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सब कुछ ठीक रहा तो जेएनयू में अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे नए कोर्स

नई दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में विगत दिनों हुई विद्वत परिषद की बैठक में कई कोर्सो को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। सबकुछ ठीक रहा तो जेएनयू अगले शैक्षणिक सत्र से फिल्म एंड टेलीविजन, कला इतिहास और थियेटर में तीन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करेगा।

जेएनयू के कुलपति एसके सोपोरी ने बताया कि विश्वविद्यालय अगले शैक्षणिक सत्र से तीन नए एमए पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। कला इतिहास और विजुअल स्टडीज में एमए, फिल्म, टेलीविजन एंड न्यू मीडिया स्टडीज में एमए, थियेटर एंड परफॉर्मेस स्टडीज में एमए पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।

विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद (एसी) ने हाल में हुई बैठक में इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने की अनुमति दे दी है। सोपोरी ने बताया कि द बोर्ड ऑफ स्टडीज ऑफ द स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स ने तीन पाठ्यक्रम शुरू करने की सिफारिश की थी।

इस प्रस्ताव को जुलाई में रखा गया था और परिषद के समक्ष रखने से पहले चर्चा के बाद बोर्ड ने इसे मंजूरी दी थी। ज्ञात हो कि पूर्व में योग से संबंधित पाठ्यक्रम पर्याप्त प्रारूप के अनुसार न होने के कारण पास नहीं हो पाए थे।

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अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

■ घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह ट्रांसप्लांट होगा संभव
■ देश में दिन प्रतिदिन बढ़ रही मरीजों की संख्या

लखनऊ स्थित बाबा साहब भीम राव अंबेडकर विवि के प्राणि विज्ञान विभाग के प्रयोगशाला में कृत्रिम गुर्दे पर अध्ययन चल रहा है। अंबेडकर विवि के कुलपति प्रो.आरसी सोबती के अनुसार यह प्रयोग मृत जानवर (भैंस-बकरी) के शरीर के अंगों में किया जा रहा है। मनुष्य की जीवित कोशिकाओं को मृत जानवर के शरीर में प्रविष्ट कर उसे निर्धारित तापमान एवं अवधि …

वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं बताएगा रेलवे, बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं

ट्रेन का आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि यह कन्फर्म होगा या नहीं। इस परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे व्यवस्था करने जा रहा है। इसके तहत आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर स्क्रीन पर यह भी दिखाया जाएगा कि सीट कन्फर्म होगी या नहीं। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए सेंटर फॉर रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) को सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा है।


■ बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं
■ क्रिस को साफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा गया


ट्रेनों में बीच के स्टेशनों का सीट का कोटा होता है। उस स्टेशन से कोई यात्री टिकट नहीं लेता है तो वेटिंग वाले यात्रियों को बर्थ उपलब्ध करने का प्रावधान है। इसके अलावा कई अन्य श्रेणी का भी कोटा होता है। इसके भी फुल नहीं होने पर वेटिंग वाले यात्री को बर्थ दी जाती है। वीआइपी कोटा छोड़ दें तो अधिकांश श्रेणी के आरक्षित बर्थ खाली रहती हैं। यही कारण है कि भीड़ के समय भी स्लीपर में सौ वेटिंग तक होने के बाद भी सीट कन्फर्म हो जाता है। लेकिन समस्या टिकट लेते समय होती है। व्यक्ति वेटिंग टिकट ले तो लेता है लेकिन उसे यह आइ…