Jan 7, 2017

एक लाख के पार होगी प्रति व्यक्ति आय

नई दिल्ली : लगातार दो साल सूखे की मार से उबर रहे कृषि क्षेत्र में जबर्दस्त उछाल से चालू वित्त वर्ष 2016-17 में देश की विकास दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। खास बात यह है कि पहली बार देश की प्रति व्यक्ति आय मौजूदा वित्त वर्ष में एक लाख रुपये का आंकड़ा पार करने का अनुमान है।


केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की ओर से चालू वित्त वर्ष के लिए जारी राष्ट्रीय आय के प्रथम पूर्वानुमान में अर्थव्यवस्था की यह तस्वीर दिखाई गई है। हालांकि इसमें आठ नवंबर को नोटबंदी के फैसले के बाद के आंकड़े शामिल नहीं हैं। पहले जीडीपी के ये आंकड़े सात फरवरी को आते थे। सरकार के इस बार आम बजट फरवरी के अंतिम दिन की जगह पहले दिन पेश करने संबंधी फैसले को देखते हुए इन्हें छह जनवरी को जारी किया गया है।


सीएसओ के मुताबिक चालू कीमतों पर देश की प्रति व्यक्ति आय मौजूदा वित्त वर्ष में 10.4 फीसद बढ़ने होने का अनुमान है। इसके साथ ही देश की प्रति व्यक्ति औसत आमदनी का आंकड़ा 1,03,007 रुपये पर पहुंच जाएगा। पिछले वित्त वर्ष में देश की प्रति व्यक्ति आय 93,293 रुपये थी।

Dec 15, 2016

नए साल में फ्री कॉल, BSNL भी अपने उपभोक्ताओं के लिए शुरू करेगा सेवा

☀ 2G व 3G उपभोक्ताओं को भी मिलेगा योजना का लाभ

कॉल वार में बीएसएनल ने भी कूदने की तैयारी कर ली है। यानी भारत संचार निगम लिमिटेड उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए नए साल में असीमित कॉल का तोहफा देगा। उपभोक्ताओं को डाटा रिचार्ज कराने पर फ्री कॉल की सुविधा दी जाएगी। इस योजना का लाभ टू जी व थ्री जी के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।


कंपनियों के बीच होड़ के चलते सस्ती कॉल के बाद उपभोक्ताओं को फ्री कॉल की सुविधा की दौड़ में बीएसएनएल भी शामिल होने जा रही है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने अपने 4-जी उपभोक्ताओं को फ्री नेटवर्क के साथ ही फ्री कॉल की भी सुविधा प्रदान की है। इसके जवाब में बीएसएनएल ने लैंड लाइन पर 249 रुपये में अनलिमिटेड हाई स्पीड ब्रॉडबैंड की सुविधा उपलब्ध कराई। इसके अलावा रविवार को 24 घंटे और अन्य दिनों में रात 9 बजे से सुबह सात बजे तक फ्री कॉल की सुविधा मुहैया करा रहा है। इस सब के बाद भी इस सरकारी कंपनी के मोबाइल उपभोक्ता फ्री कॉल की सुविधा से वंचित थे।


बीएसएनएल के प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने पत्र के माध्यम से बताया कि विदेश की तर्ज पर नये साल में मोबाइल उपभोक्ताओं को भी फ्री कॉल की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की योजना है। इसका लाभ टू जी व थ्री जी के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।1 बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक राम शब्द यादव ने बताया कि फ्री कॉल के लिए नियम व शर्तो के बारे में अभी विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है। नयी व्यवस्था के तहत डाटा का रीचार्ज कराने पर फ्री कॉल की सुविधा प्रदान की जायेगी।

Dec 4, 2016

आधार आधारित पेमेंट सिस्टम से होगा लेनदेन

✍ आधार’ आधारित लेनदेन का तंत्र तैयार करें बैंक

✍ आरबीआइ ने जून तक नई तकनीक लाने का निर्देश दिया

✍ आधार के बायोमीटिक से होगी ग्राहक की पहचान



नई दिल्ली : नकदी के बजाय कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के इरादे से सरकार के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक भी उपाय करने में जुट गया है। आरबीआइ ने सभी बैंकों से कहा है कि वे 30 जून 2017 तक अपने सभी एटीएम, कार्ड स्वाइप मशीन यानी प्वाइंट ऑफ सर्विस (पीओएस) और दूसरी डिवाइसों में तकनीकी बदलाव करें ताकि कार्डधारकों की पहचान ‘आधार’ के बायोमीटिक डिटेल (अंगूठे के निशान) से हो सके। आरबीआइ ने इस दिशा में बैंकांे की सुस्ती को देखते हुए यह निर्देश दिया है।  



आरबीआइ ने बैंकांे से इस साल 29 सितंबर को इस संबंध में निर्देश जारी कर यह सुनिश्चित करने को कहा था कि कार्ड के जरिये भुगतान और दूसरे लेनदेन में इस्तेमाल होने वाले एटीएम, पीओएस और दूसरे डिवाइस को ऐसा बनाया जाए कि आधार नंबर और बॉयोमीटिक डिटेल के जरिये उससे लेनदेन हो सके। आरबीआइ ने यह काम एक जनवरी 2017 से शुरू करने को कहा था हालांकि इस दिशा में बैंकांे की धीमी प्रगति को देखते हुए नई समय सीमा तय की है। 



सूत्रों ने कहा कि फिलहाल आधार के बायोमीटिक तकनीक वाले एटीएम, पीओएस और दूसरे डिवाइसों की आपूर्ति मांग के मुकाबले कम है। यही वजह है कि बैंक इस तरह की नई एटीएम व डिवाइस नहीं खरीद पाए हैं। बैंकों को यह भी कहा गया है कि वे इस तरह की नई डिवाइस खरीदने के साथ ही मौजूदा एटीएम, पीओएस और डिवाइसों में भी तकनीकी बदलाव कर लें। हालांकि इसकी समय सीमा फिलहाल नहीं बताई गई है। 



उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को नोटबंदी का एलान किया था। उन्होंने इस फैसले की वजह काले धन और आतंकी फंडिंग बतायी थी। पुराने नोट बंद होने के बाद बैंकांे में नकदी की किल्लत के मद्देनजर सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने को कई कदम उठाए हैं। इसी दिशा में दो दिन पहले ही यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भी घोषणा की है कि आने वाले दिनों में ‘आधार’ के माध्यम से ही लेनदेन किए जा सकेंगे।