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घर बैठे पढ़ें 50 जिलों का इतिहास, उत्तर प्रदेश के 50 और उत्तराखंड के 08 जिलों का गजेटियर हुआ ऑनलाइन

  • घर बैठे पढ़ें 50 जिलों का इतिहास

आप अपने अथवा प्रदेश के किसी भी जिले का इतिहास, उसकी सीमाओं को जानना चाह रहे हैं। या फिर किसी प्रतियोगी परीक्षा के लिए आपको जिला स्तरीय आंकड़ों की जरूरत है। संबंधित जिले का गजेटियर आपको ढूढ़े नहीं मिल रहा है, तो इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। 

 प्रदेश सरकार ने हाल ही में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 58 जिलों के गजेटियर को इंटरनेट पर उपलब्ध करा दिया है। जिन्हें आप घर बैठे ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। अतीत की इस थाती को यदि आप सहेजना चाहते हैं, तो इसे डाउनलोड भी कर सकते हैं।  प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश के 50 और उत्तराखंड के 08 जिलों के गजेटियर को ऑनलाइन किया है। जिनमें से मेरठ का गजेटियर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में है। इसके अलावा गाजियाबाद, ललितपुर, कानपुर देहात और फिरोजाबाद जिलों के गजेटियर हिन्दी में व शेष जिलों के गजेटियर अंग्रेजी में हैं। उत्तराखंड के यह जिले ऑनलाइन जिस समय गजेटियर लिखे गए थे, उस समय उत्तराखंड के जिले उत्तर प्रदेश में थे। इनके गजेटियर को भी प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन किया है। इनमें देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, पौढ़ी गढ़वाल व नैनीताल शामिल हैं। 


किसी भी स्थान का परिचय देने वाला सबसे अहम दस्तावेज गजेटियर होता है। जिले, प्रदेश एवं देश की यह एक महत्वपूर्ण धरोहर है, जो अतीत की जानकारी देता है। गजेटियर में संबंधित जिले, प्रदेश व देश की सीमाओं के साथ ही वहां की सांख्यिकी एवं अन्य आवश्यक व महत्वपूर्ण आकड़ों की जानकारी होती है। इसके माध्यम से संबंधित जिला, प्रदेश व देश के भूगोल के साथ ही उसके इतिहास, जनसंख्या, साक्षरता दर, जीडीपी सहित तमाम जानकारियां प्राप्त की जा सकती है।ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1803 में अपने अधिकारियों से भारत के बारे में जानकारियां मांगीं, उस समय 69 वर्षों बाद वर्ष 1872 में यह जानकारियां जुटाई जा सकीं। उस समय अंग्रेजी वर्णमाला के क्रमानुसार जिलों के गजेटियर तैयार किए गए। जिसे इंपीरियल गजट ऑफ इंडिया का नाम दिया गया।

गजेटियर का सांस्कृतिक व सामाजिक महत्व होता है। यह भविष्य की दिशा तय करने में मददगार होता है। प्रशासक के लिए एक मार्गदर्शक तो विद्यार्थियों, शोधार्थियों, विदेश पर्यटकों के लिए सन्दर्भ ग्रंथ एवं विशेषज्ञों के लिए सूचना का महत्वपूर्ण संकलन हैं। श्रवस्ती, सोनभद्र, महराजनगर, कुशीनगर, महोबा, मऊ, कौशाम्बी, अंबेडकरनगर, संत कबीरनगर, महामाया नगर, चदौंली, सिद्धार्थनगर, ज्योतिबाफूले नगर, गौतमबुद्ध नगर के गजेटियर तैयार हो रहे हैं। ऑनलाइन गजेटियर पढ़ने के लिए आपको ( गजेटियर.यूपी.एनआइसी.इन ) वेबसाइट पर जाना होगा। जहां पर संबंधित जिले पर क्लिक कर आप उस जिले का गजेटियर पढ़ सकते हैं। 

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वाट्सएप पर भेजे मैसेज अब वापस बुला सकेंगे, रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली सुविधा में मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प

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