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Showing posts from January 25, 2015

चश्मे का नंबर बढ़ने नहीं देगा गुलाब जल : इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से आंखों को बचाने के ये हैं कुछ उपाय

गुलाब जल का कमालचश्मे का नंबर बढ़ने नहीं देगा गुलाब जल चश्मे बिना बाहर न निकलें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से आंखों को बचाने के उपाय आंखों का व्यायाम, दूर रखें स्क्रीन सॉफ्टवेयर दिलाते ब्रेक की याद ब्रिटेन में बुधवार को डिजिटल फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति दिन में 221 बार अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन देखता है। इस तरह वह हफ्ते का एक दिन स्मार्टफोन पर ही गुजार देता है। इस सर्वे के आधार पर तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का अंदाजा लगाया जा सकता है। फिर बच्चों को स्कूल और बड़ों को ऑफिस में रोज आठ घंटे तक कंप्यूटर के सामने बिताने पड़ते हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से सबसे ज्यादा नुकसान आंखों को पहुंचता है। विशेषज्ञों ने कई घरेलू उपचार बताए हैं, जिनसे हम आंखों की थकान को कम कर सकते हैं। आप अपने कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन को अपने से 20 से 26 इंच की दूरी पर रखिये साथ ही इस बात का भी ध्यान रखिये कि कंप्यूटर या लैपटॉप आपके आई लेवल से कम हो। स्मार्टफोन का इस्तेमाल अंधेरे में न करें। आंखें खराब हों तो चश्मे पहने बिना घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। वहीं आंखों को तरावट देने के लिए कृत्रिम…

अब मोबाइल से मोबाइल फोन पर तुरंत ट्रांसफर कर सकेंगे पैसे : एचडीएफसी बैंक शुरू कर रहा है चिल्लर एप्प

अब मोबाइल से मोबाइल फोन पर तुरंत ट्रांसफर कर सकेंगे पैसेएचडीएफसी बैंक शुरू कर रहा है चिल्लर एप्प कभी भी देश में कहीं भी पैसा ट्रांसफर संभव  आप ऑटो या टैक्सी से जा रहे हैं और पता चलता है कि आपके जेब में पर्याप्त पैसे नहीं हैं, तो आप अपने मोबाइल फोन से टैक्सी वाले को तुरंत पैसे भेज सकते हैं। यही नहीं, देश में कहीं भी पैसा भेजना हो तो इसके सहारे नि:शुल्क पैसा भेज सकते हैं। यह कोई अफसाना नहीं, बल्कि हकीकत है और इसे साकार कर रहा है एचडीएफसी बैंक। बैंक अगले कुछ दिनों में ‘चिल्लर’ नाम का एक ऐप जारी कर रहा है, जिससे ऐसा संभव हो सकेगा। एचडीएफसी बैंक के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसने नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा विकसित आईएमटीएस प्लेटफार्म का उपयोग अपने चिल्लर एप्प के लिए करने का मन बनाया है। इसमें एक बार में 5,000 रुपये और एक महीने में अधिकतम 25,000 रुपये ट्रांसफर किये जा सकेंगे।  बैंक इस सेवा के बदले कोई शुल्क नहीं वसूलेगी। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इसके तहत पैसा भेजने वाले का तो खाता एचडीएफसी बैंक में होना अनिवार्य है, लेकिन जिन्हें पैसा …

