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Showing posts from January 4, 2015

रोजगार से जोड़ेगा ‘लाइफ सैट’ : एक लाख युवाओं को अप्रत्यक्ष रोजगार का दावा

युवाओं को रोजगार से जोड़ेगा ‘लाइफ सैट’12 जनवरी को वेबपोर्टल ‘लाइफ सैट’ होगा लांच  2020 तक एक लाख युवाओं को अप्रत्यक्ष रोजगार का दावा युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 12 जनवरी को वेबपोर्टल ‘लाइफ सैट’ लांच करेंगे। हॉवर्ड विवि के भारतीय छात्रों द्वारा डिजाइन किए गए पोर्टल के जरिए 2020 तक करीब पांच हजार युवाओं को प्रत्यक्ष और एक लाख युवाओं को अप्रत्यक्ष रोजगार का दावा किया गया है। 
विनोद यादव,इरफान आलम और रामधन कोटमराजा ने इस पोर्टल को डिजाइन किया है। इसके जरिए कोई भी व्यक्ति शिक्षा संस्थान, अस्पताल, निजी संस्थानों आदि में सीधे आवेदन भेज सकता है। 
इस पोर्टल का उद्देश्य भारतीय युवाओं को ई कॉमर्स प्रौद्योगिकी के जरिए रोजगार के अवसर और एक ही मंच पर नौकरियों की जानकारी व आवेदन की सुविधा प्रदान करना है। 

पोर्टल के सह संस्थापक विनोद यादव का कहना है कि बिग डाटा टेक्नोलॉजी से लाइफ सैट वेबपोर्टल इस प्रक्रिया को आसान बना देगा। लाइफ सैट का प्रिंट एंड शिप विभाग फार्म भरकर, स्वयं संबंधित विभाग तक आवेदन पहुंचाने में मदद करेगा।

मजदूरों को 5 रुपए में मिड डे मील की तैयारी : शुरुआत लखनऊ से फिर फैलाव पूरे प्रदेश में

मजदूरों को 5 रुपए में मिड डे मील की तैयारी
भवन निर्माण में लगे मजदूरों का खाना बनाने में समय बचाने के लिए उन्हें दोपहर का भोजन देने की योजना शुरू की जा रही है। अभी यह राजधानी में लागू होगी। उसके बाद पूरे प्रदेश के बड़े शहरों में शुरू की जाएगी।शैलेश कृष्ण, प्रमुख सचिव, श्रम

मजदूरों को भोजन में 16 रुपए की मिलेगी सब्सिडी निजी एजेन्सी भोजन में छह रोटी, दो प्रकार की सब्जी, आचार और प्याज देने के लिए सरकार से 21 रुपए वसूल करेगी। सरकार 16 रुपए अपनी तरफ से मजदूर के लिए भुगतान करने को तैयार है। इस तरह मजदूर को 5 रुपए में ही टिफिन देने की तैयारी है। 
राज्य मुख्यालय विशेष संवाददातालखनऊ में भवन निर्माण में लगे श्रमिकों को मिड डे मील इस माह के आखिर तक मिलने लगेगा। इस सिलसिले में पूर्व में कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया था। कैबिनेट ने पहले 10 रुपए में प्रति मजदूर खुराक देने का फैसला किया था लेकिन अब सरकार पांच रुपए में मजदूरों को खुराक देने पर विचार कर रही है। 


मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को श्रम विभाग का उ.प्र.भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड अमली जा…

प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक ज्यादा सेल्फी खींचने वाले पुरुषों से गंभीर रिश्ते बनाने से बचें महिलाएं

महिलाओं को ज्यादा सेल्फी खींचने वाले पुरुषों से गंभीर रिश्ते बनाने से बचना चाहिए क्योंकि ऐसे लोग स्वार्थी और मनोरोगी हो सकते हैं। अमेरिका की ओहियो यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिकों ने अध्ययन के बाद महिलाओं को यह सलाह दी है।

शोधकर्ता जेसे फाक्स की मानें तो फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर लगातार सेल्फी डालने वाले पुरुषों में सहानुभूति जैसी भावनाओं की भी कमी होती है। इन्हें गुस्सा भी बेहद ज्यादा आता है। 

वहीं जो पुरुष सोशल मीडिया पर अपनी सेल्फी पोस्ट करने से पहले उन्हें फोटोशॉप से बेहतर करते हैं, वे आत्ममुग्धता और खुद को बेहद महत्व देने वाले लोग होते हैं। ये अपने शरीर को एक वस्तु की तरह प्रस्तुत करते हैं, जो एक यौन विकृति है। 



