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डिजिटल भारत के तहत 2016 तक देश के सभी गांव ब्रॉडबैंड से जुड़ेंगे: ब्रॉडबैंड से जुड़ने वाला पहला राज्य केरल

डिजिटल भारत के तहत दिसंबर 2016 तक देश के सभी गांव ब्रॉडबैंड से जुड़ जाएंगे। हालांकि इस योजना को पूरा करने की समय सीमा 2015 तक ही थी लेकिन अब यह दिसंबर 2016 तक पूरा हो पाएगा। मार्च 2015 तक टेलीकम्युनिकेशन विभाग नेशनल ब्रॉडबैंड नेटवर्क प्लान के तहत 20 हजार अतिरिक्त गांवों तक ऑप्टिक फाइबर पहुंचा देगा। 

इसका सीधा मतलब यह हुआ कि उन गांवों में ब्रॉडबैंड के माध्यम से लोग इंटरनेट तक पहुंच जाएंगे। पूरा केरल ब्रॉडबैंड से जुड़ने वाला पहला राज्य केरल देश का पहला ऐसा राज्य होगा जहां मार्च के अंत तक सभी गांवों या शहरों में ऑप्टिक फाइबर का जाल बिछा दिया जाएगा। इसके बाद दक्षिणी राज्य कर्नाटक और सीमांध्रा पूरी तरह से ब्रॉडबैंड से लैस होगा।

केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पश्चिमी राज्य गुजरात और महाराष्ट्र में भी ऑप्टिक फाइबर बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। फाइबर बिछाने की बाधाओं को दूर किया जाएगा। सरकार नेशनल ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क योजना के तहत दिसंबर 2016 तक की समय सीमा के अंदर देश के सभी भागों तक ऑप्टिक फाइबर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

प्रारंभिक समय सीमा के तहत टेलीकम्युनिकेशन विभाग को 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में से 50 हजार ग्राम पंचायतों में इस साल के मार्च अंत तक ऑप्टिक फाइबर का जाल बिछाना था लेकिन विभाग समय-सीमा से बहुत पीछे है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस मामले में केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को यह समझना चाहिए कि इस योजना के तहत उन्हें ही सबसे ज्यादा फायदा होना है। इसलिए आवाजाही से संबंधित जो भी समस्याएं हैं, उसे दूर करना चाहिए। डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकाम के अधिकारियों के मुताबिक इस योजना से संबंधित ज्यादातर बाधाओं को दूर कर लिया गया है। 

सरकार की महत्वाकांक्षी 1.13 लाख करोड़ की डिजीटल भारत योजना के लिए नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क रीढ की हड्डी है। इस योजना के तहत सरकार देश की आर्थिक और सामाजिक सेवाओं में ब्रॉडबैंड के माध्यम से क्रांति लाना चाहती है। अगर यह योजना पूरी तरह से क्रियान्वित हो गई तो नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क प्रत्येक ग्राम पंचायत में 100 एमबीपीएस (मेगाबाइट प्रति सेकेंड) की दर से ब्रॉडबैंड सुविधा बहाल हो जाएगी। 

फाइबर बिछाने के लिए 30 हजार करोड़ऑप्टिक फाइबर बिछाने का काम डिजीटल इंडिया वाली योजना के तहत किया जा रहा है जिसे भारत ब्रॉडबैंड लिमिटेड द्वारा पूरा किया जा रहा है। भारत सरकार ने 2011 में इस योजना की मंजूरी दी थी। देश भर में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए सरकार ने 20 हजार करोड़ यानी 200 अरब रुपये की व्यवस्था की थी लेकिन अब यह रुपये कम पड़ गए हैं और इसमें 1000 करोड़ और लगने की संभावना है। 

सभी घरों तक पहुंचेगा ऑप्टिकल फाइबर इस योजना के तहत अब देश में प्रत्येक गांव के सभी घरों तक ऑप्टिक फाइबर पहुंचाया जाएगा। सभी घरों तक फाइबर को पहुंचाने के लिए सरकार नेशनल हाईवे और राज्य हाईवे पर पहले से फाइबर के लिए व्यवस्था करने को कहा है। संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने परिवहन मंत्री नीतिन गड़करी से भी आग्रह किया है कि नए हाई-वे के निर्माण के साथ ऑप्टिक फाइबर बिछाने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा संचार विभाग देश के सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे जिसमें गांव के सभी घरों तक नाले या सीवेज पाइप के माध्यम से ऑप्टिक फाइबर पहुंचाने की सुविधा बहाल करने के लिए कहेंगे।

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