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भारतीय युवाओं का विश्व में बजा डंका : 30 साल से कम उम्र की प्रतिभाओं की फोर्ब्स की सूची में 44 भारतीय

  • 30 साल से कम उम्र की प्रतिभाओं की फोर्ब्स की सूची में 44 भारतीय
  •  भारतीय युवाओं का विश्व में बजा डंका

दुनिया के कोने-कोने में बसे भारतीय युवा हमेशा अपनी प्रतिभा से सबको चौंकाते रहे हैं। अब प्रतिष्ठित मैगजीन फोर्ब्स ने भी इनका लोहा मानते हुए 30 साल से कम उम्र की वैश्विक प्रतिभाओं की सालाना सूची में भारतीय मूल के 44 युवाओं को जगह दी है।  फोर्ब्स की तरफ से जारी चौथी सालाना सूची में 20 विभिन्न क्षेत्रों के 600 लोगों का नाम है। इनमें उपभोक्ता तकनीक, खुदरा व्यापार, मनोरंजन, विज्ञान, वित्त, मीडिया, सामाजिक उद्यम, कानून एवं नीति तथा औद्योगिक तकनीक से जुड़े लोग शामिल हैं। 

सूची में 44 नाम ऐसे भारतीय युवाओं और अन्य देशों के भारतवंशियों के हैं, जिन्होंने कम खर्च में पानी साफ करने की तकनीक से लेकर अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पर पहल जैसे उल्लेखनीय काम किए हैं। वेंचर कैपिटल की श्रेणी में रफ ड्राफ्ट वेंचर्स के सह संस्थापक 28 वर्षीय नितेश बंता का नाम है, जो नई कंपनी शुरू करने के लिए युवा उद्यमियों को 25,000 डॉलर तक की सहायता देते हैं। उपभोक्ता तकनीक के क्षेत्र में ‘ह्यूमिन’ एप बनाने वाले 24 वर्षीय अंकुर जैन का नाम शामिल किया गया है। 



सूची के अन्य भारतीय मूल के लोगों में हॉलीवुड के लिए रास्ता बनाने वाले अविनाश गांधी, खास तरह की बैसाखी बनाने वाले प्रार्थ उन्नावा, ओपन स्पॉन्सरशिप के संस्थापक इशवीन आनंद, बायोटेक क्षेत्र में काम कर रहे विजय चूड़ास्मा, शेफ वाटसन मशीन पर काम कर रहे विनीत मिश्र और हैकररैंक के सह संस्थापक विवेक रविशंकर जैसे नाम शामिल हैं। 

नासा द्वारा विकसित तकनीक पर आधारित कपड़े तैयार करने वाले अमन आडवाणी को भी सूची में जगह दी गई है। इनके बनाए कपड़े तापमान और नमी के हिसाब से खुद को व्यवस्थित कर लेते हैं। 16 वर्षीय दीपिका कुरुप को पानी साफ करने की उनकी कम खर्च वाली विशेष तकनीक के लिए सूची में जगह दी गई। सूची में विदेश में डंका बजाने वाले भारतीय मूल के युवाओं निखिल अग्रवाल, विक्रम अय्यर, नीरज अंटानी और राहुल रेखी के नाम भी शामिल हैं। वैश्विक स्तर पर सूची में हैरी पॉटर की अभिनेत्री व संयुक्त राष्ट्र की गुडविल एंबेसडर एमा वाटसन, अभिनेता जैक एफ्रोन, बास्केटबॉल खिलाड़ी जेम्स हार्डेन जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

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वाट्सएप पर भेजे मैसेज अब वापस बुला सकेंगे, रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली सुविधा में मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प

सैन फ्रांसिस्को : वाट्सएप इस्तेमाल करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। मैसेजिंग एप जल्द ही भेजे गए मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प देने जा रहा है। ‘रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली इस सुविधा में यूजर को पांच मिनट तक किसी भी भेजे गए मैसेज को वापस लेने का मौका मिलेगा।