पर्सनॉलिटी एंड इंडिविजुअल डिफरेंस में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक ये लोग खुद को दूसरों से ज्यादा प्रतिभाशाली, आकर्षक और बेहतर भी समझते हैं। बाद में ये मानसिक समस्याएं डिप्रेशन और आहार-विकार का कारण भी बन जाती हैं।

आसान होगा इलाज : 25 नई एंटीबायोटिक दवाएं लाने की हो रही तैयारी

मिट्टी से निकले जीवाणुओं की मदद से वैज्ञानिकों ने एक सुपर एंटीबायोटिक समेत 25 नई एंटीबायोटिक दवा बना ली है। दावा है कि इन दवाओं से संक्रमण से होने वाली कई बीमारियों का इलाज आसान हो जाएगा। ये दिल और पेट को नुकसान पहुंचाने वाले जानलेवा जीवाणुओं को भी खत्म करने में सक्षम हैं। चूहों पर इन दवाओं का प्रयोग सफल रहा है। 
दो साल के भीतर मनुष्य पर भी इनका प्रयोग शुरू हो जाएगा। अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन के कई वैज्ञानिकों ने मिलकर यह खोज की है।अमेरिका के उत्तरपूर्वी राज्य मेन के घास के मैदानों की मिट्टी में पाए जाने वाले जीवाणुओं से ये सभी दवाएं बनाई गई हैं।

शोधकर्ता डेमे सैली डेविस के मुताबिक जीवाणु और कवक प्राकृतिक रूप से कई एंटीबायोटिक बनाती हैं, जो उन्हें सुरक्षित रखती हैं। वहीं ये एंटीबायोटिक उन्हें खाने और वातावरण में मौजूद खतरनाक पदार्थो से भी बचाती हैं। पर इन प्राकृतिक जीवाणुओं का अध्ययन करना मुश्किल होता है क्योंकि इन्हें जमीन से निकालकर प्रयोगशाला में पैदा करना मुश्किल होता है। इस समस्या का हल निकालने के लिए हालिया अध्ययन में उच्च तकनीक का इस्तेम…

Indian academic develops intelligent humanoid robots in UK with artificial intelligence

An Indian academic in the UK has developed humanoid robots which use artificial intelligence to take on humans and learn opponents' strategy as they play and try to win the traditional 'rock-scissors-paper' game. Dr Ram Ramamoorthy from Bangalore led the team in developing the humanoid devices at the University of Edinburgh where he held a demonstration on Wednesday.

Ramamoorthy earned his undergraduate degree in Instrumentation and Electronics Engineering from the University of Bangalore and then went to the University of Texas at Austin, where he was awarded his PhD degree. He arrived at the University of Edinburgh in 2007. He is now working in the School of Informatics, which is the biggest computer science department in Europe.

The Robots will play rock-scissors-paper game against human opponents in a series of sell-out shows at this year's Edinburgh International Science Festival. Rock-scissors-paper is a hand game usually played by two people, where players simulta…

Astronauts have inched closer to sending humans to Mars, a fusion-powered rocket aimed to clear many of the hurdles

Astronauts have inched closer to sending humans to Mars, our nearest planetary neighbour, through a unique manipulation of nuclear fusion - the same energy that powers the Sun and stars. University of Washington researchers and scientists at a Redmond-based space-propulsion company are building components of a fusion-powered rocket aimed to clear many of the hurdles that block deep space travel, including long times in transit, exorbitant costs and health risks in a NASA funded project. 
"Using existing rocket fuels, it's nearly impossible for humans to explore much beyond Earth," said lead researcher John Slough, professor of aeronautics and astronautics. "We are hoping to give us a much more powerful source of energy in space that could eventually lead to making interplanetary travel commonplace," Slough said. Last month at a symposium, Slough and his team presented their mission analysis for a trip to Mars, along with detailed computer modelling and initia…

भारतीय पौष्टिक खाने और नींद मारने मे पक्के पर व्यायाम करने के मामले में साबित हुए फिससड़ी

