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Showing posts from November 22, 2015

यूपी ट्रैफिक एप बताएगा किस रूट पर है जाम, यातायात नियमों के प्रति भी करेगा जागरूक

लखनऊ। यदि आप घर से निकल रहे हैं तो आपको समय से अपने गंतव्य पर पहुंचने को लेकर अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। किस रूट पर जाम है, कहां वीवीआईपी मूवमेंट है, कौन-सा रूट ब्लॉक है। इसकी जानकारी अब आपके स्मार्ट फोन पर मिल सकेगी। यह सब ‘यूपी ट्रैफिक एप’ से संभव हो सकेगा।
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, शहरों में बढ़ते यातायात दबाव व जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए यातायात निदेशालय ने मोबाइल एप ‘यूपी ट्रैफिक एप’ तैयार कराया है। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम के तहत इसे जल्द ही लॉन्च करने की तैयारी है। एडीजी ट्रैफिक अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि इसमें लखनऊ समेत 12 शहरों को चुना गया है। इन शहरों के ट्रैफिक को गूगल मैप पर लाइव करने के लिए गूगल के अधिकारियों से संपर्क किया गया है। हाईटेक ट्रैफिक कंट्रोल रूम को गूगल के सर्वर से जोड़ा जाएगा। इससे इन शहरों के ट्रैफिक की पल-पल की जानकारी मिलती रहेगी। रूट डायवर्जन होने व जाम की स्थिति में मैसेज आ जाएगा। इसके लिए लोगों को अपना मोबाइल नंबर हाईटेक ट्रैफिक कंट्रोल रूम में रजिस्टर कराना होगा।
यातायात नियमों के प्रति भी करेगा जागरूक
एप के जरिये लोगों को ट्रैफिक नि…

अब स्कूलों में ही बन सकेगा जाति और निवास प्रमाणपत्र

जाति प्रमाणपत्र बनाने में आने वाली कठिनाइयां अब जल्द ही दूर हो जाएंगी। केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों का प्रमाणपत्र स्कूल में ही बनवाने का मसौदा तैयार किया है। राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों से इस पर 21 दिसंबर तक सुझाव मांगे गए हैं। इसके अलावा जन्म प्रमाणपत्र पर ही जाति का उल्लेख करने का भी प्रस्ताव है।कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा तैयार नए दिशा-निर्देश के मसौदे के मुताबिक आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को प्रधानाध्यापक या स्कूल के प्रमुख ही एससी/एसटी और निवास प्रमाणपत्र जारी करेंगे। इस बाबत छात्रों से सभी जरूरी दस्तावेज लेने के लिए सितंबर से अक्टूबर के बीच (या राज्य सरकारें जो भी समय तय करें) एकल खिड़की की व्यवस्था की जाएगी। आगे की कार्यवाही के लिए इन दस्तावेजों को राज्य के संबंधित अधिकारियों या राजस्व अधिकारी को सौंपा जाएगा। जांच-पड़ताल के लिए तीस से 60 दिनों का वक्त दिया जाएगा। प्रमाणपत्र बनाने की अर्जी रद होने की स्थिति में छात्र एक बार अपील कर सकेंगे। जाति और निवास प्रमाणपत्र स्कूल द्वारा ही छात्रों के बीच वितरित किया जाएगा। दाखिला या अन…

कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का ब्यौरा अपने मोबाइल पर देख सकेंगे

निजी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। जब चाहें अपने मोबाइल पर कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का ब्यौरा अपने मोबाइल पर देख सकते हैं। इसके लिए सिर्फ कर्मचारी भविष्य निधि ेसंगठन (ईपीएफओ) का ऐप डाउनलोड करना होगा। सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि पेंशनर्स भी मोबाइल ऐप के जरिए जान सकते हैं कि उनके खाते में कितनी पेंशन है। ईपीएफओ ने हाल ही में एसएमएस बेस्ट यूएएन एक्टिवेशन, मिस्ड कॉल सुविधा और शॉर्ट कोड एसएमएस सेवा शुरू की है। इसी क्रम में ईपीएफओ ने एक ऐप भी लॉच किया है। ‘एम-ईपीएफ’ के नाम से लॉच किया गया यह ऐप बड़े काम का है।निजी संस्थानों में सेवारत कर्मचारी अक्सर यह जानने के लिए परेशान रहते हैं कि उनके ईपीएफ खाते में कितना पैसा है। हर माह ईपीएफ खाते में पैसा जमा हो रहा है या नहीं। पेंशनभोगी भी यह जानना चाहते हैं कि उनके खाते में कितनी पेंशन है और पेंशन समय से खाते में आई या नहीं। ईपीएफओ की ओर से जारी नया ऐप इन सभी जिज्ञासाओं को दूर करेगा। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अनिल कुमार प्रीतम ने बताया कि खाताधारक इस ऐप के जरिए अपना यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (यूएएन) भी एक्टिवेट कर सकेंगे।