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Showing posts from November 15, 2015

अब ‘बैलून नेट’ से बरसेगा इंटरनेट, बीएसएनएल गूगल के सहयोग से शुरू करेगा सेवा

📌 एक हजार बैलून छोड़े जाएंगे आकाश में, खत्म होंगे मोबाइलटावर📌 कॉल ड्रॉप की समस्या से भी मिलेगा छुटकारा
घना जंगल हो या घनी आबादी वाला क्षेत्र, मोबाइल को भरपूर सिग्नल मिलेंगे, जिससे न सिर्फ बाधा रहित इंटरनेट चलेगा बल्कि कॉल ड्रॉप की समस्या भी समाप्त हो जाएगी। इसके लिए बीएसएनएल ने टावरों को हटाकर एक हजार बैलून आकाश में छोड़ने की शुरू कर दी है।
विश्व के कई विकसित देशों में जगह जगह पर लगे मोबाइल टावरों को हटाया जा रहा है। सेटेलाइट सिस्टम की तर्ज पर मोबाइल को सिग्नल उपलब्ध कराने के लिए आकाश में बैलून छोड़े जा रहे हैं। बैलून के अंदर मोबाइल को सिग्नल उपलब्ध कराने वाले उपकरण लगे होते हैं। यह उपकरण सौर उर्जा से संचालित होते हैं। एक बैलून से 30 से 40 किमी की दूरी तक मोबाइल को नेटवर्क उपलब्ध कराया जा सकता है तथा एक साथ एक लाख मोबाइल उपभोक्ता इंटरनेट चला सकते हैं व कॉल कर सकते हैं। हाईस्पीड से चलने वाले ब्रॉडबैंड सिस्टम से बैलून को जोड़ा जाता है। इसका नाम ‘बैलून नेट’ रखा गया है। इन्हें लगाने में गूगल बीएसएनएल को सहयोग करेगी।
फिलहाल, कंपनी एक हजार बैलून बीएसएनएल को उपलब्ध कराएगी। बैलून नेट स्थापित …

अमृत स्टोर में कैंसर व हृदय रोगों की दवाएं 60% तक सस्ती मिलेंगी

📌  स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि ‘अमृत’ स्टोर पर कैंसर की जेनरिक और ब्रांडेड दोनों तरह की 200 दवाएं उपलब्ध होंगी, जो औसतन 60 फीसद कम कीमतपर मिलेंगी। कुछ दवाएं 80 से 93फीसद सस्ती मिलेंगी।📌  सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएलएल ‘अमृत’ स्टोर संचालित करेगी। 15 दिन तक ट्रायल के बाद इस तरह के स्टोर देशभर के केंद्रीय अस्पतालों में शुरू करदिए जाएंगे।
📌  13,440 रुपये की दवा 889 में
कैंसर की कीमोथेरेपी में दी जाने वाली डोसीटेक्सेल की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) 13,440 रुपये है। यह ‘अमृत’ मेडिकल स्टोर पर 93 फीसद छूट के साथ 889 रुपये में मिलेगी।
नई दिल्ली : कैंसर और हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलय ने ‘अमृत’ योजना शुरू की है। एम्स में रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देश के पहले ‘अमृत’ मेडिकल स्टोर की शुरुआत की।
इस स्टोर पर कैंसर की 200 दवाएं और हृदय रोगियों के लिए स्टेंट, पेसमेकर सहित कुल 148 हार्ट इम्प्लांट व 186 दवाएं औसतन 60 फीसद सस्ती मिलेंगी। नतीजतन हृदय रोगियों की एंजियोप्लास्टी …

सब कुछ ठीक रहा तो जेएनयू में अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे नए कोर्स

नई दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में विगत दिनों हुई विद्वत परिषद की बैठक में कई कोर्सो को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। सबकुछ ठीक रहा तो जेएनयू अगले शैक्षणिक सत्र से फिल्म एंड टेलीविजन, कला इतिहास और थियेटर में तीन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करेगा।
जेएनयू के कुलपति एसके सोपोरी ने बताया कि विश्वविद्यालय अगले शैक्षणिक सत्र से तीन नए एमए पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। कला इतिहास और विजुअल स्टडीज में एमए, फिल्म, टेलीविजन एंड न्यू मीडिया स्टडीज में एमए, थियेटर एंड परफॉर्मेस स्टडीज में एमए पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।
विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद (एसी) ने हाल में हुई बैठक में इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने की अनुमति दे दी है। सोपोरी ने बताया कि द बोर्ड ऑफ स्टडीज ऑफ द स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स ने तीन पाठ्यक्रम शुरू करने की सिफारिश की थी।

इस प्रस्ताव को जुलाई में रखा गया था और परिषद के समक्ष रखने से पहले चर्चा के बाद बोर्ड ने इसे मंजूरी दी थी। ज्ञात हो कि पूर्व में योग से संबंधित पाठ्यक्रम पर्याप्त प्रारूप के अनुसार न होने के कारण पास नहीं हो पाए थे।

केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कमजोर छात्रों पर अधिक ध्यान देंगे शिक्षक

केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले उन विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है जो बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में बैठने जा रहे हैं। इन विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने विशेष रणनीति तैयार की है। इसके अंतर्गत हर छात्र को एक अलग पहचान देते हुए उसे एक श्रेणी में डाला गया है, ताकि उसे निर्धारित लक्ष्य पाने के लिए जरूरी सुविधाएं व सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।

संगठन का लक्ष्य है कि बीते साल की अपेक्षा इस बार बारहवीं बोर्ड के नतीजे बेहतर हों और संगठन के स्कूल 100 फीसद पास के आंकड़े को हासिल करें। केवीएस के आयुक्त संतोष कुमार मल्ल ने कहा कि हमारी कोशिश न सिर्फ पुरानी कमियों को दूर करने की है, बल्कि इस साल बारहवीं में 100 फीसद पास का आंकड़ा हासिल करना भी है। इसके लिए खासतौर पर विशेष योजना बना काम किया जा रहा है।
केवीएस ने सभी स्कूलों को कहा है कि वो अपने यहां बारहवीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करें। पहली श्रेणी उन विद्यार्थियों की है जो होनहार हैं। दूसरी श्रेणी में औसत छात्रों को रखा जाएगा। तीसरी श्रेणी उन छात्रों की है जो धीमी …

नए सत्र से साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में आध्यात्मिकता में छात्र कर सकेंगे पीएचडी

📣 एएमयू से अब आध्यात्मिकता में भी पीएचडीअलीगढ़ : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) नए सत्र से आध्यात्मिकता में पीएचडी कराएगा। विवि के साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।एएमयू के फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में पहले से ही योग में पीएचडी कराई जा रही है। नए सत्र से साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में आध्यात्मिकता में छात्र पीएचडी कर सकेंगे। इसके लिए एएमयू ने यूजीसी की सहमति से ‘सेल्फ एंड स्प्रिचुअलिटी’ कोर्स शुरू किया है। जिसमें योग के साथ आध्यात्मिक और धर्म से जुड़े विषय पढ़ाए जाएंगे। व्रत, साधना का महत्व बताया जाएगा।
साइकोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रो. अकबर हुसैन ने बताया कि इस सत्र से लागू किए गए च्वॉइस बेस्ड सिस्टम के तहत ‘सेल्फ एंड स्प्रिचुअलिटी’ कोर्स शुरू किया जा रहा है, जिसमें एमए अंतिम वर्ष के चतुर्थ सेमिस्टर के छात्र आध्यात्मिकता में पीएचडी कर सकेंगे। इसके लिए सीट निर्धारित नहीं की गई हैं।