जब बात सेहत सुधारने की आती है, तो भारतीय लोग पौष्टिक खाने और नींद पर ज्यादा ध्यान देते हैं। पर व्यायाम करने के मामले में वे काफी पिछड़ जाते हैं। जर्मनी की शोध संस्था जीएफके के हालिया अंतरराष्ट्रीय शोध में यह दावा किया गया है।  शोध रिपोर्ट के मुताबिक सेहतमंद खाने के मामले में भारतीय दुनिया में सबसे आगे हैं। 79 फीसदी भारतीय लोगों ने माना कि वे पौष्टिक खाना खाते हैं। जबकि दुनिया के दूसरे देशों में यह आंकड़ा औसतन सिर्फ 59 फीसदी है। 
शोधकर्ताओं के मुताबिक वे जानना चाहते थे कि सेहत सुधारने के लिए दुनिया भर के लोग क्या कर रहे हैं। इसके लिए 23 देशों के 28 हजार से ज्यादा लोगों से बातचीत की गई। पाया गया कि हर देश के लोगों के सेहत सुधारने के मायने और तरीके अलग-अलग हैं।  जैसे इंडोनेशिया में लोग सबसे ज्यादा सोते हैं और पोलैंड में सबसे कम। जापान में सबसे कम व्यायाम करते हैं और मैक्सिको में सबसे ज्यादा। पर दुनिया भर में औसतन सबसे ज्यादा 66 प्रतिशत लोग सेहत सुधारने के लिए नींद पर ध्यान दे रहे हैं। इसके बाद 57 प्रतिशत लोग व्यायाम और 59 फीसदी पौष्टिक खाने का नंबर आता है।

भारतीय युवाओं का विश्व में बजा डंका : 30 साल से कम उम्र की प्रतिभाओं की फोर्ब्स की सूची में 44 भारतीय

30 साल से कम उम्र की प्रतिभाओं की फोर्ब्स की सूची में 44 भारतीय भारतीय युवाओं का विश्व में बजा डंका
दुनिया के कोने-कोने में बसे भारतीय युवा हमेशा अपनी प्रतिभा से सबको चौंकाते रहे हैं। अब प्रतिष्ठित मैगजीन फोर्ब्स ने भी इनका लोहा मानते हुए 30 साल से कम उम्र की वैश्विक प्रतिभाओं की सालाना सूची में भारतीय मूल के 44 युवाओं को जगह दी है।  फोर्ब्स की तरफ से जारी चौथी सालाना सूची में 20 विभिन्न क्षेत्रों के 600 लोगों का नाम है। इनमें उपभोक्ता तकनीक, खुदरा व्यापार, मनोरंजन, विज्ञान, वित्त, मीडिया, सामाजिक उद्यम, कानून एवं नीति तथा औद्योगिक तकनीक से जुड़े लोग शामिल हैं। 
सूची में 44 नाम ऐसे भारतीय युवाओं और अन्य देशों के भारतवंशियों के हैं, जिन्होंने कम खर्च में पानी साफ करने की तकनीक से लेकर अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पर पहल जैसे उल्लेखनीय काम किए हैं। वेंचर कैपिटल की श्रेणी में रफ ड्राफ्ट वेंचर्स के सह संस्थापक 28 वर्षीय नितेश बंता का नाम है, जो नई कंपनी शुरू करने के लिए युवा उद्यमियों को 25,000 डॉलर तक की सहायता देते हैं। उपभोक्ता तकनीक के क्षेत्र में ‘ह्यूमिन’ एप बनाने वाले 24 वर्षीय अंकु…

पढ़ाई बीच में छोड़ने या सत्र के बीच में दूसरी जगह जाने पर क्रेडिट हस्तांतरण से पढ़ाई जारी रख सकेंगे छात्र

पढ़ाई छोड़ने वालों को दोबारा मौका देने पर सहमति पढ़ाई
 बीच में छोड़ने या सत्र के बीच में दूसरी जगह चले जाने वाले छात्रों की समस्या दूर करने के लिए अब क्रेडिट हस्तांतरण योजना जल्द ही लागू हो सकेगी। इसके लिए राज्य सरकारों ने अपनी सहमति दे दी है। देश में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए यह व्यवस्था नौवीं कक्षा से ले कर स्नातकोत्तर तक लागू होगी। 
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर मशविरे के लिए अगले महीने से देश भर का दौरा भी शुरू करेंगी। उच्च शिक्षा पर राज्यों के शिक्षा मंत्रियों व सचिवों के साथ ईरानी और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मंगलवार को क्रेडिट हस्तांतरण योजना को देश भर में लागू करने पर सभी राज्यों ने सहमति दे दी। 

बैठक के बाद मानव संसाधन मंत्री ने कहा, ‘हमने सभी राज्यों को अपने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इस व्यवस्था को लागू करने को कहा था ताकि छात्रों की आवाजाही आसान हो सके। उनके अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का यह सपना है कि छात्रों के कौशल को मान्यता मिले और उनको विकल्प मिल सकें।’ केंद्र सरकार ने पिछले साल ऐसी ही एक बैठक में राज्यों क…

