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Showing posts from 2015

यूपी ट्रैफिक एप बताएगा किस रूट पर है जाम, यातायात नियमों के प्रति भी करेगा जागरूक

लखनऊ। यदि आप घर से निकल रहे हैं तो आपको समय से अपने गंतव्य पर पहुंचने को लेकर अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। किस रूट पर जाम है, कहां वीवीआईपी मूवमेंट है, कौन-सा रूट ब्लॉक है। इसकी जानकारी अब आपके स्मार्ट फोन पर मिल सकेगी। यह सब ‘यूपी ट्रैफिक एप’ से संभव हो सकेगा।
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, शहरों में बढ़ते यातायात दबाव व जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए यातायात निदेशालय ने मोबाइल एप ‘यूपी ट्रैफिक एप’ तैयार कराया है। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम के तहत इसे जल्द ही लॉन्च करने की तैयारी है। एडीजी ट्रैफिक अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि इसमें लखनऊ समेत 12 शहरों को चुना गया है। इन शहरों के ट्रैफिक को गूगल मैप पर लाइव करने के लिए गूगल के अधिकारियों से संपर्क किया गया है। हाईटेक ट्रैफिक कंट्रोल रूम को गूगल के सर्वर से जोड़ा जाएगा। इससे इन शहरों के ट्रैफिक की पल-पल की जानकारी मिलती रहेगी। रूट डायवर्जन होने व जाम की स्थिति में मैसेज आ जाएगा। इसके लिए लोगों को अपना मोबाइल नंबर हाईटेक ट्रैफिक कंट्रोल रूम में रजिस्टर कराना होगा।
यातायात नियमों के प्रति भी करेगा जागरूक
एप के जरिये लोगों को ट्रैफिक नि…

अब स्कूलों में ही बन सकेगा जाति और निवास प्रमाणपत्र

जाति प्रमाणपत्र बनाने में आने वाली कठिनाइयां अब जल्द ही दूर हो जाएंगी। केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों का प्रमाणपत्र स्कूल में ही बनवाने का मसौदा तैयार किया है। राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों से इस पर 21 दिसंबर तक सुझाव मांगे गए हैं। इसके अलावा जन्म प्रमाणपत्र पर ही जाति का उल्लेख करने का भी प्रस्ताव है।कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा तैयार नए दिशा-निर्देश के मसौदे के मुताबिक आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को प्रधानाध्यापक या स्कूल के प्रमुख ही एससी/एसटी और निवास प्रमाणपत्र जारी करेंगे। इस बाबत छात्रों से सभी जरूरी दस्तावेज लेने के लिए सितंबर से अक्टूबर के बीच (या राज्य सरकारें जो भी समय तय करें) एकल खिड़की की व्यवस्था की जाएगी। आगे की कार्यवाही के लिए इन दस्तावेजों को राज्य के संबंधित अधिकारियों या राजस्व अधिकारी को सौंपा जाएगा। जांच-पड़ताल के लिए तीस से 60 दिनों का वक्त दिया जाएगा। प्रमाणपत्र बनाने की अर्जी रद होने की स्थिति में छात्र एक बार अपील कर सकेंगे। जाति और निवास प्रमाणपत्र स्कूल द्वारा ही छात्रों के बीच वितरित किया जाएगा। दाखिला या अन…

कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का ब्यौरा अपने मोबाइल पर देख सकेंगे

निजी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। जब चाहें अपने मोबाइल पर कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का ब्यौरा अपने मोबाइल पर देख सकते हैं। इसके लिए सिर्फ कर्मचारी भविष्य निधि ेसंगठन (ईपीएफओ) का ऐप डाउनलोड करना होगा। सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि पेंशनर्स भी मोबाइल ऐप के जरिए जान सकते हैं कि उनके खाते में कितनी पेंशन है। ईपीएफओ ने हाल ही में एसएमएस बेस्ट यूएएन एक्टिवेशन, मिस्ड कॉल सुविधा और शॉर्ट कोड एसएमएस सेवा शुरू की है। इसी क्रम में ईपीएफओ ने एक ऐप भी लॉच किया है। ‘एम-ईपीएफ’ के नाम से लॉच किया गया यह ऐप बड़े काम का है।निजी संस्थानों में सेवारत कर्मचारी अक्सर यह जानने के लिए परेशान रहते हैं कि उनके ईपीएफ खाते में कितना पैसा है। हर माह ईपीएफ खाते में पैसा जमा हो रहा है या नहीं। पेंशनभोगी भी यह जानना चाहते हैं कि उनके खाते में कितनी पेंशन है और पेंशन समय से खाते में आई या नहीं। ईपीएफओ की ओर से जारी नया ऐप इन सभी जिज्ञासाओं को दूर करेगा। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अनिल कुमार प्रीतम ने बताया कि खाताधारक इस ऐप के जरिए अपना यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (यूएएन) भी एक्टिवेट कर सकेंगे।

