Skip to main content

ड्यूटी के दौरान वाट्सएप नहीं चलाएंगे रेलवे कर्मी, उत्तर रेलवे के बाद सभी जोन में लागू होगा यह आदेश

एसएम, गार्ड, प्वाइंटमैन, चालक, गेटमैन, टीटीई पर होगा लागू

कानपुर: आएदिन हो रहे रेल हादसों पर अंकुश लगाने के लिए उत्तर रेलवे ने संरक्षा से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों के वाट्सएप पर ड्यूटी के दौरान रोक लगा दी है। फिलहाल ये दिशा निर्देश अभी उत्तर रेलवे ने जारी किए हैं लेकिन जल्द ही देश के सभी जोन में ये लागू होगा।

उत्तर रेलवे के सीनियर डिविजनल आपरेटिंग मैनेजर ने 25 सितंबर 2017 को लिखे अपने पत्र में ये निर्देश अधीनस्थ अधिकारियों को दिए हैं। इसमें कहा गया है कि संरक्षा से जुड़े अधिकारी व कर्मी अपनी ड्यूटी को गंभीरता से लें। सर्वे में पाया गया है कि संरक्षा से जुड़े अधिकारी व कर्मी ड्यूटी के दौरान भी वाट्सएप पर लगे रहते हैं। ऐसे में ट्रेन गार्ड, स्टेशन मास्टर, टिकट निरीक्षक, प्वाइंटमैन, गेटमैन, गैंगमैन व कीमैन वाट्सएप नहीं चलाएंगे।

चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी वाट्सएप ड्यूटी के दौरान चलाते मिला तो सख्त कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष में कई रेल हादसों से रेल अधिकारी सहमे हैं और संरक्षा से जुड़े हर प्वाइंट को मजबूत करना चाहते हैं। दिल्ली हावड़ा मुख्य रेलमार्ग पर ट्रेनों की संख्या इतनी अधिक है कि नजर चूकते ही दुर्घटना होना तय है, ऐसे में चालकों की सतर्कता के लिए उनके वाट्सएप पर भी रोक लगेगी।

चालकों को रखनी होती ये सतर्कता : चालकों को सामने अपने ट्रैक, बगल के ट्रैक, गार्ड के वाकाटाकी, स्टेशन मास्टर से बातचीत, कौन सा सिग्नल किस रंग का है, स्टेशन की दूरी कितनी है, सामने से आ रही ट्रेन किस पटरी पर है, आदि पर नजर रखनी होती है।

रेल हादसे रोकने को संरक्षा पर विशेष नजर रखने के निर्देशये निर्देश उत्तर रेलवे ने जारी किया होगा। उत्तर मध्य जोन में अभी ऐसा कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है, आएगा तो इसे लागू कराया जाएगा।- गौरव कृष्ण बंसल, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य जोन

Popular posts from this blog

अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

■ घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह ट्रांसप्लांट होगा संभव
■ देश में दिन प्रतिदिन बढ़ रही मरीजों की संख्या

लखनऊ स्थित बाबा साहब भीम राव अंबेडकर विवि के प्राणि विज्ञान विभाग के प्रयोगशाला में कृत्रिम गुर्दे पर अध्ययन चल रहा है। अंबेडकर विवि के कुलपति प्रो.आरसी सोबती के अनुसार यह प्रयोग मृत जानवर (भैंस-बकरी) के शरीर के अंगों में किया जा रहा है। मनुष्य की जीवित कोशिकाओं को मृत जानवर के शरीर में प्रविष्ट कर उसे निर्धारित तापमान एवं अवधि …

वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं बताएगा रेलवे, बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं

ट्रेन का आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि यह कन्फर्म होगा या नहीं। इस परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे व्यवस्था करने जा रहा है। इसके तहत आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर स्क्रीन पर यह भी दिखाया जाएगा कि सीट कन्फर्म होगी या नहीं। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए सेंटर फॉर रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) को सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा है।


■ बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं
■ क्रिस को साफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा गया


ट्रेनों में बीच के स्टेशनों का सीट का कोटा होता है। उस स्टेशन से कोई यात्री टिकट नहीं लेता है तो वेटिंग वाले यात्रियों को बर्थ उपलब्ध करने का प्रावधान है। इसके अलावा कई अन्य श्रेणी का भी कोटा होता है। इसके भी फुल नहीं होने पर वेटिंग वाले यात्री को बर्थ दी जाती है। वीआइपी कोटा छोड़ दें तो अधिकांश श्रेणी के आरक्षित बर्थ खाली रहती हैं। यही कारण है कि भीड़ के समय भी स्लीपर में सौ वेटिंग तक होने के बाद भी सीट कन्फर्म हो जाता है। लेकिन समस्या टिकट लेते समय होती है। व्यक्ति वेटिंग टिकट ले तो लेता है लेकिन उसे यह आइ…