वाट्सएप या किसी भी मैसेजिंग एप पर कई बार गलती से किसी के लिए लिखा मैसेज दूसरे के नंबर पर चला जाता है। ऐसी स्थिति में पछताने के अलावा विकल्प नहीं बचता है। वाट्सएप पर आने वाले दिनों में इस मुश्किल का हल मिलने की उम्मीद है। वाट्सएप के नए फीचर जांचने वाली वेबसाइट ने इस बारे में जानकारी दी है।

नए साल में फ्री कॉल, BSNL भी अपने उपभोक्ताओं के लिए शुरू करेगा सेवा

☀ 2G व 3G उपभोक्ताओं को भी मिलेगा योजना का लाभ
कॉल वार में बीएसएनल ने भी कूदने की तैयारी कर ली है। यानी भारत संचार निगम लिमिटेड उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए नए साल में असीमित कॉल का तोहफा देगा। उपभोक्ताओं को डाटा रिचार्ज कराने पर फ्री कॉल की सुविधा दी जाएगी। इस योजना का लाभ टू जी व थ्री जी के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।


कंपनियों के बीच होड़ के चलते सस्ती कॉल के बाद उपभोक्ताओं को फ्री कॉल की सुविधा की दौड़ में बीएसएनएल भी शामिल होने जा रही है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने अपने 4-जी उपभोक्ताओं को फ्री नेटवर्क के साथ ही फ्री कॉल की भी सुविधा प्रदान की है। इसके जवाब में बीएसएनएल ने लैंड लाइन पर 249 रुपये में अनलिमिटेड हाई स्पीड ब्रॉडबैंड की सुविधा उपलब्ध कराई। इसके अलावा रविवार को 24 घंटे और अन्य दिनों में रात 9 बजे से सुबह सात बजे तक फ्री कॉल की सुविधा मुहैया करा रहा है। इस सब के बाद भी इस सरकारी कंपनी के मोबाइल उपभोक्ता फ्री कॉल की सुविधा से वंचित थे।


बीएसएनएल के प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने पत्र के माध्यम से बताया कि विदेश की तर्ज पर नये साल में मोबाइल उपभोक्ताओं को भी फ्री कॉल…

वास्तविक खुशी की खोज में गुजरात टॉपर वर्शील शाह बने जैन संत

नई दिल्ली : इस साल 12वीं की परीक्षा में 99.99 पर्सेटाइल हासिल करने वाले गुजरात के 17 वर्षीय वर्शील शाह जैन संत बन गए हैं। अब वह सादा जीवन बिताएंगे और जैन मुनि सुवीर्य रत्न विजयजी महाराज के नाम से जाने जाएंगे।


वर्शील की दीक्षा तापी नदी के किनारे सुबह चार बजे शुरू हुई। इससे पहले ब्रम्हमुहूर्त में ढोल नगाड़ों के साथ उनकी शाही सवारी निकाली गई। शाही सवारी दीक्षा मंच तक पहुंची। दीक्षा मंच पर कई जैन संतों की उपस्थिति में वर्शिल की दीक्षा की प्रक्रिया पूरी की गई। वर्शील की मां अमीबेन और पिता जिगरभाई शाह बेटे के फैसले से खुश हैं। जिगर शाह अहमदाबाद में आयकर विभाग में पदस्थ हैं। मां गृहिणी हैं।




वे ऐसे परिवार में पले-बढ़े हैं, जहां टीवी या रेफ्रिजरेटर नहीं है। बहुत जरूरी होने पर ही बिजली का उपयोग होता है, क्योंकि शाह परिवार का मानना है कि बिजली उत्पादन के दौरान कई जलीय जीव-जंतु मारे जाते हैं।
दीक्षा लेने से पहले वर्शील ने कहा था कि उनका लक्ष्य भौतिकवादी दुनिया की चीजों के पीछे भागना नहीं, अविनाशी शांति को पाना है। यह तभी संभव होगा जब वह अपने पीछे हर चीज को छोड़ जैन संत बनें। वह बचपन से ही वास्तवि…