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Showing posts from May 31, 2015

गुमशुदा बच्चों को खोजने में मदद करेगी ‘खोया-पाया’ वेबसाइट, वेबसाइट पर गुमशुदा बच्चे की जानकारी व फोटो आसानी से होगी अपलोड

👉 गुमशुदा बच्चों को खोजने में मदद करेगी ‘खोया-पाया’ वेबसाइट👉 केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने लॉन्च किया पोर्टल👉 वेबसाइट पर गुमशुदा बच्चे की जानकारी व फोटो आसानी से होगी अपलोडनई दिल्ली। गुमशुदा बच्चों को खोजने में पुलिस की मदद के साथ-साथ अब केंद्र सरकार की वेबसाइट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। गुमशुदा बच्चों की तलाश में आम जनता से मदद लेने के लिए मंगलवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने नई वेबसाइट khoyapaya.gov.in को लॉन्च किया। देश में बच्चों की गुमशुदगी, तस्करी के मामलों से निपटने और उनकी तलाशी के प्रयास को बेहतर बनाने में इसे मील का पत्थर माना जा रहा है। मेनका गांधी ने इस वेबसाइट को लांच करते हुए बताया कि यह साइट एक सार्वजनिक मंच होगा जहां किसी बच्चे के खोने की जानकारी, फोटो को आसानी से अपलोड किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि खोया-पाया ऐप को कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल पर मुफ्त डाउनलोड कर सकता है। जबकि इसे क्षेत्रीय भाषाओं में भी पेश किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि देश में पहली बार गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए वेबसाइट लॉन्च करने का सुझाव खुद प्रधा…

भ्रूण लिंग जांच कराने वाली मां को दो साल की सजा, अम्बाला कोर्ट ने दिया ऐतिहासिक फैसला

👉 भ्रूण लिंग जांच कराने वाली मां को दो साल की सजा
👉 अंबाला कोर्ट ने दिया ऐतिहासिक फैसला
👉 ऐसे मामले में मां को सजा का देश में शायद पहला मामलाहरियाणा में अंबाला की एक अदालत ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए भ्रूण की लिंग जांच के मामले में महिला सहित चार लोगों को दो साल की सजा सुनाई है। देश में संभवतः यह पहला मामला है, जब होने वाले बच्चे के लिंग की जांच के मामले में मां को सजा सुनाई गई है। मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने चारों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया।मामले के मुताबिक 9 जुलाई 2012 को पंजाब के बनूड़ की रहने वाली मनजिंद्र कौर ने दलाल गगनदीप सिंह से अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए संपर्क किया। गगनदीप उसे अंबाला लाया और आरोपी पंकज गुप्ता की पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए जसपाल नाम के एक व्यक्ति के घर ले गया। उसी समय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जसपाल के घर पर छापा मारकर इन्हें दबोच लिया और इन पर पीएनडीटी एक्ट के तहत केस दर्ज करवा दिया। मंगलवार को कोर्ट ने फैसले के साथ ही यह भी संदेश दिया है कि अब भ्रूण की लिंग जांच के मामले में जांच कराने वाली महिलाएं भी बख्शी नहीं जाएंगी।