• सब्जी की तरह खरीदें रेल टिकट
  • घर पहुंचने पर दीजिए ई-टिकट का किराया
  • आईआरसीटीसी ने शुरू की कैश ऑन डिलीवरी की यह सुविधा 
  • 40 रुपये डिलीवरी चार्ज स्लीपर क्लास के टिकट के लिए देना होगा
  • 60 रुपये डिलीवरी चार्ज किसी भी एसी क्लास के लिए लिया जाएगा 

स्टेशनों के काउंटर पर कतार लगाकर टिकट नहीं खरीद सकते। न ही रिजर्व टिकट के लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करना चाहते हैं। इंटरनेट बैंकिंग के जरिए भुगतान करने से भी बचना चाहते हैं। ऐसे लोगों के लिए आईआरसीटीसी ने नई सुविधा शुरू की है। इसका इस्तेमाल कर यात्री शाक-सब्जी की तरह रेलवे का आरक्षित टिकट भी खरीद सकते हैं। रेलवे ने आई-टिकटिंग की तरह कैश ऑन डिलेवरी (सीओडी) सेवा शुरू की है। हालांकि, इस सुविधा का लाभ उठाने वाले यात्रियों को वातानुकूलित श्रेणी के टिकटों की बुकिंग पर 60 रुपये और स्लीपर श्रेणी के टिकटों पर 40 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। स्मार्ट फोन धारकों के लिए यह इसलिए भी सुविधाजनक है कि सभी प्लेटफार्म पर इन टिकटों की बुकिंग कर्राई जा सकती है।

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन अब तक आई-टिकटों की डिलेवरी कैश ऑन डिलेवरी करता रहा है लेकिन अब यह सुविधा ई-टिकटों पर भी लागू कर दी गई है। कारपोरेशन के पीआरओ संदीप दत्ता के मुताबिक इसके लिए मेसर्स एंड्यूरिल टेक्नालॉजी प्रा. लिमिटेड से समझौता किया गया है। कंपनी ने बुकमाईट्रेन.कॉम बेवसाइट और और ऐप बनाया है। इसके जरिए कैश ऑन डिलेवरी सुविधा दी जाएगी। स्मार्ट फोन के उपभोक्ता किसी भी प्लेटफार्म पर हों, यह सुविधा उठा सकते हैं।


उपभोक्ता एंड्रायड, विंडोज, ब्लैकबेरी और आईओएस प्लेटफार्म वाले मोबाइल पर बुकमाईट्रेन एप डाउनलोड कर सकते हैं। शुरूआती दौर में यह सेवा 200 से अधिक शहरों या नगरों में शुरू कर दी गई है। शर्त यह है कि यात्रियों को यात्रा शुरू करने के पांच दिन पहले ही टिकट बुक कराने होंगे।