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Showing posts from June 7, 2015

स्टूडेंट एमएसटी की दूरी 35 से बढ़ाकर 60 किमी की गई, छात्रों की मांग पर यूपी रोडवेज प्रशासन ने जारी किए आदेश

स्टूडेंट एमएसटी की दूरी 35 से बढ़ाकर 60 किमी की गईछात्रों की मांग पर रोडवेज प्रशासन ने जारी किए आदेश शिक्षा की राह में दूरी नहीं बनेगी रोड़ा
शिक्षा प्राप्ति की राह में दूरी बाधा नहीं बन सकेगी। अब छात्र और छात्रएं बेहतर शिक्षा के लिए परिवहन निगम की बसों से दूरस्थशिक्षण संस्थानों में पढ़ने जा सकेंगे। किराए पर उनका खर्च भी कम आएगा। परिवहन निगम मुख्यालय ने बसों में स्टूडेंट्स एमएसटी (मासिक यात्र पास) पर यात्र दूरी की सीमा 35 से बढ़ाकर 60 किलोमीटर कर दी है। इससे विद्यार्थियों को सहूलियत होगी।

 काफी अर्से से छात्र एमएसटी में दूरी की सीमा बढ़ाए जाने की मांग करते आ रहे थे। बीते माह परिवहन निगम मुख्यालय ने स्टूडेंट एमएसटी में दूरी बढ़ाने के संबंध में आदेश जारी कर दिया। परिवहन निगम की बसों में छात्रों को एमएसटी (मासिक यात्र पास) सुविधा उपलब्ध है जिसके जरिए छात्र साढ़े बारह दिन के किराए पर एक माह में 60 बार अपने घर से शिक्षण संस्थानों तक यात्र कर सकते हैं।  अभी तक छात्रों की एमएसटी पर 35 किलोमीटर दूरी की यात्र ही वैध थी। दूरी कम होने के कारण बहुत बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के छात्र…

जल्द ही डॉक्टरों को कैपिटल लेटर्स में लिखनी होगी जेनेरिक दवा का नाम : जल्द ही जारी हो सकती है अधिसूचना

जल्द ही डॉक्टरों को कैपिटल लेटर्स में लिखनी होगी दवा 
डॉक्टर की समझ में न आने वाली लिखावट के चलते पर्चे पर लिखे दवा के नुस्खे का गलत अर्थ निकलने का खतरा अब बीते दिनों की बात हो जाएगा। सरकार डॉक्टरों के लिए अब एक ऐसा मानक तय करने जा रही है जिससे उन्हें दवाई का कोई भी नुस्खा बड़े अक्षरों (कैपिटल लेटर्स) में स्पष्ट लिखना होगा। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी कर सकता है। भारतीय एमसीआई नियमावली के तहत जारी होने वाली इस अधिसूचना में डॉक्टरों को किसी भी दवा का नुस्खा स्पष्ट और समझ में आने वाली लिखावट में लिखना होगा। इसके साथ ही उन्हें पर्चे पर दवा का जेनेरिक नाम लिखना होगा। 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय द्वारा एक हफ्ते के भीतर इस संबंध में अधिसूचना जारी की जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि एक बार दवा का नुस्खा अंग्रेजी के बड़े अक्षरों और स्पष्ट तरीके से लिखने का सीधा लाभ मरीज और दवा विक्रेता को मिलेगा। वह दवा का नाम गलत समझने की दिक्कत से बच सकेंगे।

कुछ देशी तरीके हैं मौजूद, जिनसे दांत न केवल मजबूत होते हैं बल्कि चमकदार भी, दांतों को चमकाते हैं केले और संतरे

दांतों को चमकाते हैं केले और संतरे
मोतियों जैसे दांत चमकाने के लिए बाजार में कई टूथ पेस्ट मौजूद हैं लेकिन कुछ देशी तरीके ऐसे हैं जिनसे दांत न केवल मजबूत होते हैं बल्कि चमकदार भी होते हैं। भारत में नीम की दातुन समेत घर में दंत मंजन के कई तरीके सुझाए गए हैं। इन्हीं प्राकृतिक तौर तरीकों से दांतों की सफाई पर लंदन स्माइलिंग डेंटल ग्रुप की क्लीनिकल निदेशक डॉ. उचेना ओकोये ने वैज्ञानिक मुहर भी लगाई। 
स्ट्राबेरी पकी हुई स्ट्राबेरी को अपने टूथपेस्ट में मिलाकर दांतों पर रगड़ने से दो सप्ताह में जमी हुई गंदगी साफ हो जाती है। जरूरी है कि स्ट्राबेरी कच्ची न हो, अन्यथा उसका साइट्रिक व मैलिक एसिड दांतों को कमजोर कर सकता है। संतरा संतरे के छिलके के निचले सफेद रंग के हिस्से में डी-लेमोनिन होता है जो धब्बे दूर करने में काफी असरकारी होता है। छिलके के इस सफेद हिस्से को दांतों पर रगड़ने के बाद उसका रस तीन से पांच मिनट तक लगे रहने देना चाहिए। कुछ सप्ताह तक ऐसा करने से दांत चमकदार हो जाते हैं। 




हल्दी पाउडर आधा चम्मच सूखा हल्दी पाउडर में पानी की कुछ बूंदे मिलाकर उसका पेस्ट बना लें, इसे अपने टूथब्रश में लगाकर …

चंडीगढ़ के बाशिंदे सबसे ज्यादा खुश, वर्ल्ड हैप्पीनेस सर्वे में दूसरे स्थान पर लखनऊ

For many, Chandigarh is "the beautiful city" but a survey shows it is also the happiest in India. Lucknow follows closely on its heels; Delhi is the happiest metropolitan city. An IMRB International study, commissioned by consumer durable giant LG Electronics, covered 16 cities and surveyed 2,424 respondents to find "the happiest cities of India".  

अपनी तहजीब की वजह से दुनियाभर में मशहूर लखनऊ के बाशिंदे चंडीगढ़ के बाद सबसे ज्यादा खुश हैं। उनकी खुशी की बड़ी वजह है कि वे परिवार के साथ ज्यादा वक्त बिताते हैं। इसके लिए उन्हें रजत पदक मिला है।  इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी एलजी के सर्वे के मुताबिक चंडीगढ़ के लोग देश में सबसे ज्यादा खुश रहने वालों में है। कंपनी ने चंडीगढ़ को गोल्ड मेडल दिया है। दिल्ली के लोग मेट्रो शहरों में सबसे ज्यादा खुश रहने वाले लोगों में हैं।

अलग तस्वीर पेश करता है सर्वे : एलजी इंडिया की तरफ से किया गया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुश रहने वाले देशों के से काफी अलग तस्वीर पेश करता दिखता है। वल्र्ड हैप्पीनेस सर्वे के अप्रैल, 2015 मे…