Skip to main content

टीबी के मरीजों को बड़ी राहत, इलाज के लिए आई नई असरदार दवा


  • टीबी से बचाएगी ये Miracle Drug, केन्द्र सरकार ने की लॉन्च 
तपेदिक दिवस की पूर्व संध्या पर यहां आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने बेडाक्वीलिन नाम की नई टीबी निरोधी दवा भी जारी की। यह दवा एमआरडी-टीबी के इलाज के लिए है। नई श्रेणी की यह दवा मुख्य रूप से डायरियालक्वीनोलिन श्रेणी की है, इस दवा के इस्तेमाल से टीबी के प्रतिरोधी उपाय सहज होने के संकेत मिलते हैं। बेडाक्वीलिन को समूचे भारत में चिन्ह्ति छह क्षेत्रीय स्वास्थ्य केन्द्रों में पहुंचाना शुरू किया जा रहा है। इन केन्द्रों में प्रयोगशाला परीक्षण की उन्नत सुविधायें और मरीजों की सघन देखभाल की व्यवस्था है। बेडाक्वीलिन उन मरीजों को दी जाएगी, जिनमें दूसरी कई दवा संबंधी निरोधक प्रणालियां कारगर नहीं होती। सभी दूसरी उपचार प्रणालियों में सुई लगाने और व्यापक औषधि निरोधक उपाय सफल न होने पर भी बेडाक्वीलिन दी जाएगी।



श्री नड्डा ने कार्यक्रम में टीबी की जांच के लिए‘न्युक्लियाई एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट’नामका एक जांच उपकरण को 500 से ज्यादा जांच केन्द्रों पर एक साथ उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि सीबीएनएएटी मशीन के आ जाने से तेजी से मोलीक्युलर परीक्षण संभव होगा, जिससे टीबी के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इस टेस्ट से माइकोबैक्टीरियम टीबी और रिफामपीसिन जैसी प्रतिरोधक दवा से टीबी के परीक्षण में मदद मिली है। यह परीक्षण पूरी तरह स्वचालित है और इसमें दो घंटे के भीतर नतीजे सामने आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील डाइग्नोस्टिक टूल है और इसका इस्तेमाल दूरदराज के उन ग्रामीण क्षेत्रों में भी आसानी से किया जा सकता है जहां अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाएं या प्रशिक्षण केन्द्र नहीं है।

स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी भारत - 2016 शीर्षक से वार्षिक रिपोर्ट और तकनीक एवं ऑपरेशनल गाइड लाइन-2016 भी जारी की। कार्यक्रम में दवाओं के बुरे असर को रोकने संबंधी ई-बुक को भी सार्वजनिक किया गया। इस मौके पर टीबी के नये रेडियो अभियान को भी शुरू किया गया।फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन को इस अभियान का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है।

Popular posts from this blog

वाट्सएप पर भेजे मैसेज अब वापस बुला सकेंगे, रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली सुविधा में मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प

सैन फ्रांसिस्को : वाट्सएप इस्तेमाल करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। मैसेजिंग एप जल्द ही भेजे गए मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प देने जा रहा है। ‘रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली इस सुविधा में यूजर को पांच मिनट तक किसी भी भेजे गए मैसेज को वापस लेने का मौका मिलेगा।



वाट्सएप या किसी भी मैसेजिंग एप पर कई बार गलती से किसी के लिए लिखा मैसेज दूसरे के नंबर पर चला जाता है। ऐसी स्थिति में पछताने के अलावा विकल्प नहीं बचता है। वाट्सएप पर आने वाले दिनों में इस मुश्किल का हल मिलने की उम्मीद है। वाट्सएप के नए फीचर जांचने वाली वेबसाइट ने इस बारे में जानकारी दी है।

नए साल में फ्री कॉल, BSNL भी अपने उपभोक्ताओं के लिए शुरू करेगा सेवा

☀ 2G व 3G उपभोक्ताओं को भी मिलेगा योजना का लाभ
कॉल वार में बीएसएनल ने भी कूदने की तैयारी कर ली है। यानी भारत संचार निगम लिमिटेड उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए नए साल में असीमित कॉल का तोहफा देगा। उपभोक्ताओं को डाटा रिचार्ज कराने पर फ्री कॉल की सुविधा दी जाएगी। इस योजना का लाभ टू जी व थ्री जी के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।


कंपनियों के बीच होड़ के चलते सस्ती कॉल के बाद उपभोक्ताओं को फ्री कॉल की सुविधा की दौड़ में बीएसएनएल भी शामिल होने जा रही है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने अपने 4-जी उपभोक्ताओं को फ्री नेटवर्क के साथ ही फ्री कॉल की भी सुविधा प्रदान की है। इसके जवाब में बीएसएनएल ने लैंड लाइन पर 249 रुपये में अनलिमिटेड हाई स्पीड ब्रॉडबैंड की सुविधा उपलब्ध कराई। इसके अलावा रविवार को 24 घंटे और अन्य दिनों में रात 9 बजे से सुबह सात बजे तक फ्री कॉल की सुविधा मुहैया करा रहा है। इस सब के बाद भी इस सरकारी कंपनी के मोबाइल उपभोक्ता फ्री कॉल की सुविधा से वंचित थे।


बीएसएनएल के प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने पत्र के माध्यम से बताया कि विदेश की तर्ज पर नये साल में मोबाइल उपभोक्ताओं को भी फ्री कॉल…

वास्तविक खुशी की खोज में गुजरात टॉपर वर्शील शाह बने जैन संत

नई दिल्ली : इस साल 12वीं की परीक्षा में 99.99 पर्सेटाइल हासिल करने वाले गुजरात के 17 वर्षीय वर्शील शाह जैन संत बन गए हैं। अब वह सादा जीवन बिताएंगे और जैन मुनि सुवीर्य रत्न विजयजी महाराज के नाम से जाने जाएंगे।


वर्शील की दीक्षा तापी नदी के किनारे सुबह चार बजे शुरू हुई। इससे पहले ब्रम्हमुहूर्त में ढोल नगाड़ों के साथ उनकी शाही सवारी निकाली गई। शाही सवारी दीक्षा मंच तक पहुंची। दीक्षा मंच पर कई जैन संतों की उपस्थिति में वर्शिल की दीक्षा की प्रक्रिया पूरी की गई। वर्शील की मां अमीबेन और पिता जिगरभाई शाह बेटे के फैसले से खुश हैं। जिगर शाह अहमदाबाद में आयकर विभाग में पदस्थ हैं। मां गृहिणी हैं।




वे ऐसे परिवार में पले-बढ़े हैं, जहां टीवी या रेफ्रिजरेटर नहीं है। बहुत जरूरी होने पर ही बिजली का उपयोग होता है, क्योंकि शाह परिवार का मानना है कि बिजली उत्पादन के दौरान कई जलीय जीव-जंतु मारे जाते हैं।
दीक्षा लेने से पहले वर्शील ने कहा था कि उनका लक्ष्य भौतिकवादी दुनिया की चीजों के पीछे भागना नहीं, अविनाशी शांति को पाना है। यह तभी संभव होगा जब वह अपने पीछे हर चीज को छोड़ जैन संत बनें। वह बचपन से ही वास्तवि…