WhatsApp Web now on Your Desktop : व्हाट्सएप अब आपके वेब ब्राउज़र पर

WhatsApp announced the launch of WhatsApp Web, marking the official debut of the popular messaging app on non-mobile platforms.
"Today, for the first time, millions of you will have the ability to use WhatsApp on your Web browser," the messaging app said announcing WhatsApp Web via a blog post"Our Web client is simply an extension of your phone: the Web browser mirrors conversations and messages from your mobile device - this means all of your messages still live on your phone."
लोकप्रिय मोबाइल मैसेजिंग अप्लीकेशन व्हाट्सएप वेब ब्राजर से मैसेज भेजने के लिए नई सेवा शुरू की है। व्हाट्सएप ने कहा है कि उसकी वेब सेवा मिरर होगी और इसके लिए इंटरनेट कनेक्टेड फोन की जरूरत होगी। इसका मतलब है कि व्हाट्सएप को अब आप स्मार्टफोन के साथ डेस्कटॉप पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। व्हाट्सएप के मुताबिक मौजूदा समय में नई मैसेजिंग सेवा सिर्फ गूगल के क्रोम ब्राउजर पर काम कर रही है और एप्पल प्लेटफॉर्म की सीमओं की वजह से आईफोन के यूजर्स के लिए यह उपलब्ध नहीं होगी।

Simply head over t…

महिलाएं होंगी अब परिवार की मुखिया

महिलाएं होंगी अब परिवार की मुखिया
खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों के चयन सर्वे में परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला मुखिया नामित की जाएंगी। वरिष्ठ महिला सदस्य नहीं होने की स्थिति न्यूनतम 18 वर्ष तक की महिला मुखिया होंगी। 
यदि परिवार में इससे कम उम्र की महिला सदस्य है तो ऐसी स्थिति में पुरुष को मुखिया बनाया जाएगा, लेकिन 18 वर्ष आयु पूरी करते ही महिला सदस्य मुखिया बनाईं जाएंगी।  मुख्य सचिव आलोक रंजन ने 23 जनवरी को जारी शासनादेश में आनिवार्य रूप से सभी अधिकारियों को यह व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। 
सर्वे में अनाथ आश्रम, वृद्धा आश्रम, विधवा आश्रम, कुष्ठ आश्रम और मलिन बस्तियों का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि जरूरतमंद परिवार चयन से वंचित नहीं रह जाए। ऐसे समय में जब महिलाओं के शोषण-दमन की खबरें देश को झकझोर रही हैं, थोड़ी राहत देने वाली खबर यह है कि हालिया जनगणना से पता चला है कि देश के परिवारों में महिला मुखिया की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। 

इस आंकड़े के अनुसार वर्ष 2011 में पुरूष मुखिया वाले परिवारों का अनुपात वर्ष 2001 की तुलना में 0.6 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया, जबकि इस दौरान …

सामान खोने पर अब घर बैठे एप से कराएं एफआईआर, थाने का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं

सामान खोने पर अब घर बैठे एप से कराएं एफआईआरथाने का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं‘यूपीपी लॉस्ट आर्टिकल रिपोर्ट एप’ लॉन्चवेबसाइट पर जाकर भी दर्ज करा सकते हैं रिपोर्ट महिला सुरक्षा के लिए 1090 एप लॉन्च करने के बाद यूपी पुलिस ने अब यूपीपी लॉस्ट आर्टिकल रिपोर्ट एप लॉन्च किया है। इस एप को डाउनलोड करने के बाद मोबाइल फोन, मार्क्सशीट, पासपोर्ट, लाइसेंस आदि जरूरी कागजात खोने पर आपको थाने जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब आप घर बैठे ही मोबाइल फोन से इस एप के जरिए एफआईआर करा सकते हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को अपने आवास पर यूपी पुलिस की इस नई जनकेंद्रित ‘खोई वस्तु रिपोर्ट सेवा’ के साथ ही कई योजनाओं का शुभारंभ किया।

अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं आरके विश्वकर्मा ने बताया कि सूबे में हर साल करीब 10 लाख लोग ऐसी एफआईआर कराते हैं। इस एप से ऐसे लोगों को एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने का चक्कर लगाने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।


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पुलिस की वेबसाइटhttp://­uppolice.gov.in के मुख्य पेज पर मोबाइल एप्स लिंक पर क्लिक करते ही प्रयोगकर्ता को नाम व अन्य पारिवारिक सूचनाओं क…