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क्या है ERSS 112? अक्सर पूछे जाने योग्य प्रश्न


"112" संकट की स्थिति में डायल किया जाने वाली एक एकल आपातकालीन संख्या है जो अग्नि शमन ब्रिगेड, एक मेडिकल टीम या पुलिस से तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए भारत के सभी 36 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में 24 घंटे व सातो दिन कॉल की जा सकती है। आप एक स्थिर (लैंडलाइन) या मोबाइल फोन के साथ नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं। एकल आपातकालीन संख्या हर जगह मुफ़्त है।




112 एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त एकल आपातकालीन संख्या है, जो अधिकांश यूरोपीय देशों, राष्ट्रकुल देशो द्वारा अपनायी गयी है और संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में आपातकालीन संख्याओं से सम्बंधित की गयी है। अधिकांश निर्मित फोन हैंडसेट 112 संख्या के साथ प्री-प्रोग्राम (पहले से संयोजित ) होते हैं क्योंकि आपातकालीन संख्या एकल कुंजी (Key or Button ) दबाने के साथ डायल की जाती है। TRAI ने मई 2015 में भारत में एक आपातकालीन संख्या के उद्देश्य के लिए इस नंबर को आवंटित किया था।

भारत सरकार द्वारा प्रकाशित राजपत्र के अनुसार, 1 जनवरी 2017 (1 अप्रैल 2017 से लागू ) के बाद बेचे गए सभी स्मार्ट फोनों में पैनिक बटन की कार्यक्षमता होगी जो स्मार्ट फोन के मामले में 3 बार लगातार पावर बटन दबाकर सक्रिय किया जाएगा और फीचर फोन में इसी क्षमता को संख्यात्मक कुंजी 5 या 9 के लगातार दबाने पर सक्रिय किया जाएगा। यह आपात बटन (Panic Button) आपातकालीन संख्या 112 को स्वचालित रूप से डायल कर देगा ।

आप सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों से अपने मोबाइल फोन के साथ आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं।.




आप जिस राज्य की भाषा बोलते हैं उसी में आप बात कर सकते हैं। यदि आप यात्रा के दौरान तत्कालीन राज्य की भाषा को नहीं बोलते हैं, तो आप उदाहरण के लिए अंग्रेजी / हिंदी में आवश्यक जानकारी प्रदान कर सकते हैं। अंग्रेजी / हिंदी सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली भाषाएं हैं; 36 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में आप अंग्रेजी / हिंदी में सहायता प्राप्त कर सकते हैं। कुछ राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में आप पड़ोसी राज्य की भाषा में भी प्रयास कर सकते हैं।.




जब आप भारत में हों तो आप आपातकालीन कॉल के लिए 112 या 100 पर भी कॉल कर सकते हैं। संख्या 100 के माध्यम से आप की काल वहीँ पहुँचती हैं। जब आपको अग्निशामक दल या एम्बुलेंस की आवश्यकता होती है, तो आप इस प्रकार आपातकालीन संख्या 112 (या 100) को ही कॉल करते हैं। जब आप पुलिस के लिए भारत में आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करते हैं, तो आपको आपातकालीन नंबर 100 पर रीडायरेक्ट किया जाता है। इस वजह से, कई नंबर डायल करने से अनावश्यक पेचीदगी तथा मूल्यवान समय बचाया जाता है।




जब आप को अचानक अग्निशामक, एक एम्बुलेंस या पुलिस की आवश्यकता होती है तो आप 112 या 100 पर कॉल कर सकते हैं। यदि कोई तात्कालिकता नहीं है, तो आप स्थानीय अग्निशामक, प्राथमिक चिकित्सालय या स्थानीय पुलिस थाने को भी सूचित कर सकते हैं।.




आप आपातकालीन संख्या 112 के माध्यम से यूरोपीय संघ के 28 सदस्य देशों में तत्काल सहायता के लिए कॉल कर सकते हैं। ये सदस्य राज्य हैं: बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस, डेनमार्क, जर्मनी, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, ग्रीस, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लातविया, लिथुआनिया, लक्समबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवेनिया, स्लोवाकिया, स्पेन, चेक गणराज्य, यूनाइटेड किंगडम और स्वीडन। निम्नलिखित देशों में आपातकालीन संख्या 112 भी सक्रिय है: इज़राइल, नॉर्वे, रूस, तुर्की और स्विट्ज़रलैंड।

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खुशखबरी : सरकार ने पीपीएफ,एनएससी, सुकन्या समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ाई ब्याज दरें

खुशखबरी : सरकार ने पीपीएफ,एनएससी, सुकन्या समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ाई ब्याज दरें
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) व सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वालोंं के लिए केंद्र सरकार अच्छी खबर लाई है। उसने इनमें ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.4 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।  लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।



वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं।  पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।  हालांकि बचत जमा के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत बरकरार है।

■ पीपीएफ और एनएससी पर मौजूदा 7.6 प्रतिशत की जगह अब आठ प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज मिलेगा।■ किसान विकास पत्र पर अब 7.7 प्र…

अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

WhatsApp पर भूल कर भी न भेजें ऐसे वीडियो, बंद हो सकता है अकाउंट

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वॉट्सऐप ने कहा है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी काफी घिनौना है और हमारे प्लेटफॉर्म पर इसकी कोई जगह नहीं है

वॉट्सऐप ने कहा कि उसके मैसेंजिंग ऐप पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी की कोई जगह नहीं है और वह ऐसी कंटेंट्स को फैलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाता रहा है. इसमें यूजर्स की शिकायत के आधार पर अकाउंट्स बंद करना भी शामिल है.  



वॉट्सऐप ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी को 'घिनौना' करार देते हुए कहा कि वह एजेंसियों के अनुरोध पर इस तरह के अपराधों की जांच करेगा. व्हाट्सएप के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हम उन मैसेजेस को नहीं देख सकते हैं जो लोग एक-दूसरे को भेजते हैं, हम यूजर्स की शिकायत के आधार पर अकाउंट्स बंद करने समेत अन्य कदम उठा सकते हैं.' उन्होंने कहा कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी के लिये हमारे प्लेटफॉर्म पर कोई जगह नहीं है.

कंपनी की ओर से यह प्रतिक्रिया उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी के बाद आई है. न्यायालय ने गुरूवार को कहा कि केंद्र सरकार और दिग्गज इंटरनेट कंपनियां जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और फेसबुक बलात्कार, चाइल्ड पोर्नोग्राफी और आपत्तिजनक सामग्री को …