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अब मां का नाम भी दर्शाएगी यूपी बोर्ड की वेबसाइट

📌 वेबसाइट पर अपलोड होने वाले अंक पत्र में होगा परीक्षार्थी का पूरा ब्योरा
📌 सरकारी संस्थानों को प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए नहीं लगानी होगी दौड़

यूपी बोर्ड का अंक पत्र या प्रमाणपत्र शैक्षिक सूचनाओं का मजबूत दस्तावेज रहा है। बदलते समय के साथ ही इसमें परिवर्तन भी होते रहे हैं। इसी क्रम में बोर्ड ने एक अहम फैसला लेते हुए तय किया है कि छात्रों का ब्योरा वेबसाइट पर दर्ज करते समय मां का नाम भी दर्ज किया जाए। अभी यूपी बोर्ड सिर्फ मार्कशीट की हार्डकापी में मां का नाम दर्ज करता है।

यूपी बोर्ड के अंक पत्र व प्रमाणपत्र शैक्षिक दस्तावेज होने के साथ ही परीक्षार्थी की बायोग्राफी तक बताते हैं। इसमें नया कदम समय की मांग की देखते हुए बढ़ा है। तैयारी है कि अंक पत्र एवं प्रमाणपत्र पर दर्ज होने वाली हर सूचना वेबसाइट पर भी नजर आए। पिछले साल तक जो प्रमाणपत्र अपलोड हुए उनमें परीक्षार्थी की मां का नाम नहीं था। इस बार से वेबसाइट के साझा अंक पत्र व प्रमाणपत्र में मां का भी नाम होगा। जिससे दस्तावेजों के सत्यापन में सहूलियत होगी और आगे चलकर ऑनलाइन सत्यापन की ओर कदम बढ़ाए जा सकेंगे।

गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड हर साल हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में हर साल लाखों परीक्षार्थी शामिल होते हैं। बोर्ड पहले अभ्यर्थियों को अंक पत्र एवं प्रमाणपत्र अलग-अलग देता था, बाद में इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए अंक पत्र, प्रमाणपत्र साथ-साथ दिए जाने लगे। इसमें पिता का नाम एवं जन्मतिथि के साथ ही माता का नाम लिखा जाता है, लेकिन वेबसाइट पर जो साझा अंक पत्र व प्रमाणपत्र अपलोड किया जा रहा है उसमें मां का नाम दर्ज नहीं है। हालांकि 2016 से इस खामी को दूर कर लिया जाएगा। परिषद ने यह निर्देश दिया है कि जिस तरह का प्रमाणपत्र परीक्षार्थी को दिया जाता है, हूबहू वह सारी सूचनाएं वेबसाइट पर भी होनी चाहिए।

इसका सबसे अच्छा उपयोग सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने में हो सकेगा। इससे लाभ यह होगा कि सरकारी महकमे चाहें तो वेबसाइट  पर जाकर सीधे संबंधित वर्ष का परिणाम खुद जांच सकते हैं। यदि दावेदार के साझा अंकपत्र व प्रमाणपत्र एवं वेबसाइट पर दर्ज अंक या अन्य सूचनाओं में अंतर हो तो क्षेत्रीय कार्यालय या मुख्यालय पर भेजकर जांच कराई जा सकती है लेकिन जिनमें कोई अंतर नहीं है उन्हें भागदौड़ व जांच से राहत मिलेगी।

यूपी बोर्ड ने वर्ष 2003 से लेकर 2015 तक हाईस्कूल व इंटर उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्रओं के अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर रखा है। शुरुआत में वेबसाइट पर सारी सूचनाएं अपलोड नहीं हो सकी, उन्हें धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया। परिषद के अपर सचिव प्रमोद कुमार कहते हैं कि ऑनलाइन सत्यापन अच्छी एवं पारदर्शी प्रक्रिया है, इसीलिए वेबसाइट पर अपलोड होने वाली सूचनाओं को अपडेट किए जाने पर जोर दिया जा रहा है।

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खुशखबरी : सरकार ने पीपीएफ,एनएससी, सुकन्या समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ाई ब्याज दरें

खुशखबरी : सरकार ने पीपीएफ,एनएससी, सुकन्या समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ाई ब्याज दरें
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) व सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वालोंं के लिए केंद्र सरकार अच्छी खबर लाई है। उसने इनमें ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.4 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।  लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।



वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं।  पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।  हालांकि बचत जमा के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत बरकरार है।

■ पीपीएफ और एनएससी पर मौजूदा 7.6 प्रतिशत की जगह अब आठ प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज मिलेगा।■ किसान विकास पत्र पर अब 7.7 प्र…

अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

क्या है ERSS 112? अक्सर पूछे जाने योग्य प्रश्न

112 क्या है ? "112" संकट की स्थिति में डायल किया जाने वाली एक एकल आपातकालीन संख्या है जो अग्नि शमन ब्रिगेड, एक मेडिकल टीम या पुलिस से तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए भारत के सभी 36 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में 24 घंटे व सातो दिन कॉल की जा सकती है। आप एक स्थिर (लैंडलाइन) या मोबाइल फोन के साथ नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं। एकल आपातकालीन संख्या हर जगह मुफ़्त है।


112 ही क्यों? जब डायल 100 पहले से उपयोग में था? 112 एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त एकल आपातकालीन संख्या है, जो अधिकांश यूरोपीय देशों, राष्ट्रकुल देशो द्वारा अपनायी गयी है और संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में आपातकालीन संख्याओं से सम्बंधित की गयी है। अधिकांश निर्मित फोन हैंडसेट 112 संख्या के साथ प्री-प्रोग्राम (पहले से संयोजित ) होते हैं क्योंकि आपातकालीन संख्या एकल कुंजी (Key or Button ) दबाने के साथ डायल की जाती है। TRAI ने मई 2015 में भारत में एक आपातकालीन संख्या के उद्देश्य के लिए इस नंबर को आवंटित किया था।

112 एक आपात बटन (Panic Button) क्या है? और यह 112 से कैसे संबंधित है?
भारत सरकार द्वारा प्रकाशित राजपत्र के…