अब ‘बैलून नेट’ से बरसेगा इंटरनेट, बीएसएनएल गूगल के सहयोग से शुरू करेगा सेवा

📌 एक हजार बैलून छोड़े जाएंगे आकाश में, खत्म होंगे मोबाइलटावर📌 कॉल ड्रॉप की समस्या से भी मिलेगा छुटकारा
घना जंगल हो या घनी आबादी वाला क्षेत्र, मोबाइल को भरपूर सिग्नल मिलेंगे, जिससे न सिर्फ बाधा रहित इंटरनेट चलेगा बल्कि कॉल ड्रॉप की समस्या भी समाप्त हो जाएगी। इसके लिए बीएसएनएल ने टावरों को हटाकर एक हजार बैलून आकाश में छोड़ने की शुरू कर दी है।
विश्व के कई विकसित देशों में जगह जगह पर लगे मोबाइल टावरों को हटाया जा रहा है। सेटेलाइट सिस्टम की तर्ज पर मोबाइल को सिग्नल उपलब्ध कराने के लिए आकाश में बैलून छोड़े जा रहे हैं। बैलून के अंदर मोबाइल को सिग्नल उपलब्ध कराने वाले उपकरण लगे होते हैं। यह उपकरण सौर उर्जा से संचालित होते हैं। एक बैलून से 30 से 40 किमी की दूरी तक मोबाइल को नेटवर्क उपलब्ध कराया जा सकता है तथा एक साथ एक लाख मोबाइल उपभोक्ता इंटरनेट चला सकते हैं व कॉल कर सकते हैं। हाईस्पीड से चलने वाले ब्रॉडबैंड सिस्टम से बैलून को जोड़ा जाता है। इसका नाम ‘बैलून नेट’ रखा गया है। इन्हें लगाने में गूगल बीएसएनएल को सहयोग करेगी।
फिलहाल, कंपनी एक हजार बैलून बीएसएनएल को उपलब्ध कराएगी। बैलून नेट स्थापित …

अमृत स्टोर में कैंसर व हृदय रोगों की दवाएं 60% तक सस्ती मिलेंगी

📌  स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि ‘अमृत’ स्टोर पर कैंसर की जेनरिक और ब्रांडेड दोनों तरह की 200 दवाएं उपलब्ध होंगी, जो औसतन 60 फीसद कम कीमतपर मिलेंगी। कुछ दवाएं 80 से 93फीसद सस्ती मिलेंगी।📌  सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएलएल ‘अमृत’ स्टोर संचालित करेगी। 15 दिन तक ट्रायल के बाद इस तरह के स्टोर देशभर के केंद्रीय अस्पतालों में शुरू करदिए जाएंगे।
📌  13,440 रुपये की दवा 889 में
कैंसर की कीमोथेरेपी में दी जाने वाली डोसीटेक्सेल की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) 13,440 रुपये है। यह ‘अमृत’ मेडिकल स्टोर पर 93 फीसद छूट के साथ 889 रुपये में मिलेगी।
नई दिल्ली : कैंसर और हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलय ने ‘अमृत’ योजना शुरू की है। एम्स में रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देश के पहले ‘अमृत’ मेडिकल स्टोर की शुरुआत की।
इस स्टोर पर कैंसर की 200 दवाएं और हृदय रोगियों के लिए स्टेंट, पेसमेकर सहित कुल 148 हार्ट इम्प्लांट व 186 दवाएं औसतन 60 फीसद सस्ती मिलेंगी। नतीजतन हृदय रोगियों की एंजियोप्लास्टी …

सब कुछ ठीक रहा तो जेएनयू में अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे नए कोर्स

