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Showing posts from February 7, 2016

नई पहल : खुले में शौच गए तो हुक्का-पानी बंद

बिजनौर : यह सामूहिक और सकारात्मक सोच का परिणाम है तो कई अर्थो में स्वच्छता के प्रति संकल्प भी। खुले में शौच जाने पर रोक लगाने को लेकर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिला स्थित गांव चांदपुर नौआबाद के स्वच्छता दूतों ने एकमत होकर ऐलान कर दिया है कि खुले में शौच जाने वाले परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया जाएगा।


पिछले दिनों जिला प्रशासन ने खुले में शौच जाने पर पूरी तरह रोक लगाने की पहल की और वह भी जागरूक गांव वालों की शिकायत पर। जिलाधिकारी ने इस पर प्रशासन का पूरा सहयोग देने का ऐलान कर दिया था। पहले चरण में मोहम्मदपुर देवमल ब्लाक के चांदपुर नौआबाद, कच्छपुरा, तैमरपुर दीपा और राघोरामपुर गांव का चयन किया गया। गुरुवार शाम अधिकारियों की टीम इन गांवों में पहुंची और महिला-पुरुष और बच्चों की अलग-अलग टोलियां बनाई गईं। इनमें शामिल सदस्यों को स्वच्छता दूत नाम देकर जिम्मेदारी दी गई कि यदि कोई ग्रामीण खुले में शौच जाता है तो सीटी बजाकर या फिर उसके मुंह पर टार्च की रोशनी मारकर नैतिक रूप से उसे एहसास कराएं कि यह सामाज के प्रति अपराध है।



इसी रणनीति के तहत सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, डीडीओ एके निगम, डीपीआरओ मनीष …

प्रमाण पत्रों व दस्तावेजों में मां का नाम भी होगा अब दर्ज

📌 पिता के साथ ही मां को भी बराबर का सम्मान दिलाने की कवायद
लखनऊ। जल्द ही सरकारी अभिलेखों व प्रमाण पत्रों में पिता के साथ ही मां का भी नाम दर्ज किया जाएगा। सरकार पिता के साथ ही मां को भी बराबर का सम्मान दिलाने के लिए यह नई व्यवस्था करने जा रही है। अभी तक केवल शैक्षिक प्रमाण पत्रों में ही पिता के साथ मां का नाम दर्ज किया जाता है।

समय-समय पर कुछ संगठन सरकारों से मां का नाम भी सरकारी अभिलेखों में दर्ज करने की मांग करते रहे हैं। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार अब सरकारी अभिलेखों व प्रमाण पत्रों में पिता के साथ ही मां का भी नाम दर्ज करने की व्यवस्था करने जा रही है। ड्राइविंग लाइसेंस, परिचय पत्र, बैंकों के पास-बुक, हथियार लाइसेंस, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों व अभिलेखों में अनिवार्य रूप से मां का भी नाम दर्ज किया जाएगा। महिला कल्याण विभाग ने इसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द ही इसके आदेश जारी होने वाले हैं। इसके लागू होते ही सभी विभागों को अनिवार्य रूप से अभिलेखों व प्रमाणपत्रों में मां का नाम भी दर्ज करना होगा।

शोधपत्र प्रकाशित कराने पर मिल जाएगी नेट से छूट

केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. राम शंकर कठेरिया से नेट में छूट दिए जाने के आश्वासन मिलने के बाद पीएचडी धारकों के लिए बड़ी अच्छी खबर है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की ओर से 24 जुलाई 2015 को विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में नेट से छूट के लिए गठित प्रो. अरुण निग्वेकर समिति में आपसी सहमति बन गई है। नेट से छूट देने पर 2009 के पहले पीएचडी करने अथवा पंजीकरण करवाने वाले लगभग नौ लाख पीएचडी धारकों को राहत मिल सकती है।  समिति की बैठक में अच्छे रिसर्च जर्नल्स में शोधपत्रों के प्रकाशन कराने वाले अभ्यर्थी को नेट से छूट देने पर सहमति बनी है।


मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से गठित कमेटी की बुधवार को हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि पीएचडी धारकों को नेट से छूट कुछ शर्तों के साथ दी जाए। सूत्रों का कहना है कि समिति ने फैसला किया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यूजीसी के पूर्व चेयरमैन की अध्यक्षता में गठित समिति ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में तदर्थ शिक्षकों के मानदेय में भी बढ़ोत्तरी की…