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Showing posts from January 24, 2016

एसएमएस से जानें, वाहन का मालिक कौन, परिवहन विभाग की नई सुविधा

📌  परिवहन विभाग की नई सुविधा, 7738299899 पर भेजें मैसेजलखनऊ । अब परिवहन विभाग के मोबाइल नंबर 7738299899 पर महज एक एसएमएस कर किसी भी वाहन के मालिक का नाम पता किया जा सकता है। यही नहीं, वाहन के लिए किस बैंक ने फाइनेंस किया है, इसकी भी जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परिवहन आयुक्त के. रवींद्र नायक ने शुक्रवार को बताया कि जनता की सुविधा के लिए वाहन-4 सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। इसका सीधा कनेक्शन परिवहन मंत्रालय के वाहन के नेशनल रजिस्टर से होगा। इस सुविधा का ट्रायल शुरू हो चुका है। जल्द ही इसकी विधिवत घोषणा की जाएगी।
मैसेज बॉक्स में VAHAN लिखकर स्पेस दें। फिर वाहन नंबर सीरीज कैपिटल लेटर में लिखकर दिए गए मोबाइल नंबर पर भेज दें। इसके तत्काल बाद वाहन के मालिक व रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी का एसएमएस मिल जाएगा।

मजदूरों को दस रुपये में मिलेगा दोपहर का खाना

लखनऊ : लंबे अर्से से प्रतीक्षारत मजदूरों को कार्यस्थल पर दोपहर का भोजन देने की योजना मार्च के अंतिम सप्ताह तक लागू होने की संभावना है। मजदूरों को दोपहर का भोजन देने का करार आईआरसीटीसी ने उप्र भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड से किया है। पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में यह योजना लखनऊ में चार कार्य स्थलों से शुरू होगी।  करार के तहत आईआरसीटीसी मजदूरों को भोजन के लिए दो मैन्यू देगा। दोपहर का यह भोजन उन्हीं मजदूरों को दिया जाएगा, जो बोर्ड में रजिस्टर्ड हैं।

खाने के दो मैन्यू :
करार के तहत मजदूरों के लिए भोजन के दो मैन्यू होंगे। एक में छह रोटी, दो सब्जी, गुड़, सलाद, अचार व मिर्च, जबकि दूसरे मैन्यू में दाल, चावल (400 ग्राम), गुड, सलाद, अचार और मिर्च होगी। एक दिन के भोजन के लिए मजदूर को दस रुपये देने होंगे, जबकि श्रम विभाग द्वारा संचालित कर्मकार बोर्ड 32 रुपये प्रति मजदूर आईआरसीटीसी को सबसिडी देगा। आईआरटीसीटी भोजन एल्युमिनियम पैक में देगी, लेकिन उनके वितरण, एक दिन पहले उसका मजदूर से पैसा जमा करवाना और कूड़े के डिस्पोजल की व्यवस्था कार्यदायी संस्था को करनी होगा। 

चारजगह से शुरुआत :
प्रमुख सचिव श…

अब मां का नाम भी दर्शाएगी यूपी बोर्ड की वेबसाइट

📌 वेबसाइट पर अपलोड होने वाले अंकपत्र में होगा परीक्षार्थी का पूरा ब्योरा
📌 सरकारी संस्थानों को प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए नहीं लगानी होगी दौड़
यूपी बोर्ड का अंक पत्र या प्रमाणपत्र शैक्षिक सूचनाओं का मजबूत दस्तावेज रहा है। बदलते समय के साथ ही इसमें परिवर्तन भी होते रहे हैं। इसी क्रम में बोर्ड ने एक अहम फैसला लेते हुए तय किया है कि छात्रों का ब्योरा वेबसाइट पर दर्ज करते समय मां का नाम भी दर्ज किया जाए। अभी यूपी बोर्ड सिर्फ मार्कशीट की हार्डकापी में मां का नाम दर्ज करता है।

यूपी बोर्ड के अंक पत्र व प्रमाणपत्र शैक्षिक दस्तावेज होने के साथ ही परीक्षार्थी की बायोग्राफी तक बताते हैं। इसमें नया कदम समय की मांग की देखते हुए बढ़ा है। तैयारी है कि अंक पत्र एवं प्रमाणपत्र पर दर्ज होने वाली हर सूचना वेबसाइट पर भी नजर आए। पिछले साल तक जो प्रमाणपत्र अपलोड हुए उनमें परीक्षार्थी की मां का नाम नहीं था। इस बार से वेबसाइट के साझा अंक पत्र व प्रमाणपत्र में मां का भी नाम होगा। जिससे दस्तावेजों के सत्यापन में सहूलियत होगी और आगे चलकर ऑनलाइन सत्यापन की ओर कदम बढ़ाए जा सकेंगे।

गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षा…