नई दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में विगत दिनों हुई विद्वत परिषद की बैठक में कई कोर्सो को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। सबकुछ ठीक रहा तो जेएनयू अगले शैक्षणिक सत्र से फिल्म एंड टेलीविजन, कला इतिहास और थियेटर में तीन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करेगा।
जेएनयू के कुलपति एसके सोपोरी ने बताया कि विश्वविद्यालय अगले शैक्षणिक सत्र से तीन नए एमए पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। कला इतिहास और विजुअल स्टडीज में एमए, फिल्म, टेलीविजन एंड न्यू मीडिया स्टडीज में एमए, थियेटर एंड परफॉर्मेस स्टडीज में एमए पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।
विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद (एसी) ने हाल में हुई बैठक में इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने की अनुमति दे दी है। सोपोरी ने बताया कि द बोर्ड ऑफ स्टडीज ऑफ द स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स ने तीन पाठ्यक्रम शुरू करने की सिफारिश की थी।

इस प्रस्ताव को जुलाई में रखा गया था और परिषद के समक्ष रखने से पहले चर्चा के बाद बोर्ड ने इसे मंजूरी दी थी। ज्ञात हो कि पूर्व में योग से संबंधित पाठ्यक्रम पर्याप्त प्रारूप के अनुसार न होने के कारण पास नहीं हो पाए थे।

केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कमजोर छात्रों पर अधिक ध्यान देंगे शिक्षक

केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले उन विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है जो बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में बैठने जा रहे हैं। इन विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने विशेष रणनीति तैयार की है। इसके अंतर्गत हर छात्र को एक अलग पहचान देते हुए उसे एक श्रेणी में डाला गया है, ताकि उसे निर्धारित लक्ष्य पाने के लिए जरूरी सुविधाएं व सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।

संगठन का लक्ष्य है कि बीते साल की अपेक्षा इस बार बारहवीं बोर्ड के नतीजे बेहतर हों और संगठन के स्कूल 100 फीसद पास के आंकड़े को हासिल करें। केवीएस के आयुक्त संतोष कुमार मल्ल ने कहा कि हमारी कोशिश न सिर्फ पुरानी कमियों को दूर करने की है, बल्कि इस साल बारहवीं में 100 फीसद पास का आंकड़ा हासिल करना भी है। इसके लिए खासतौर पर विशेष योजना बना काम किया जा रहा है।
केवीएस ने सभी स्कूलों को कहा है कि वो अपने यहां बारहवीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करें। पहली श्रेणी उन विद्यार्थियों की है जो होनहार हैं। दूसरी श्रेणी में औसत छात्रों को रखा जाएगा। तीसरी श्रेणी उन छात्रों की है जो धीमी …

नए सत्र से साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में आध्यात्मिकता में छात्र कर सकेंगे पीएचडी

📣 एएमयू से अब आध्यात्मिकता में भी पीएचडीअलीगढ़ : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) नए सत्र से आध्यात्मिकता में पीएचडी कराएगा। विवि के साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।एएमयू के फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में पहले से ही योग में पीएचडी कराई जा रही है। नए सत्र से साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में आध्यात्मिकता में छात्र पीएचडी कर सकेंगे। इसके लिए एएमयू ने यूजीसी की सहमति से ‘सेल्फ एंड स्प्रिचुअलिटी’ कोर्स शुरू किया है। जिसमें योग के साथ आध्यात्मिक और धर्म से जुड़े विषय पढ़ाए जाएंगे। व्रत, साधना का महत्व बताया जाएगा।
साइकोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रो. अकबर हुसैन ने बताया कि इस सत्र से लागू किए गए च्वॉइस बेस्ड सिस्टम के तहत ‘सेल्फ एंड स्प्रिचुअलिटी’ कोर्स शुरू किया जा रहा है, जिसमें एमए अंतिम वर्ष के चतुर्थ सेमिस्टर के छात्र आध्यात्मिकता में पीएचडी कर सकेंगे। इसके लिए सीट निर्धारित नहीं की गई हैं।

