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जनता से जुड़ी सेवाएं अब आपकी एक क्लिक पर : अब मोबाइल से ही जन्म, मृत्यु, आय व जाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे


वह दिन दूर नहीं जब आप मोबाइल से ही जन्म, मृत्यु, आय व जाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे। यूपी सरकार इसके लिए मोबाइल एप सेवा शुरू करने जा रही है। प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा तैयार किए गए मोबाइल एप 'यूपी वन'  को भारत सरकार से विकसित राष्ट्रीय मोबाइल एप स्टोर पर होस्ट किया गया है। इसके लिंक को प्रदेश के स्टेट पोर्टल पर आम लोगों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

आईटी के इस युग में छोटे-मोटे काम के लिए लोगों के पास समय की बेहद कमी है। ऐसे में वे चाहते हैं कि उन्हें सभी सेवाएं आसानी से घर बैठे उपलब्ध हो जाएं। मौजूदा समय मोबाइल एप का है। बड़ी-बड़ी कंपनियां एप के सहारे अपनी सेवाएं लोगों को मुहैया करा रही हैं ताकि वे घर बैठे कार से लेकर रोजमर्रा की तमाम चीजें खरीद सकें। राज्य सरकार भी चाहती है कि जनता से सीधे जुड़े विभागों को मोबाइल एप से जोड़ दिया जाए, जिससे वे आसानी से अपना काम कर सकें। इससे विभागों को भी आसानी होगी।
प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स जीवेश नंदन ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों व जिलाधिकारियों को निर्देश भेजते हुए कहा है कि मोबाइल गवर्नेंस के माध्यम से शासकीय सेवाओं को उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है। इसके अंतर्गत राजस्व, नगर विकास, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, परिवहन, वाणिज्य कर आदि से जुड़ी सेवाएं मोबाइल एप पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

मोबाइल गवर्नेंस पूरी तरह से लागू होने के बाद एसएमएस, आईवीआरएस, मोबाइल एप, मोबाइल वेब बेस्ड इंटरफेस से शासकीय सेवाओं का लाभ लिया जा सकेगा। जिलाधिकारियों से कहा गया है कि उनके जिले में अगर इस क्षेत्र में काम किया गया है तो इसकी जानकारी उपलब्ध कराएं और अगर नहीं किया गया है तो इस पर काम शुरू करा दिया जाए।

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राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) व सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वालोंं के लिए केंद्र सरकार अच्छी खबर लाई है। उसने इनमें ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.4 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।  लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।



वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं।  पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।  हालांकि बचत जमा के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत बरकरार है।

■ पीपीएफ और एनएससी पर मौजूदा 7.6 प्रतिशत की जगह अब आठ प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज मिलेगा।■ किसान विकास पत्र पर अब 7.7 प्र…

अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

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