शीशायुक्त कोच लगा ट्रैक देखना) के साथ कानपुर सेंट्रल पर स्पीड बढ़ाने पर मंथन किया। कानपुर सेंट्रल पर उनके साथ उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य यात्री यातायात प्रबंधक डीके वर्मा, एनआर के सीपीटीएम अजीत सिंह, डीटीएम के अलावा कानपुर सेंट्रल के डायरेक्टर हिमांशु शेखर उपाध्याय, वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक आरएनपी त्रिवेदी मौजूद रहे। यात्री सुविधाओं पर चर्चा हुई। बताया गया कि पीपीपी के तहत स्टेशन की सुविधाओं को देने की तैयारी है। तेजस भी जल्द ही दिल्ली से लखनऊ वाया कानपुर चलेगी। बाद में सेंट्रल स्टेशन पर सुविधाओं का एक प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा गया। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर चालू होते ही ट्रेनों की गति बढ़ेगी ट्रैक उच्चीकरण …

गाड़ी चलाते समय फोन पर बात की तो होगा ई-चालान

गाड़ी चलाते समय फोन पर बात की तो होगा ई-चालान
26 Aug 2019 सड़क पर गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करना अब महंगा पड़ेगा। आपको पता भी नहीं चलेगा और चालान कट जाएगा। ई चालान आपके घर के पते पर पहुंचेगा।

गाड़ी नंबर से आपका चालान कट जाएगा: मोबाइल से बात करते वक्त चेकिंग दल आपकी गाड़ी नहीं रोकेंगे। चेकिंग दल इंटरसेप्टर में लगे कैमरे के माध्यम से गाड़ी के नंबर की फोटो लेंगे। जिस गाड़ी नंबर से आप मोबाइल पर बात करे हुए जा रहे हैं, उस नंबर का ई चालान कट जाएगा। गाड़ी नंबर के जरिए ही आपके घर का पता चलेगा। ये चालान उसी पते पर पोस्ट किया जाएगा और मोबाइल पर मैसेज भी भेजा जाएगा।पहली बार पकड़े जाने पर 500 रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर एक हजार जुर्माना देना होगा। परिवहन आयुक्त ने इसे लागू करने की मंजूरी दे दी है। जुर्माने की धनराशि ऑनलाइन के साथ ट्रांसपोर्टनगर स्थित आरटीओ कार्यालय में जाकर जमा कर सकते हैं। परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने मोबाइल से बात करने पर ई चालान करने का लक्ष्य तय किया है। आरटीओ चेकिंग दलों को मोबाइल से बात करने पर ई चालान करना जरूरी होगा।
रोजाना होती है पांच लोगों की मौत: केंद्रीय पर…

रितु बेरी "यूपी खादी" को बनायेगीं फैशनेबल

रितु बेरी "यूपी खादी" को बनायेगीं फैशनेबल। 26 Aug 2019
ब्रांड “यूपी खादी” को लोकप्रिय बनाने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड अब देश के प्रसिद्ध डिजाइनरों को भी अपनी मुहिम में शामिल कर रहा है। रितु बेरी और रीना ढाका सरीखे डिजाइनर प्रदेश की खादी को फैशनेबल लुक देंगी। इनके द्वारा डिजाइन किए गए खादी परिधानों में मॉडल रैंप पर उतरेंगी।

बोर्ड के उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसके कक्कड़ के मुताबिक लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित गांधी जयंती कार्यक्रम के दौरान खादी व ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में खादी वस्त्रों को प्रमोट किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान विभागीय योजनाओं का प्रचार प्रसार भी किया जाएगा।बोर्ड दो अक्तूबर गांधी जयंती के दिन से खादी के प्रमोशन के लिए वृहद कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। 12 अक्तूबर को खादी परिधानों में रैंप पर उतरेंगी मॉडल: गांधी जयंती के तत्काल बाद इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दस दिवसीय कार्यक्रम होगा।
इस प्रदर्शनी में खादी वस्त्रों के साथ ही ग्रामोद्योग उत्पादों की प्रदर्शनी लगेगी। सेमीनार आयोजित किए जाएंगे। योजनाओं के लाभार्थियों को टूल किट्स वि…

सख्ती : अगले साल से एसी 24 डिग्री पर ही चलेंगे, सरकार तैयारियों में जुटी

सख्ती : अगले साल से एसी 24 डिग्री पर ही चलेंगे, सरकार तैयारियों में जुटी नई दिल्ली |  26 Aug 2019 अगले साल जब आप गर्मी से निजात पाने के लिए नया एयरकंडीशनर खरीदेंगे तो वह 24 डिग्री सेल्सियस तापमान पर शुरू होगा। केंद्र सरकार एक साल बाद एसी का शुरुआती तापमान 24 डिग्री तय करने की तैयारियों में जुटी है।


विद्युत मंत्रालय का मानना है कि इससे बिजली की बचत होगी। ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने ‘हिन्दुस्तान' से बातचीत में कहा कि एसी के तापमान को 24 डिग्री करने के बारे में अभी एडवायजरी जारी की है। लोगों का जागरूक कर रहे हैं, ताकि एक साल बाद इसे अनिवार्य किया जा सके। तापमान 24 डिग्री करने से बिजली की बचत होगी। 
ऐसा नहीं है कि तापमान 24 डिग्री पर करने के बाद इससे कम तापमान पर एसी नहीं चलेगा। इसे कम तापमान पर भी चलाया जा सकेगा पर जब एसी चालू करेंगे यह 24 डिग्री पर ही शुरू होगा।

क्या है ERSS 112? अक्सर पूछे जाने योग्य प्रश्न

112 क्या है ? "112" संकट की स्थिति में डायल किया जाने वाली एक एकल आपातकालीन संख्या है जो अग्नि शमन ब्रिगेड, एक मेडिकल टीम या पुलिस से तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए भारत के सभी 36 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में 24 घंटे व सातो दिन कॉल की जा सकती है। आप एक स्थिर (लैंडलाइन) या मोबाइल फोन के साथ नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं। एकल आपातकालीन संख्या हर जगह मुफ़्त है।


112 ही क्यों? जब डायल 100 पहले से उपयोग में था? 112 एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त एकल आपातकालीन संख्या है, जो अधिकांश यूरोपीय देशों, राष्ट्रकुल देशो द्वारा अपनायी गयी है और संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में आपातकालीन संख्याओं से सम्बंधित की गयी है। अधिकांश निर्मित फोन हैंडसेट 112 संख्या के साथ प्री-प्रोग्राम (पहले से संयोजित ) होते हैं क्योंकि आपातकालीन संख्या एकल कुंजी (Key or Button ) दबाने के साथ डायल की जाती है। TRAI ने मई 2015 में भारत में एक आपातकालीन संख्या के उद्देश्य के लिए इस नंबर को आवंटित किया था।

112 एक आपात बटन (Panic Button) क्या है? और यह 112 से कैसे संबंधित है?
भारत सरकार द्वारा प्रकाशित राजपत्र के…