Skip to main content

भारत दुनिया का 7वां ‘वैल्यूड नेशन’ ब्रांड

• ब्रिक्स देशों में ब्रांड वैल्यू में बढ़ोतरी करने वाला भारत अकेला देश

नई दिल्ली। भारत दुनिया का सातवां सबसे वैल्यूड नेशन ब्रांड बन गया है। ब्रांड फाइनेंस की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने अपनी ब्रांड वैल्यू में 32 फीसदी उछाल के साथ एक स्थान की बढ़त ली है। भारत की नेशनल ब्रांड वैल्यू 2.1 बिलियन डॉलर है। रिपोर्ट के अनुसार, 19.7 बिलियन डॉलर की वैल्यू के साथ अमेरिका शीर्ष पर है। इस सूची में चीन और जर्मनी क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

सूची में यूके को चौथा, जापान को पांचवां और फ्रांस को छठा स्थान हासिल हुआ है। हालांकि, भारत और फ्रांस ने अपने पिछले साल की पोजिशन में एक स्थान की बढ़त बनाई है। इसके अतिरिक्त सभी शीर्ष पांच देशों ने अपना स्थान बरकरार रखा है। हालांकि, भारत के नेशन ब्रांड में 32 फीसदी की उछाल सूची में शामिल शीर्ष 20 देशों में सबसे अधिक है। चीन ने अपनी ब्रांड वैल्यू में एक फीसदी की कमी के बावजूद 6.3 बिलियन डॉलर के साथ दूसरा स्थान बरकरार रखा है। ब्रांड फाइनेंस ने कहा कि दुनिया के 100 अग्रणी देशों के मजबूती और उनके नेशन ब्रांड को निर्धारित करने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों की वैल्यू तय करने में मददगार रॉयल्टी रिलीफ मेकेनिज्म आधारित विधि का प्रयोग किया गया है।

अतुल्य भारत’ के नारे ने किया अच्छा काम
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के ‘अतुल्य भारत’ (इनक्रेडिबल इंडिया) के नारे ने अच्छा काम किया है जबकि जर्मनी को फॉक्सवैगन संकट से नुकसान हुआ है। ब्रिक्स देशों में भारत एकमात्र देश है जिसने अपनी ब्रांड वैल्यू में बढ़ोतरी हासिल की है। जबकि ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका की ब्रांड वैल्यू में कमी आई है।

Popular posts from this blog

कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

■ घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह ट्रांसप्लांट होगा संभव
■ देश में दिन प्रतिदिन बढ़ रही मरीजों की संख्या

लखनऊ स्थित बाबा साहब भीम राव अंबेडकर विवि के प्राणि विज्ञान विभाग के प्रयोगशाला में कृत्रिम गुर्दे पर अध्ययन चल रहा है। अंबेडकर विवि के कुलपति प्रो.आरसी सोबती के अनुसार यह प्रयोग मृत जानवर (भैंस-बकरी) के शरीर के अंगों में किया जा रहा है। मनुष्य की जीवित कोशिकाओं को मृत जानवर के शरीर में प्रविष्ट कर उसे निर्धारित तापमान एवं अवधि …

वाट्सएप पर भेजे मैसेज अब वापस बुला सकेंगे, रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली सुविधा में मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प

सैन फ्रांसिस्को : वाट्सएप इस्तेमाल करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। मैसेजिंग एप जल्द ही भेजे गए मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प देने जा रहा है। ‘रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली इस सुविधा में यूजर को पांच मिनट तक किसी भी भेजे गए मैसेज को वापस लेने का मौका मिलेगा।



वाट्सएप या किसी भी मैसेजिंग एप पर कई बार गलती से किसी के लिए लिखा मैसेज दूसरे के नंबर पर चला जाता है। ऐसी स्थिति में पछताने के अलावा विकल्प नहीं बचता है। वाट्सएप पर आने वाले दिनों में इस मुश्किल का हल मिलने की उम्मीद है। वाट्सएप के नए फीचर जांचने वाली वेबसाइट ने इस बारे में जानकारी दी है।

वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं बताएगा रेलवे, बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं

ट्रेन का आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि यह कन्फर्म होगा या नहीं। इस परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे व्यवस्था करने जा रहा है। इसके तहत आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर स्क्रीन पर यह भी दिखाया जाएगा कि सीट कन्फर्म होगी या नहीं। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए सेंटर फॉर रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) को सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा है।


■ बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं
■ क्रिस को साफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा गया


ट्रेनों में बीच के स्टेशनों का सीट का कोटा होता है। उस स्टेशन से कोई यात्री टिकट नहीं लेता है तो वेटिंग वाले यात्रियों को बर्थ उपलब्ध करने का प्रावधान है। इसके अलावा कई अन्य श्रेणी का भी कोटा होता है। इसके भी फुल नहीं होने पर वेटिंग वाले यात्री को बर्थ दी जाती है। वीआइपी कोटा छोड़ दें तो अधिकांश श्रेणी के आरक्षित बर्थ खाली रहती हैं। यही कारण है कि भीड़ के समय भी स्लीपर में सौ वेटिंग तक होने के बाद भी सीट कन्फर्म हो जाता है। लेकिन समस्या टिकट लेते समय होती है। व्यक्ति वेटिंग टिकट ले तो लेता है लेकिन उसे यह आइ…