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मोबाइल बता देगा, आसपास कहां है टॉयलेट : पब्लिक टॉयलेट की लोकेशन गूगल मैप पर अपलोड करने के लिए सर्वे शुरू

अब आप गूगल मैप पर रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप और एटीएम की तरह पब्लिक टॉयलेट की भी नियर बाई लोकेशन को ढ़ूंढ सकेंगे। इसके लिए शहरी विकास मंत्रलय ने सभी निकायों को गाइडलाइंस जारी कर दी है। पब्लिक टॉयलेट की लोकेशन गूगल मैप पर अपलोड करने के लिए सर्वे भी शुरू कर दिया गया है। खास बात यह है कि सबसे पहले दिल्ली-एनसीआर के शहरों के पब्लिक टॉयलेट (होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप व निकायों के टॉयलेट) की लोकेशन को गूगल मैप पर अपलोड किया जाएगा। इस कवायद में गुरुग्राम में 10 पब्लिक टॉयलेट की लोकेशन मैप पर अपलोड कर दी गई हैं। बाकी टॉयलेट की लोकेशन का सर्वे किया जा रहा है।


■ स्वच्छता महामुकाबले की तैयारी: अगले साल देश के 4041 शहरों के बीच होने वाला स्वच्छता का महा मुकाबला बेहद खास होगा। इसमें इस बार जनसुविधाओं को खास तौर पर तरजीह दी गई है। शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए कुल 4 हजार अंक निर्धारित किए गए हैं। 2016 में स्वच्छता सर्वेक्षण 73 शहरों के बीच हुआ और मैसूर को सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया। 2017 में स्वच्छता सर्वेक्षण 434 शहरों का किया गया और इंदौर ने स्वच्छता की दौड़ में बाजी मार ली। इसमें गुरुग्राम ने 112वां स्थान हासिल किया था। 2018 की स्वच्छता रैंकिंग के लिए 4 जनवरी से शहरों का सर्वे शुरू किया जाएगा। 


■ 16 अंक किए गए हैं निर्धारित: गूगल टॉयलेट लोकेटर और आइटी बेस्ड मॉनीटरिंग सिस्टम को लागू करने के लिए शहरी विकास मंत्रलय जोर दे चुका है। शहरों की स्वच्छता रैंकिंग देने के लिए इस बार रैंकिंग का पूरा पैटर्न बदल दिया गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण काफी बारीकी से होगा और अलग-अलग पार्ट के तहत रैंकिंग देने के लिए अंक भी निर्धारित किए जा चुके हैं। गूगल टॉयलेट लोकेटर के लिए कुल 16 अंक तय किए गए हैं, यानी सभी पब्लिक टॉयलेट की लोकेशन गूगल मैप पर अपलोड करने वाले शहर को पूरे 16 अंक मिलेंगे। टॉयलेट की स्थिति क्या है, कितने साफ हैं, इन सबका फीडबैक भी लोग ऑनलाइन दे सकेंगे।

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कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

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गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

■ घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह ट्रांसप्लांट होगा संभव
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लखनऊ स्थित बाबा साहब भीम राव अंबेडकर विवि के प्राणि विज्ञान विभाग के प्रयोगशाला में कृत्रिम गुर्दे पर अध्ययन चल रहा है। अंबेडकर विवि के कुलपति प्रो.आरसी सोबती के अनुसार यह प्रयोग मृत जानवर (भैंस-बकरी) के शरीर के अंगों में किया जा रहा है। मनुष्य की जीवित कोशिकाओं को मृत जानवर के शरीर में प्रविष्ट कर उसे निर्धारित तापमान एवं अवधि …

वाट्सएप पर भेजे मैसेज अब वापस बुला सकेंगे, रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली सुविधा में मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प

सैन फ्रांसिस्को : वाट्सएप इस्तेमाल करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। मैसेजिंग एप जल्द ही भेजे गए मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प देने जा रहा है। ‘रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली इस सुविधा में यूजर को पांच मिनट तक किसी भी भेजे गए मैसेज को वापस लेने का मौका मिलेगा।



वाट्सएप या किसी भी मैसेजिंग एप पर कई बार गलती से किसी के लिए लिखा मैसेज दूसरे के नंबर पर चला जाता है। ऐसी स्थिति में पछताने के अलावा विकल्प नहीं बचता है। वाट्सएप पर आने वाले दिनों में इस मुश्किल का हल मिलने की उम्मीद है। वाट्सएप के नए फीचर जांचने वाली वेबसाइट ने इस बारे में जानकारी दी है।

वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं बताएगा रेलवे, बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं

ट्रेन का आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि यह कन्फर्म होगा या नहीं। इस परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे व्यवस्था करने जा रहा है। इसके तहत आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर स्क्रीन पर यह भी दिखाया जाएगा कि सीट कन्फर्म होगी या नहीं। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए सेंटर फॉर रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) को सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा है।


■ बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं
■ क्रिस को साफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा गया


ट्रेनों में बीच के स्टेशनों का सीट का कोटा होता है। उस स्टेशन से कोई यात्री टिकट नहीं लेता है तो वेटिंग वाले यात्रियों को बर्थ उपलब्ध करने का प्रावधान है। इसके अलावा कई अन्य श्रेणी का भी कोटा होता है। इसके भी फुल नहीं होने पर वेटिंग वाले यात्री को बर्थ दी जाती है। वीआइपी कोटा छोड़ दें तो अधिकांश श्रेणी के आरक्षित बर्थ खाली रहती हैं। यही कारण है कि भीड़ के समय भी स्लीपर में सौ वेटिंग तक होने के बाद भी सीट कन्फर्म हो जाता है। लेकिन समस्या टिकट लेते समय होती है। व्यक्ति वेटिंग टिकट ले तो लेता है लेकिन उसे यह आइ…