Aug 14, 2016

खुशखबरी : अब बेसिक फ़ोन का 49 रुपये में कनेक्शन और रविवार को दिनभर मुफ्त बात

लैंड लाइन टेलीफोन की टिंग-टिंग को पुराना रुतबा दिलाने के लिए दूरसंचार विभाग सिर्फ 49 रुपये में इसका कनेक्शन देगा। विभाग को उम्मीद है कि इससे टिंग-टिंग के दिन बहुरेंगे। इतनी ही धनराशि जमाकर छह माह इसका लाभ लिया जा सकेगा। लैंडलाइन फोन पर अब रविवार को पूरे देश में किसी भी नेटवर्क पर असीमित निश्शुल्क बात की जा सकेगी। रात नौ से सुबह सात बजे तक यह सुविधा उपलब्ध थी। संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में पैन इंडिया आधारित दो लैंड लाइन स्कीम समेत चार योजनाओं का लोकार्पण किया।

डीएलडब्ल्यू प्रेक्षागृह में दूरसंचार विभाग की ओर से आयोजित समारोह में उन्होंने पीएम के सांसद आदर्श ग्राम जयापुर व नागेपुर में वाई-फाई हॉट-स्पॉट सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पीएम के डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के तहत मार्च 2017 तक एक लाख, 2018 तक ढाई लाख, 2019 तक देश का हर गांव इस सुविधा से जुड़ा होगा।संचार राज्यमंत्री ने कॉल ड्राप को समस्या मानते हुए भरोसा दिया कि चार माह में इसमें गुणात्मक सुधार दिखेगा।

Jun 28, 2016

मरीजों को बड़ी राहत : टीबी - कैंसर का इलाज हुआ सस्ता, सरकार ने 42 दवाइयों के दाम 15% घटाए

नई दिल्ली : मरीजों को बड़ी राहत देते हुए नेशनल फॉर्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने 42 जरूरी दवाइयों के दाम घटा दिए हैं। जिनके दाम 15 फीसदी तक कम हुए हैं, उनमें ट्युबरकुलोसिस, कैंसर, कार्डियक डिजीज, अस्थमा, एपिलैप्सी, ऑ‍र्थराइटिस और डिप्रेशन की दवाइयां शामिल हैं। 

💊 एनपीपीए ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि 45 जरूरी दवाइयों के दाम तय किए गए हैं। 

💊  इनमें से 42 दवाइयों के दाम 15 फीसदी तक कम किए गए हैं। अथॉरिटी ने डीपीसीओ 2013 के तहत 12 दवाइयों के रिटेल प्राइस भी तय किए हैं।

💊 इसके अलावा नोटिफिकेशन में कहा गया है कि एनपीपीए ने आईवी फ्लूड के 32 शिड्यूल्ड फॉमुर्लेशन पैक के दाम फिक्स किए हैं या रिवाइज्‍ड किए हैं। 

💊 इसके पहले 32 शिड्यूल्ड फॉमुर्लेशन पैक के दाम तय किए गए थे।    

💊 एनपीपीए ने कहा है कि मेन्युफैक्चरर्स अगर सीलिंग प्राइस और नियमों का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें वसूली गई एक्स्ट्रा कीमत ब्याज समेत जमा करानी पड़ेगी।

💊 "कंपनियों को इन दवाओं की कीमत में साल में 10 फीसदी तक की ही बढ़ोतरी करने की इजाजत होगी।" 
 
💊 सरकार ने इसके पहले कैंसर, डायबिटीज, बैक्टीरिया इन्फेक्शन और ब्लड प्रेशर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 56 जरूरी दवाइयों की कीमत तय की थी।

💊 इनके दाम औसतन करीब 25 फीसदी तक कम किए गए थे।

Apr 21, 2016

38 साल की उम्र में 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं विधायक जी, बेटे से ट्यूशन लेकर पेश की नई मिसाल

कहते हैं अगर इंसान किसी काम को पूरा करने की ठान ले तो फिर उसे दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती, बस जरूरत होती है मजबूत इरादों की, अगर ऐसे मामले में बात पढ़ाई या श्क्षिा से जुड़ी हो तो संघर्ष का मजा दोगुना हो जाता है। ऐसे ही एक संघर्ष की दास्तान को सच किया है गुहला के विधायक कुलवंत बाजीगर ने , जिन्होंने एक विधायक होते हुए और उम्र के 38वें बसंत पर पहुंच जाने के बाद भी अपनी पढ़ाई का ख्याल दिल से नहीं निकाला, और अपनी पढ़ाई का सपना पूरा किया।

 कुलवंत 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं।
सबसे अहम और दिलचस्प बात यह है कि विधायक ने एग्जाम की तैयारी अपने ही बेटे से ट्यूशन लेकर की है। बाजीगर दिनों अपनी बारहवीं की परीक्षा लगभग सभी पेपर दे चुके हैं।  4 पेपर निपट चुके हैं, पांचवां और आखिरी पेपर 21 को है। पेपर फिजिकल एजूकेशन का है। आसान ही है। इसलिए चिंता मुक्त हुए विधायक फिर से अपनी पुरानी राजनीतिक रूटीन पर लौट आएंगे।

उम्र के इस पड़ाव पर आकर बाजीगर के दिल में पढऩे का ख्याल कैसे आया तो उन्होंने कहा कि पढऩे लिखने की कोई उम्र नहीं होती। दरअसल अनपढ़ आदमी की कहीं कोई कद्र नहीं है। राजनीति में तो बिल्कुल नहीं। पहले कभी होती रही होगी। आज तो अनपढ़ को सियासत में कोई भाव नहीं देता। फिर रोज नई-नई योजनाएं। नई-नई बातें। खुद की समझ में आएंगी तभी तो लोगों को बता पाएंगे।

मजे की बात यह है कि बाजीगर के बड़े बेटे साहिब सिंह ने भी इसी साल सीबीएसई की बारहवीं की परीक्षा दी है। छोटे बेटे ने दसवीं के पेपर दिए हैं। विधायक बाजीगर बताते हैं कि सरकार बनते ही विधायकों को लैपटाप दिए गए थे।  मुझे भी मिला था पर चलाना नहीं आता था। सीखना शुरू किया तो कुछ ही दिनों में उंगलियां की बोर्ड की अभ्यस्त हो गईं। फेसबुक चलाना आ गया। इंटरनेट इस्तेमाल करना आ गया। फिर सोचा कि जब इस उम्र में कंप्यूटर चलाना आ सकता है तो आगे की पढ़ाई क्यों नहीं हो सकती। कुलवंत बाजीगर बताते हैं कि इसी प्रेरणा के चलते ओपन स्कूल से प्लस टू के फार्म भर दिए।