मोबाइल पर मुफ़्त डाउनलोड करें पहली से बारहवीं तक की किताबें

📌 केंद्र ने लॉन्च किया ई-पाठशाला मोबाइल फोन एप, वेब पोर्टल📌 एनसीईआरटी की किताबें मुफ्त में कर सकेंगे डाउनलोडएनसीईआरटी की पहली से लेकर बारहवीं कक्षा तक की सभी किताबें मोबाइल फोन एप्लीकेशन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो गई हैं। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने ई पाठशाला नाम से मोबाइल फोन एप और वेबसाइट पोर्टल लांच कर दिया है। इस एप के जरिये एनसीईआरटी की किताबों को मुफ्त में डाउनलोड़ किया जा सकेगा। हिंदी और अंग्रेजी दोनों विषयों में सभी विषयों की किताबें उपलब्ध होंगी। पीडीएफ फारमेट में हर विषय की चैप्टर वाइज किताबें को डाउनलोड़ किया जा सकेगा। मोबाइल फोन एप लांच होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए भी राह आसान हो गई है। वेबसाइट पोर्टल के माध्यम से कंप्यूटर सिस्टम पर भी किताबों को डाउनलोड़ किया जा सकेगा।एनसीईआरटी की किताबों की तलाश में अब भटकने की जरूरत नहीं है। इंटरनेट कनेक्शन से जुड़े मोबाइल फोन के एक क्लिक पर कक्षा एक से लेकर जमा दो तक की किताबों को आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। इन किताबों को डाउनलोड कर आफ लाइन (बिना इंटरनेट कनेक्शन) भी पढ़ा जा सकता है। प्रिंट आउट निकाल कर किता…

भारत दुनिया का 7वां ‘वैल्यूड नेशन’ ब्रांड

• ब्रिक्स देशों में ब्रांड वैल्यू में बढ़ोतरी करने वाला भारत अकेला देशनई दिल्ली। भारत दुनिया का सातवां सबसे वैल्यूड नेशन ब्रांड बन गया है। ब्रांड फाइनेंस की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने अपनी ब्रांड वैल्यू में 32 फीसदी उछाल के साथ एक स्थान की बढ़त ली है। भारत की नेशनल ब्रांड वैल्यू 2.1 बिलियन डॉलर है। रिपोर्ट के अनुसार, 19.7 बिलियन डॉलर की वैल्यू के साथ अमेरिका शीर्ष पर है। इस सूची में चीन और जर्मनी क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।सूची में यूके को चौथा, जापान को पांचवां और फ्रांस को छठा स्थान हासिल हुआ है। हालांकि, भारत और फ्रांस ने अपने पिछले साल की पोजिशन में एक स्थान की बढ़त बनाई है। इसके अतिरिक्त सभी शीर्ष पांच देशों ने अपना स्थान बरकरार रखा है। हालांकि, भारत के नेशन ब्रांड में 32 फीसदी की उछाल सूची में शामिल शीर्ष 20 देशों में सबसे अधिक है। चीन ने अपनी ब्रांड वैल्यू में एक फीसदी की कमी के बावजूद 6.3 बिलियन डॉलर के साथ दूसरा स्थान बरकरार रखा है। ब्रांड फाइनेंस ने कहा कि दुनिया के 100 अग्रणी देशों के मजबूती और उनके नेशन ब्रांड को निर्धारित करने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी कंप…

लीजिये हाजिर है जूट की ज्वेलरी, न खोने का डर न चोरी की चिंता

सिर्फ150 रुपये से लेकर700तक है कीमतकोलकाता के कलाकारों की कसीदाकारी मोह रही मनज्वेलरी (आभूषण) किसी भी महिला का सबसे बड़ा सपना होता है। हो भी क्यों न, आखिर आभूषणों का आकर्षण है ही ऐसा। मगर इतनी कमर तोड़ महंगाई में सोने-चांदी के जेवरात खरीदना हर किसी के वश की बात नहीं है, जिसने खरीद भी लिया, वह उसके चोरी होने, खोने और झपटमारी की चिंता से हमेशा पहनने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।

ऐसे में अधिकांश दिलों में ज्वेलरी खरीदने और पहनने की इच्छाएं धरी की धरी रह जाती हैं, लेकिन अब बाजार में महिलाओं के लिए आ गई है जूट की बनी सस्ती और आकर्षक ज्वेलरी, जिसके न खोने का डर होता है और चोरी की चिंता होगी।

अब कोई भी महिला मनचाही ज्वेलरी पहनने का सपना पूरा कर सकती है। जूट से बनी ज्वेलरी की कीमत महज 150 से लेकर 700 रुपये तक है। नोएडा स्टेडियम के शिल्पोत्सव में कोलकाता के कलाकारों ने अपनी बेहतरीन कसीदाकारी से यह ज्वेलरी तैयार की है। महिलाएं इतनी कम कीमत में चंद्रहार, तरह-तरह के डिजाइन वाले नेकलेस व ईअर रिंग पहनने की हसरत पूरी कर सकती हैं।

आज से वेटिंग (प्रतीक्षारत) टिकट वाले यात्रियों को कंफर्म (आरक्षित) सीट देने की योजना शुरू