स्पेस सूट ने दी बच्चे को चलने की आजादी : खास तरीके के स्‍पेस-सूट को पहनकर जिदंगी की ओर कदम बढ़ाए

तीन साल के जॉर्जी क्रेग के माता-पिता को उम्मीद नहीं थी कि उनका बेटा कभी चल पाएगा। लेकिन जब उनके बेटे ने खास तरीके के स्‍पेस-सूट को पहनकर जिदंगी की ओर कदम बढ़ाए, तो माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जॉर्जी एक बीमारी के कारण जन्म से ही चल नहीं सकता था और न ही ठीक से बोल पाता था।  उसकी मां नाओमी जेमिसन और पिता डीन क्रेग ने इंटरनेट पर अपने बेटे की बीमारी के उपचार पर हुए शोध का अध्ययन किया। तब उन्हें टेरासूट थैरेपी के बारे में पता चला, जिसे अमेरिका के थैरेपिस्ट ईजाबेल और रिचर्ड कोसिएनली ने डेवेलप किया था। 
इस टेरासूट को 1970 में रूस में पीली रबर कॉर्ड से बनाया गया था। टेरासूट को अंतरिक्ष यात्रियों को ध्यान में रखकर बनाया गया था, ताकि अंतरिक्ष में गुरूत्वाकर्षण की कमी से उनकी मसल्स को नुकसान न हो। अंतरिक्ष में बॉडी को सही दिशा में चलाने और शारीरिक रूप से नियंत्रित करने में टेरासूट का प्रयोग किया जाता है।  थैरेपी काम कर गई और जाॅर्जी अब चलने लगा है। जाॅर्जी के इलाज के लिए धन जुटाने के लिए उसकी परिवार ने ‘गो जाॅर्जी गो’ कैम्पेन भी शुरू किया है। स्‍पेस-सूट को सिर्फ अंतरिक्ष …

Positive links between access to technology and feelings of well-being, a study claims

It found that women in developing countries, and people of both sexes with low incomes or poor education, were most influenced emotionally by their access to technology.
It is partly because women tend to have a more central role in family and other social networks, said researcher Paul Flatters of Trajectory Partnership, which conducted the research on behalf of the BCS.
BCS, the Chartered Institute for IT, analysed the results of a survey of 35,000 people around the world. Access to communication devices was found to be the most valued.

The study also found that the correlation does not appear to increase with age, despite the efforts of various countries to get their older populations online.

अब मोबाइल से मिलेगी यूपी सरकार की सरकारी सेवाएं

मोबाइल से मिलेगी सरकारी सेवाएं
यूपी सरकार मोबाइल के जरिए सरकारी सेवाओं की सुविधा देगी। इसका नाम मोबाइल गवर्नेन्स दिया गया है। इसके तहत मोबाइल एप-वन को केंद्रीय इलेक्ट्रानिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विकसित राष्ट्रीय मोबाइल एप स्टोर पर लिंक किया जाएगा। इसके लिंक को यूपी स्टेट पोर्टल पर भी आम लोगों के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। 
खास बात यह है कि मोबाइल के जरिए जन्म, मृत्यु, आय, जाति, निवास प्रमाणपत्रों आदि के लिए आवेदन तथा उनकी अपडेट स्थिति पता चल सकेगी। साथ ही सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करने तथा निर्धारित शुल्क का भुगतान करने संबंधी सेवाएं भी मोबाइल गवर्नेन्स के जरिए दी जा सकेंगी। 
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इसके लिए सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों और सभी जिलाधिकारियों को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रवक्ता ने बताया कि आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग द्वारा संचालित स्टेट पोर्टल के मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन्स जैसे मोबाइल बेस्ड डैसबोर्ड, आवेदन की अपडेट स्थिति तथा प्रमाण पत्रों के प्रमाणीकरण की सत्यता का विकास किया जा च…

अधिकार: जज साहब की भी शिकायत कर सकेगी जनता, सुप्रीम कोर्ट ने अधिसूचना जारी कर दिया यह अधिकार

