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नमामि गंगे’ योजना : गंगा किनारे पौधे लगाइए और पैसे पाइए

  • ‘नमामि गंगे’ योजना
  • गंगा किनारे पौधे लगाइए और पैसे पाइए 
  • पांच साल तक केंद्र सरकार रखरखाव में मदद देगी 
  • किसानों को कराना होगा पंजीकरण,  शुरुआत आज से
अब गंगा किनारे पौधे लगाने पर पैसे भी मिलेंगे, वह भी पांच साल तक। केंद्र सरकार गंगा किनारे लगाए पौधों की देखभाल के लिए यह पैसे देगी। वन विभाग से किसानों को पौधे भी मुफ्त में मिलेंगे। पेड़ तैयार हो जाएगा तो मालिक भी किसान होगा। नमामि गंगे योजना के तहत केंद्र सरकार ने इसका आदेश जारी कर दिया है।

मुफ्त पौधे हासिल करने के लिए सोमवार से किसानों के पंजीकरण भी शुरू होने जा रहे हैं।   केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी के तहत गंगा तट से दो किमी दूरी तक पौधरोपण की योजना है। इससे न सिर्फ गंगा किनारे होने वाले कटान को रोका जा सकेगा, बल्कि पूरा वातावरण भी साफ-सुथरा होगा।  किसानों को वन विभाग की ओर से शीशम, अजरुन, जामुन, अमरूद आदि के नि:शुल्क पौधे दिए जाएंगे।


केंद्र सरकार इन पौधों की देखभाल के लिए पैसे भी देगी। ये रकम हर साल प्रति पौधा 50 से 35 रुपये तक होगी।  निशुल्क पौधे के लिए सोमवार से पंजीकरण शुरू हो रहे हैं। किसानों को जमीन के कागज दिखाने होंगे। यह भी बताना होगा कि वहां कितने पौधे लग सकते हैं। पंजीकरण के लिए किसान रेंज ऑफिस या फिर   डीएफओ कार्यालय जा सकते हैं।  गंगा किनारे बसे  गांवों के किसानों के लिए शानदार मौका है। अफसरों के मुताबिक वन विभाग किसानों को सिर्फ पौधे ही नहीं देगा, रोपण का तकनीकी ज्ञान भी देगा। मसलन, कितनी दूर पर पौधे लगाएं। कब खाद-पानी दें।

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राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) व सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वालोंं के लिए केंद्र सरकार अच्छी खबर लाई है। उसने इनमें ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.4 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।  लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।



वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं।  पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।  हालांकि बचत जमा के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत बरकरार है।

■ पीपीएफ और एनएससी पर मौजूदा 7.6 प्रतिशत की जगह अब आठ प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज मिलेगा।■ किसान विकास पत्र पर अब 7.7 प्र…

अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

■ घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह ट्रांसप्लांट होगा संभव
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