टिकट बुक कराते समय ‘विकल्प’ का करना होगा चुनाव
नई दिल्ली : रेल टिकट कंफर्म (आरक्षित) न होने से फिक्रमंद मुसाफिरों के लिए खुशखबरी। रेलवे एक नवंबर यानी आज से वेटिंग (प्रतीक्षारत) टिकट वाले यात्रियों को कंफर्म (आरक्षित) सीट देने की योजना शुरू करने जा रही है।


विकल्प नामक इस योजना के तहत वेटिंग टिकट वाले मुसाफिरों को उसी रूट पर चलने वाली अगली ट्रेन में कंफर्म सीट मिलेगी, बशर्ते उन्होंने इंटरनेट से टिकट बुक किया और इस विकल्प का चुनाव किया होगा। रेल मंत्रलय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंटरनेट के जरिये टिकट बुक कराते समय विकल्प योजना का चुनाव करना होगा। इसके बाद रेलवे मुसाफिर को उसके मोबाइल फोन पर वैकल्पिक ट्रेन में कंफर्म सीट दिए जाने का एसएमएस भेज देगा। इसके लिए कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और न ही शुल्क में अंतर होने पर कोई रिफंड की वापसी होगी।

सुविधा मिलने वाले यात्री का नाम उस ट्रेन की प्रतिक्षारत सूची में नहीं दर्ज होगा, जिसके लिए उसने टिकट बुक कराया होगा। जिस ट्रेन में यात्री को कंफर्म सीट मिलेगी, उसकी आरक्षित और प्रतिक्षारत सूचियों के साथ संलग्न एक अलग चार्ट में उनका नाम …

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के मददगार पाएंगे इनाम, पूछताछ के नाम पर पुलिस नहीं करेगी परेशान

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के मददगार पाएंगे इनाम अस्पताल पहुंचाने वालों को पूछताछ के नाम पर पुलिस नहीं करेगी परेशान प्रत्यक्षदर्शी हैं तो एक बार होगी पूछताछ  
सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वालों को अब सरकार इनाम देने जा रही है। सरकार ऐसे नियम बना रही है जिससे सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों को पुलिस पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित न कर सके। अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों से इलाज का पैसा भी नहीं मांगा जाएगा। मदद करने वालों को यदि पुलिस या प्रशासन के अफसर परेशान करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस बारे में एक अधिसूचना जारी कर दी है। इसे प्रदेश सरकार के पास भेजा गया है। प्रदेश सरकार इसी के अनुसार नियमावली बनाने में जुट गई है। सूबे का परिवहन विभाग ऐसी नियमावली बना रहा है ताकि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद के लिए ज्यादा से ज्यादा लोग आगे आएं। 
अब कोई भी व्यक्ति जो घायलों को पास के अस्पताल ले जाएगा उससे कोई भी प्रश्न नहीं पूछा जाएगा। सरकार मददगार नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें इनाम …

बच्चे बनाएंगे देश की एजुकेशन पॉलिसी, स्टूडेंट्स को भरना होगा ऑनलाइन फीडबैक फॉर्म, असेसमेंट प्रोसेस को लेकर भी मांगी राय

बच्चे बनाएंगे देश की एजुकेशन पॉलिसी स्टूडेंट्स को भरना होगा ऑनलाइन फीडबैक फॉर्म असेसमेंट प्रोसेस को लेकर भी मांगी राय 
नई दिल्ली : नैशनल एजुकेशन पॉलिसी-2016 तैयार करते समय स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की राय को भी अहमियत दी जाएगी। एचआरडी मिनिस्ट्री के निर्देश के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 6 से 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन फीडबैक फॉर्म तैयार किया है और इस फॉर्म में स्टूडेंट्स से 28 क्वेश्चन पूछे गए हैं। इन सवालों के जरिए स्कूल में इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर क्लासरूम टीचिंग, कोर्स कंटेंट, असेसमेंट प्रोसेस, एजुकेशन क्वॉलिटी से जुड़े सवाल पूछे गए हैं और स्टूडेंट्स की राय मांगी गई है। 
सीबीएसई ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि उनके स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स इस फीडबैक फॉर्म को फिल करें। स्टूडेंट्स की राय के बाद सीबीएसई एक डिटेल रिपोर्ट तैयार करेगी और उसे एचआरडी मिनिस्ट्री के पास भेजा जाएगा। 5 अक्टूबर तक यह फॉर्म सब्मिट करना है। स्किल बेस्ड एजुकेशन पर : जोर ऑनलाइन फीडबैक फॉर्म में 9वीं से 12वीं क्लास तक के स्टूडेंट्स के लिए कुछ खास क्वेश्च…