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चंडीगढ़ के बाशिंदे सबसे ज्यादा खुश, वर्ल्ड हैप्पीनेस सर्वे में दूसरे स्थान पर लखनऊ

For many, Chandigarh is "the beautiful city" but a survey shows it is also the happiest in India. Lucknow follows closely on its heels; Delhi is the happiest metropolitan city. An IMRB International study, commissioned by consumer durable giant LG Electronics, covered 16 cities and surveyed 2,424 respondents to find "the happiest cities of India".  

अपनी तहजीब की वजह से दुनियाभर में मशहूर लखनऊ के बाशिंदे चंडीगढ़ के बाद सबसे ज्यादा खुश हैं। उनकी खुशी की बड़ी वजह है कि वे परिवार के साथ ज्यादा वक्त बिताते हैं। इसके लिए उन्हें रजत पदक मिला है।  इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी एलजी के सर्वे के मुताबिक चंडीगढ़ के लोग देश में सबसे ज्यादा खुश रहने वालों में है। कंपनी ने चंडीगढ़ को गोल्ड मेडल दिया है। दिल्ली के लोग मेट्रो शहरों में सबसे ज्यादा खुश रहने वाले लोगों में हैं।

अलग तस्वीर पेश करता है सर्वे : एलजी इंडिया की तरफ से किया गया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुश रहने वाले देशों के से काफी अलग तस्वीर पेश करता दिखता है। वल्र्ड हैप्पीनेस सर्वे के अप्रैल, 2015 में जारी आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा खुश रहने वाले 158 देशों में भारत का स्थान 117वां था। पाकिस्तान, बांग्लादेश, इराक, फलस्तीन जैसे आंतकवाद प्रभावित देश के लोग भी भारत से ज्यादा खुश रहने वालों में थे, लेकिन एलजी की सर्वे भयंकर गर्मी व प्रदूषण, महिला सुरक्षा के तमाम समस्याओं के बावजूद दिल्ली वालों को खुश रहने वाले लोगों में बता रहा है। सर्वे ने चंडीगढ़, लखनऊ और दिल्ली को क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा स्थान दिया है। कंपनी ने यह सर्वे 16 शहरों में किया।  माना जा रहा है कि कंपनी ने अपनी आगे की रणनीति बनाने के लिए यह सर्वे किया है ताकि वह ग्राहकों को ज्यादा खुश रख सके।



खुशी मापने के पांच पैमाने : भारतीयों के खुशी को मापने के लिए पांच स्तरीय पैमाना बनाया गया है। इसमें सबसे पहला व्यक्ति की सोच, मकसद, आपातकालीन स्थिति की तैयारी, नए तरह के उत्पादों तक पहुंंच को रखा गया है। दूसरा, उसकी जीवन की प्रगति, वित्तीय हालात, संपत्तियां, अवसर, शारीरिक स्थिति आदि को सम्मिलित तौर पर रखा गया है। तीसरे स्थान पर खुशी जैसे कुछ करने की आजादी, परिवारों के साथ समय व्यतीत करने को रखा गया है। इसके बाद व्यक्ति की समाज के साथ रिश्ते, किसी काम के प्रति उसकी लगन आदि को रखा गया है। पांचवां मानक व्यक्ति के आस पास का समाज व आर्थिक वातावरण है जो इंसान की जिंदगी को काफी प्रभावित करते हैं।

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खुशखबरी : सरकार ने पीपीएफ,एनएससी, सुकन्या समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ाई ब्याज दरें

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राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) व सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वालोंं के लिए केंद्र सरकार अच्छी खबर लाई है। उसने इनमें ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.4 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।  लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।



वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं।  पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।  हालांकि बचत जमा के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत बरकरार है।

■ पीपीएफ और एनएससी पर मौजूदा 7.6 प्रतिशत की जगह अब आठ प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज मिलेगा।■ किसान विकास पत्र पर अब 7.7 प्र…

अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

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