Dec 4, 2016

आधार आधारित पेमेंट सिस्टम से होगा लेनदेन

✍ आधार’ आधारित लेनदेन का तंत्र तैयार करें बैंक

✍ आरबीआइ ने जून तक नई तकनीक लाने का निर्देश दिया

✍ आधार के बायोमीटिक से होगी ग्राहक की पहचान



नई दिल्ली : नकदी के बजाय कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के इरादे से सरकार के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक भी उपाय करने में जुट गया है। आरबीआइ ने सभी बैंकों से कहा है कि वे 30 जून 2017 तक अपने सभी एटीएम, कार्ड स्वाइप मशीन यानी प्वाइंट ऑफ सर्विस (पीओएस) और दूसरी डिवाइसों में तकनीकी बदलाव करें ताकि कार्डधारकों की पहचान ‘आधार’ के बायोमीटिक डिटेल (अंगूठे के निशान) से हो सके। आरबीआइ ने इस दिशा में बैंकांे की सुस्ती को देखते हुए यह निर्देश दिया है।  



आरबीआइ ने बैंकांे से इस साल 29 सितंबर को इस संबंध में निर्देश जारी कर यह सुनिश्चित करने को कहा था कि कार्ड के जरिये भुगतान और दूसरे लेनदेन में इस्तेमाल होने वाले एटीएम, पीओएस और दूसरे डिवाइस को ऐसा बनाया जाए कि आधार नंबर और बॉयोमीटिक डिटेल के जरिये उससे लेनदेन हो सके। आरबीआइ ने यह काम एक जनवरी 2017 से शुरू करने को कहा था हालांकि इस दिशा में बैंकांे की धीमी प्रगति को देखते हुए नई समय सीमा तय की है। 



सूत्रों ने कहा कि फिलहाल आधार के बायोमीटिक तकनीक वाले एटीएम, पीओएस और दूसरे डिवाइसों की आपूर्ति मांग के मुकाबले कम है। यही वजह है कि बैंक इस तरह की नई एटीएम व डिवाइस नहीं खरीद पाए हैं। बैंकों को यह भी कहा गया है कि वे इस तरह की नई डिवाइस खरीदने के साथ ही मौजूदा एटीएम, पीओएस और डिवाइसों में भी तकनीकी बदलाव कर लें। हालांकि इसकी समय सीमा फिलहाल नहीं बताई गई है। 



उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को नोटबंदी का एलान किया था। उन्होंने इस फैसले की वजह काले धन और आतंकी फंडिंग बतायी थी। पुराने नोट बंद होने के बाद बैंकांे में नकदी की किल्लत के मद्देनजर सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने को कई कदम उठाए हैं। इसी दिशा में दो दिन पहले ही यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भी घोषणा की है कि आने वाले दिनों में ‘आधार’ के माध्यम से ही लेनदेन किए जा सकेंगे।


Oct 5, 2016

पूरे मोहल्ले की रीडिंग ली जायेगी एक साथ, घर-घर जाकर मीटर की रीडिंग लेने के दिन लदने वाले

☀ पूरे मोहल्ले की मीटर रीडिंग एक ही जगह खड़े होकर लेने के लिए बिजली विभाग ने सॉफ्टवेयर लांच


घर-घर जाकर मीटर की रीडिंग लेने के दिन लदने वाले हैं। पूरे मोहल्ले की मीटर रीडिंग एक ही जगह खड़े होकर लेने के लिए बिजली विभाग ने सॉफ्टवेयर लांच किया है। नई तकनीक से लैस हैंडहेल्ड मशीन की रेडियो फ्रीक्वेंसी 200 मीटर के दायरे में जितने भी घर होंगे उनकी रीडिंग लेने में सक्षम होगी। मीटर रीडिंग के सॉफ्टवेयर में उपभोक्ताओं की कनेक्शन संख्या, आइडी व घर का पता लिंक किया जाएगा।



मशीन में दिए गए ऑप्शन में जाकर 200 मीटर के दायरे में जितने घर होंगे, उनकी कनेक्शन संख्या द्वारा हैंडहेल्ड मशीन की रेडियो फ्रीक्वेंसी अलग-अलग मीटर रीडिंग को पकड़ लेगी। इस रीडिंग को कर्मचारी दफ्तर जाकर कंप्यूटर में अपलोड कर देगा और बल्क में बिल प्रिंट हो जाएंगे। मीटर की रीडिंग डिस्पले समेत बिल पर प्रिंट होगी, जिसमें चाहकर भी कर्मचारी छेड़छाड़ नहीं कर सकता।

☀ लगाए जाएंगे नए स्मार्ट मीटर :
रेडियो फ्रीक्वेंसी से रीडिंग लेने के लिए घरों मे स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। बिजली विभाग को एक हजार मीटर मिल गए हैं, जिन्हें पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बिलारी तहसील में लगाया जा रहा है। इससे पहले भी बिजली चोरी रोकने के लिए बिलारी में ही ट्रांसफार्मर में स्मार्ट चिप लगाने का ट्रायल लिया जा चुका है।

Aug 14, 2016

खुशखबरी : अब बेसिक फ़ोन का 49 रुपये में कनेक्शन और रविवार को दिनभर मुफ्त बात

लैंड लाइन टेलीफोन की टिंग-टिंग को पुराना रुतबा दिलाने के लिए दूरसंचार विभाग सिर्फ 49 रुपये में इसका कनेक्शन देगा। विभाग को उम्मीद है कि इससे टिंग-टिंग के दिन बहुरेंगे। इतनी ही धनराशि जमाकर छह माह इसका लाभ लिया जा सकेगा। लैंडलाइन फोन पर अब रविवार को पूरे देश में किसी भी नेटवर्क पर असीमित निश्शुल्क बात की जा सकेगी। रात नौ से सुबह सात बजे तक यह सुविधा उपलब्ध थी। संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में पैन इंडिया आधारित दो लैंड लाइन स्कीम समेत चार योजनाओं का लोकार्पण किया।

डीएलडब्ल्यू प्रेक्षागृह में दूरसंचार विभाग की ओर से आयोजित समारोह में उन्होंने पीएम के सांसद आदर्श ग्राम जयापुर व नागेपुर में वाई-फाई हॉट-स्पॉट सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पीएम के डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के तहत मार्च 2017 तक एक लाख, 2018 तक ढाई लाख, 2019 तक देश का हर गांव इस सुविधा से जुड़ा होगा।संचार राज्यमंत्री ने कॉल ड्राप को समस्या मानते हुए भरोसा दिया कि चार माह में इसमें गुणात्मक सुधार दिखेगा।