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Showing posts from July 5, 2015

अस्पताल से ही मिल रहा जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र, नगर निगम में चक्कर नहीं पड़ रहे लगाने

आप को अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या घर में किसी का निधन होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना है तो नगर निगम के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। नगर निगम का यह सर्टिफिकेट उसी अस्पताल से मिल जाएगा जहां जन्म या मृत्यु हुई है। इसके लिए इलाहाबाद के सरकारी अस्पतालों के साथ शहर के 64 अस्पताल नगर निगम की ई-नगर सेवा से जुड़ चुके हैं। अस्पतालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 
अभी तक अस्पताल में बच्चे के जन्म होने या किसी की मृत्यु होने पर वहां से एक पर्ची दे दी जाती थी। इसी के आधार पर नगर निगम से सर्टिफिकेट जारी होता था लेकिन जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके लिए लोगों से अवैध वसूली भी की जाती है। लोगों को जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम न जाना पड़े, इसके लिए ई-नगर सेवा शुरू की गई। 
पिछले वर्ष शुरू हुई इस सेवा से जुड़ने में अस्पतालों को काफी वक्त लग गया। हालांकि बड़ी संख्या में अस्पताल अब भी इससे नहीं जुड़े हैं। ई-नगर सेवा से जुड़ने के लिए नगर निगम ने अस्पतालंों पर दबाव बनाया। नगर निगम मुख्यालय बुलाकर इसके बारे में विस्तार से समझाया…

मोबाइल से खरीद पर छूट की तैयारी, another step to implement to become a cashless economy

मोबाइल से खरीद पर छूट की तैयारीTax benefits, lower transaction fees for electronic payments and a nominal charge on high-value cash transactions are among likely steps that India plans to implement to become a cashless economy.
केंद्र मोबाइल वॉलेट और बैंकिंग के जरिए खरीद पर छूट देने की तैयारी में है। इससे देश के करीब 96.5 करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए बचत का रास्ता बनेगा। साथ ही, इसके जरिए कालेधन और नकली नोटों पर भी अंकुश लगेगा।

वित्त मंत्रलय इस माध्यम से खरीद करने वालों को विभिन्न स्तरों पर छूट देगा। हाल ही में डेबिट-क्रेडिट कार्ड के जरिए खरीद में छूट और आयकर में लाभ देने का प्रस्ताव किया गया है। इस प्रस्ताव में मोबाइल वॉलेट और बैंकिंग को भी शामिल किया जाना था, जो तकनीकी जोखिम के चलते टाल दिया गया था।


मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, देश में डेढ़ करोड़ मोबाइल वॉलेट और बैंकिंग यूजर हैं। यह संख्या भविष्य में और बढ़ेगी। ऐसे में इस माध्यम को बढ़ावा देकर करीब साढ़े 96 करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं को इससे आसानी से जोड़ा जा सकता है। वहीं, डेबिट-क्रेडिट कार्ड के यूजर 56.4 करोड़ हैं,जबकि स्वैप…