नई प्रक्रिया - पुराना तरीका अधिकार: जज साहब की भी शिकायत कर सकेगी जनताउधर न्यायिक अफसरों पर नकेल के भी निर्देश
राज्यसभा के 50 या लोकसभा के सौ सांसद शिकायत करें तो जांच आयोग बैठता है ’ जांच रिपोर्ट पर संसद में बहस होती है, पारित होने पर जज हटता है। शिकायतें सीधे मुख्य न्यायाधीश या हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से की जा सकती है ’ अपने नाम, पते और शपथ-पत्र के साथ शिकायत देनी होगी। 
लेकिन अब आप सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों के खिलाफ भी शिकायत कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अधिसूचना जारी करते हुए यह अधिकार दिया है। अभी तक जज के खिलाफ शिकायत नहीं की जा सकती थी। उन्हें हटाने के लिए अलग से कानून (जजेज इंक्वायरी एक्ट, 1968) है जिसकी कार्रवाई बहुत ही जटिल और समय लेने वाली है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इससे न्यायपालिका पर भरोसा बढ़ेगा।
सख्त दंड का प्रावधान : शिकायत में दम होने पर मुख्य न्यायाधीश उसकी जांच करवाएंगे। तथ्य पाए जाने पर उसकी तीन जजों की जांच कमेटी से गहन जांच करवाई जाएगी। यदि जज दोषी होता है तो मुख्य न्यायाधीश उसे न्यायिक कार्य से हटाने, पद से इस्तीफा दिलाने, स्वैच्छिक से…

हार्वर्ड भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहरों पर 500 किताबों की एक श्रृंखला प्रकाशित करने जा रहा : इस माह पाँच किताबें

ऐसा न तो पहले दुनिया ने देखा, न ही भारत ने हार्वर्ड का यह सबसे जटिल काम इस माह ये पांच पुस्तकें द हिस्ट्री ऑफ अकबर खंड—1 द स्टोरी ऑफ मनु सूफी लिरिक्स सूर ओशन: पोयम्स फ्रॉम द अर्ली ट्रेडीशन थेरीगाथा: पोयम्स ऑफ फस्र्ट बुद्धिस्ट वुमेन हिन्दुस्तान वासियों के लिए यह खुशखबरी है कि दुनिया का जाना-माना हार्वर्ड विश्वविद्यालय भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहरों पर 500 किताबों की एक श्रृंखला प्रकाशित करने जा रहा है। इस काम में उनके साथ इन्फोसिस संस्थापक नारायण मूर्ति के बेटे रोहन मूर्ति हैं। प्रिंट और डिजिटल दोनों प्रारूपों में हर साल पांच किताबें छापी जाएंगी। पहली कड़ी में अकबर, सूरदास और मनु साहित्य समेत पांच पुस्तकें इसी माह लोकार्पित भी होने जा रही हैं। यह योजना वर्ष 2115 तक पूरी हो पाएगी। इस तरह श्रेष्ठ भारतीय साहित्य दुनिया के सामने द्विभाषा में पहुंचेगा और हमेशा के लिए संरक्षित और सुरक्षित रहेगा। 

अनुदित साहित्य में पद्य, गद्य, इतिहास, दर्शन, बौद्ध, मुस्लिम, हिन्दू ग्रंथ के अलावा और भी बहुत कुछ शामिल है। जिन भाषाओं का साहित्य अंग्रेजी अनुवाद के साथ (द्विभाषा) पुस्तक के रूप में प्…

पीएफ अंशधारकों को मिलेंगे सस्ते मकान : कम आय वालों को दी जाएगी वरीयता :

पीएफ अंशधारकों को मिलेंगे सस्ते मकानकेंद्रीय श्रम मंत्रलय खाताधारकों को दे सकता है सब्सिडी सस्ते मकानों के लिए ईपीएफओ कोष के इस्तेमाल पर विचारकम आय वालों को दी जाएगी वरीयता
केंद्रीय श्रम मंत्रालय 2022 तक सभी को आवास उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पांच करोड़ से अधिक अंशधारकों को सस्ते आवास मुहैया कराने की योजना पर काम कर रहा है।

मंत्रालय सस्ते मकानों के लिए बैंकों, आवास वित्त कंपनियों, सरकारी निर्माण कंपनियों और डीडीए, हुडा जैसे नगर विकास प्राधिकरणों के साथ हाथ मिलाने की तैयारी है। मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि कम आय वर्ग वालों को वरीयता दी जाएगी। श्रम मंत्रालय ऐसी योजना लाना चाहता है, जिसके तहत ईपीएफओ अंशधारक मकान की कुल लागत के आंशिक हिस्से के भुगतान के लिए भविष्य निधि राशि निकाल सकें। फिलहाल पीएफ खाताधारक पांच साल तक अंशदान के बाद ही घर खरीदने के लिए खाते से धन निकाल सकते हैं।

क्या है योजना :
मंत्रालय के अनुसार, ईपीएफओ कोष का 15 प्रतिशत ऋण के तौर पर सस्ते मकानों के लिए मुहैया कराने से 70,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकेंगे। इससे 3़5 लाख अतिरिक्…