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केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कमजोर छात्रों पर अधिक ध्यान देंगे शिक्षक

केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले उन विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है जो बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में बैठने जा रहे हैं। इन विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने विशेष रणनीति तैयार की है। इसके अंतर्गत हर छात्र को एक अलग पहचान देते हुए उसे एक श्रेणी में डाला गया है, ताकि उसे निर्धारित लक्ष्य पाने के लिए जरूरी सुविधाएं व सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।

संगठन का लक्ष्य है कि बीते साल की अपेक्षा इस बार बारहवीं बोर्ड के नतीजे बेहतर हों और संगठन के स्कूल 100 फीसद पास के आंकड़े को हासिल करें। केवीएस के आयुक्त संतोष कुमार मल्ल ने कहा कि हमारी कोशिश न सिर्फ पुरानी कमियों को दूर करने की है, बल्कि इस साल बारहवीं में 100 फीसद पास का आंकड़ा हासिल करना भी है। इसके लिए खासतौर पर विशेष योजना बना काम किया जा रहा है।

केवीएस ने सभी स्कूलों को कहा है कि वो अपने यहां बारहवीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करें। पहली श्रेणी उन विद्यार्थियों की है जो होनहार हैं। दूसरी श्रेणी में औसत छात्रों को रखा जाएगा। तीसरी श्रेणी उन छात्रों की है जो धीमी गति से अध्ययन करते हैं और उनके प्रदर्शन को लेकर संशय है। इस तरह तीनों ही श्रेणियों के लिए बारहवीं बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी अलग-अलग तरीके से होगी और हर श्रेणी के लिए लक्ष्य भी अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। यानी तीनों ही श्रेणियों के विद्यार्थियों के लिए संगठन व स्कूल स्तर पर अलग-अलग नीति के तहत काम हो रहा है जिससे कि अंतिम परिणाम बेहतर हो। 

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वाट्सएप पर भेजे मैसेज अब वापस बुला सकेंगे, रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली सुविधा में मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प

सैन फ्रांसिस्को : वाट्सएप इस्तेमाल करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। मैसेजिंग एप जल्द ही भेजे गए मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प देने जा रहा है। ‘रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली इस सुविधा में यूजर को पांच मिनट तक किसी भी भेजे गए मैसेज को वापस लेने का मौका मिलेगा।



वाट्सएप या किसी भी मैसेजिंग एप पर कई बार गलती से किसी के लिए लिखा मैसेज दूसरे के नंबर पर चला जाता है। ऐसी स्थिति में पछताने के अलावा विकल्प नहीं बचता है। वाट्सएप पर आने वाले दिनों में इस मुश्किल का हल मिलने की उम्मीद है। वाट्सएप के नए फीचर जांचने वाली वेबसाइट ने इस बारे में जानकारी दी है।

नए साल में फ्री कॉल, BSNL भी अपने उपभोक्ताओं के लिए शुरू करेगा सेवा

☀ 2G व 3G उपभोक्ताओं को भी मिलेगा योजना का लाभ
कॉल वार में बीएसएनल ने भी कूदने की तैयारी कर ली है। यानी भारत संचार निगम लिमिटेड उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए नए साल में असीमित कॉल का तोहफा देगा। उपभोक्ताओं को डाटा रिचार्ज कराने पर फ्री कॉल की सुविधा दी जाएगी। इस योजना का लाभ टू जी व थ्री जी के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।


कंपनियों के बीच होड़ के चलते सस्ती कॉल के बाद उपभोक्ताओं को फ्री कॉल की सुविधा की दौड़ में बीएसएनएल भी शामिल होने जा रही है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने अपने 4-जी उपभोक्ताओं को फ्री नेटवर्क के साथ ही फ्री कॉल की भी सुविधा प्रदान की है। इसके जवाब में बीएसएनएल ने लैंड लाइन पर 249 रुपये में अनलिमिटेड हाई स्पीड ब्रॉडबैंड की सुविधा उपलब्ध कराई। इसके अलावा रविवार को 24 घंटे और अन्य दिनों में रात 9 बजे से सुबह सात बजे तक फ्री कॉल की सुविधा मुहैया करा रहा है। इस सब के बाद भी इस सरकारी कंपनी के मोबाइल उपभोक्ता फ्री कॉल की सुविधा से वंचित थे।


बीएसएनएल के प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने पत्र के माध्यम से बताया कि विदेश की तर्ज पर नये साल में मोबाइल उपभोक्ताओं को भी फ्री कॉल…

वास्तविक खुशी की खोज में गुजरात टॉपर वर्शील शाह बने जैन संत

नई दिल्ली : इस साल 12वीं की परीक्षा में 99.99 पर्सेटाइल हासिल करने वाले गुजरात के 17 वर्षीय वर्शील शाह जैन संत बन गए हैं। अब वह सादा जीवन बिताएंगे और जैन मुनि सुवीर्य रत्न विजयजी महाराज के नाम से जाने जाएंगे।


वर्शील की दीक्षा तापी नदी के किनारे सुबह चार बजे शुरू हुई। इससे पहले ब्रम्हमुहूर्त में ढोल नगाड़ों के साथ उनकी शाही सवारी निकाली गई। शाही सवारी दीक्षा मंच तक पहुंची। दीक्षा मंच पर कई जैन संतों की उपस्थिति में वर्शिल की दीक्षा की प्रक्रिया पूरी की गई। वर्शील की मां अमीबेन और पिता जिगरभाई शाह बेटे के फैसले से खुश हैं। जिगर शाह अहमदाबाद में आयकर विभाग में पदस्थ हैं। मां गृहिणी हैं।




वे ऐसे परिवार में पले-बढ़े हैं, जहां टीवी या रेफ्रिजरेटर नहीं है। बहुत जरूरी होने पर ही बिजली का उपयोग होता है, क्योंकि शाह परिवार का मानना है कि बिजली उत्पादन के दौरान कई जलीय जीव-जंतु मारे जाते हैं।
दीक्षा लेने से पहले वर्शील ने कहा था कि उनका लक्ष्य भौतिकवादी दुनिया की चीजों के पीछे भागना नहीं, अविनाशी शांति को पाना है। यह तभी संभव होगा जब वह अपने पीछे हर चीज को छोड़ जैन संत बनें। वह बचपन से ही वास्तवि…