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स्टूडेंट एमएसटी की दूरी 35 से बढ़ाकर 60 किमी की गई, छात्रों की मांग पर यूपी रोडवेज प्रशासन ने जारी किए आदेश

  • स्टूडेंट एमएसटी की दूरी 35 से बढ़ाकर 60 किमी की गई
  • छात्रों की मांग पर रोडवेज प्रशासन ने जारी किए आदेश
  • शिक्षा की राह में दूरी नहीं बनेगी रोड़ा

शिक्षा प्राप्ति की राह में दूरी बाधा नहीं बन सकेगी। अब छात्र और छात्रएं बेहतर शिक्षा के लिए परिवहन निगम की बसों से दूरस्थशिक्षण संस्थानों में पढ़ने जा सकेंगे। किराए पर उनका खर्च भी कम आएगा। परिवहन निगम मुख्यालय ने बसों में स्टूडेंट्स एमएसटी (मासिक यात्र पास) पर यात्र दूरी की सीमा 35 से बढ़ाकर 60 किलोमीटर कर दी है। इससे विद्यार्थियों को सहूलियत होगी।


 काफी अर्से से छात्र एमएसटी में दूरी की सीमा बढ़ाए जाने की मांग करते आ रहे थे। बीते माह परिवहन निगम मुख्यालय ने स्टूडेंट एमएसटी में दूरी बढ़ाने के संबंध में आदेश जारी कर दिया। परिवहन निगम की बसों में छात्रों को एमएसटी (मासिक यात्र पास) सुविधा उपलब्ध है जिसके जरिए छात्र साढ़े बारह दिन के किराए पर एक माह में 60 बार अपने घर से शिक्षण संस्थानों तक यात्र कर सकते हैं।  अभी तक छात्रों की एमएसटी पर 35 किलोमीटर दूरी की यात्र ही वैध थी। दूरी कम होने के कारण बहुत बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के छात्र दूर-दराज क्षेत्र स्थित शिक्षण संस्थानों में पढ़ने जाने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में लंबे समय से छात्र एमएसटी में किलोमीटर बढ़ाए जाने की मांग कर रहे थे।


विगत माह परिवहन निगम मुख्यालय में हुई बैठक में प्रबंध निदेशक मुकेश मेश्रम ने विद्यार्थियों के लिए एमएसटी की यात्र दूरी 35 से बढ़ाकर 60 किमी. करने का आदेश जारी किया।  अधिकारियों के मुताबिक विद्यार्थियों को एमएसटी बनवाने के लिए शिक्षण संस्थान से वहां का छात्र होने का प्रमाण पत्र बनवाना होगा।

परिवहन निगम मुख्यालय ने छात्र छात्रओं की सुविधा के मद्देनजर स्टूडेंट एमएसटी में यात्र दूरी 35 से बढ़ाकर 60 किलोमीटर कर दी है। परिवहन निगम विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए भी प्रतिबद्ध है। -के. बिजेंद्र पांडियन्, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक यूपी परिवहन निगम।

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खुशखबरी : सरकार ने पीपीएफ,एनएससी, सुकन्या समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ाई ब्याज दरें

खुशखबरी : सरकार ने पीपीएफ,एनएससी, सुकन्या समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ाई ब्याज दरें
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) व सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वालोंं के लिए केंद्र सरकार अच्छी खबर लाई है। उसने इनमें ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.4 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।  लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।



वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं।  पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।  हालांकि बचत जमा के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत बरकरार है।

■ पीपीएफ और एनएससी पर मौजूदा 7.6 प्रतिशत की जगह अब आठ प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज मिलेगा।■ किसान विकास पत्र पर अब 7.7 प्र…

अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

WhatsApp पर भूल कर भी न भेजें ऐसे वीडियो, बंद हो सकता है अकाउंट

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वॉट्सऐप ने कहा है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी काफी घिनौना है और हमारे प्लेटफॉर्म पर इसकी कोई जगह नहीं है

वॉट्सऐप ने कहा कि उसके मैसेंजिंग ऐप पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी की कोई जगह नहीं है और वह ऐसी कंटेंट्स को फैलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाता रहा है. इसमें यूजर्स की शिकायत के आधार पर अकाउंट्स बंद करना भी शामिल है.  



वॉट्सऐप ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी को 'घिनौना' करार देते हुए कहा कि वह एजेंसियों के अनुरोध पर इस तरह के अपराधों की जांच करेगा. व्हाट्सएप के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हम उन मैसेजेस को नहीं देख सकते हैं जो लोग एक-दूसरे को भेजते हैं, हम यूजर्स की शिकायत के आधार पर अकाउंट्स बंद करने समेत अन्य कदम उठा सकते हैं.' उन्होंने कहा कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी के लिये हमारे प्लेटफॉर्म पर कोई जगह नहीं है.

कंपनी की ओर से यह प्रतिक्रिया उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी के बाद आई है. न्यायालय ने गुरूवार को कहा कि केंद्र सरकार और दिग्गज इंटरनेट कंपनियां जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और फेसबुक बलात्कार, चाइल्ड पोर्नोग्राफी और आपत्तिजनक सामग्री को …