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यूपी ट्रैफिक एप बताएगा किस रूट पर है जाम, यातायात नियमों के प्रति भी करेगा जागरूक

लखनऊ। यदि आप घर से निकल रहे हैं तो आपको समय से अपने गंतव्य पर पहुंचने को लेकर अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। किस रूट पर जाम है, कहां वीवीआईपी मूवमेंट है, कौन-सा रूट ब्लॉक है। इसकी जानकारी अब आपके स्मार्ट फोन पर मिल सकेगी। यह सब ‘यूपी ट्रैफिक एप’ से संभव हो सकेगा।

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, शहरों में बढ़ते यातायात दबाव व जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए यातायात निदेशालय ने मोबाइल एप ‘यूपी ट्रैफिक एप’ तैयार कराया है। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम के तहत इसे जल्द ही लॉन्च करने की तैयारी है। एडीजी ट्रैफिक अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि इसमें लखनऊ समेत 12 शहरों को चुना गया है। इन शहरों के ट्रैफिक को गूगल मैप पर लाइव करने के लिए गूगल के अधिकारियों से संपर्क किया गया है। हाईटेक ट्रैफिक कंट्रोल रूम को गूगल के सर्वर से जोड़ा जाएगा। इससे इन शहरों के ट्रैफिक की पल-पल की जानकारी मिलती रहेगी। रूट डायवर्जन होने व जाम की स्थिति में मैसेज आ जाएगा। इसके लिए लोगों को अपना मोबाइल नंबर हाईटेक ट्रैफिक कंट्रोल रूम में रजिस्टर कराना होगा।

यातायात नियमों के प्रति भी करेगा जागरूक
एप के जरिये लोगों को ट्रैफिक नियमों से जुड़े मैसेज भी भेजे जाएंगे। मसलन, बाइक चलाते वक्त हेलमेट लगाएं, नो पार्किंग में वाहन न खड़ा करें, सीट बेल्ट लगाकर कार चलाएं। वहीं ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर लगने वाले जुर्माने के बारे में भी मैसेज आते रहेंगे। ट्रैफिक अफसरों का कहना है अधिक से अधिक लोगों को इस एप से जोड़कर उन्हें जागरूक किया जाएगा।

इन शहरों में काम करेगा एप
लखनऊ, कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा, गौतमबुद्ध नगर, आजमगढ़, बरेली, गोरखपुर, अलीगढ़

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राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) व सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वालोंं के लिए केंद्र सरकार अच्छी खबर लाई है। उसने इनमें ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.4 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।  लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।



वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं।  पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।  हालांकि बचत जमा के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत बरकरार है।

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अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

■ घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह ट्रांसप्लांट होगा संभव
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