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अस्पताल से ही मिल रहा जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र, नगर निगम में चक्कर नहीं पड़ रहे लगाने

आप को अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या घर में किसी का निधन होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना है तो नगर निगम के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। नगर निगम का यह सर्टिफिकेट उसी अस्पताल से मिल जाएगा जहां जन्म या मृत्यु हुई है। इसके लिए इलाहाबाद के सरकारी अस्पतालों के साथ शहर के 64 अस्पताल नगर निगम की ई-नगर सेवा से जुड़ चुके हैं। अस्पतालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 

अभी तक अस्पताल में बच्चे के जन्म होने या किसी की मृत्यु होने पर वहां से एक पर्ची दे दी जाती थी। इसी के आधार पर नगर निगम से सर्टिफिकेट जारी होता था लेकिन जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके लिए लोगों से अवैध वसूली भी की जाती है। लोगों को जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम न जाना पड़े, इसके लिए ई-नगर सेवा शुरू की गई। 

पिछले वर्ष शुरू हुई इस सेवा से जुड़ने में अस्पतालों को काफी वक्त लग गया। हालांकि बड़ी संख्या में अस्पताल अब भी इससे नहीं जुड़े हैं। ई-नगर सेवा से जुड़ने के लिए नगर निगम ने अस्पतालंों पर दबाव बनाया। नगर निगम मुख्यालय बुलाकर इसके बारे में विस्तार से समझाया गया। इसके बाद अब तक कई सरकारी और निजी अस्पताल ई-नगर सेवा से जुड़ चुके हैं। 


इस सेवा के तहत जन्म या मृत्यु होने की स्थिति में अस्पताल से ही पूरा ब्योरा नगर निगम की वेबसाइट पर भर दिया जाता है और अस्पताल के डॉक्टर उसका सत्यापन करते। इसके बाद मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर के लिए उसे ऑनलाइन नगर निगम को भेज दिया जाता है। अस्पताल में डाटा फीड करने के दौरान परिजन का मोबाइल नंबर भी लिखा जाता है, ताकि उसकी जानकारी एसएमएस के जरिए मिल जाए।   हर महीनें 800 से 1200 तक ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं। डिजिटल हस्ताक्षर के बाद एसएमएस के आधार पर सर्टिफिकेट की प्रति किसी साइबर कैफे से भी निकलवाई जा सकती है।

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वाट्सएप पर भेजे मैसेज अब वापस बुला सकेंगे, रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली सुविधा में मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प

सैन फ्रांसिस्को : वाट्सएप इस्तेमाल करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। मैसेजिंग एप जल्द ही भेजे गए मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प देने जा रहा है। ‘रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली इस सुविधा में यूजर को पांच मिनट तक किसी भी भेजे गए मैसेज को वापस लेने का मौका मिलेगा।



वाट्सएप या किसी भी मैसेजिंग एप पर कई बार गलती से किसी के लिए लिखा मैसेज दूसरे के नंबर पर चला जाता है। ऐसी स्थिति में पछताने के अलावा विकल्प नहीं बचता है। वाट्सएप पर आने वाले दिनों में इस मुश्किल का हल मिलने की उम्मीद है। वाट्सएप के नए फीचर जांचने वाली वेबसाइट ने इस बारे में जानकारी दी है।

नए साल में फ्री कॉल, BSNL भी अपने उपभोक्ताओं के लिए शुरू करेगा सेवा

☀ 2G व 3G उपभोक्ताओं को भी मिलेगा योजना का लाभ
कॉल वार में बीएसएनल ने भी कूदने की तैयारी कर ली है। यानी भारत संचार निगम लिमिटेड उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए नए साल में असीमित कॉल का तोहफा देगा। उपभोक्ताओं को डाटा रिचार्ज कराने पर फ्री कॉल की सुविधा दी जाएगी। इस योजना का लाभ टू जी व थ्री जी के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।


कंपनियों के बीच होड़ के चलते सस्ती कॉल के बाद उपभोक्ताओं को फ्री कॉल की सुविधा की दौड़ में बीएसएनएल भी शामिल होने जा रही है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने अपने 4-जी उपभोक्ताओं को फ्री नेटवर्क के साथ ही फ्री कॉल की भी सुविधा प्रदान की है। इसके जवाब में बीएसएनएल ने लैंड लाइन पर 249 रुपये में अनलिमिटेड हाई स्पीड ब्रॉडबैंड की सुविधा उपलब्ध कराई। इसके अलावा रविवार को 24 घंटे और अन्य दिनों में रात 9 बजे से सुबह सात बजे तक फ्री कॉल की सुविधा मुहैया करा रहा है। इस सब के बाद भी इस सरकारी कंपनी के मोबाइल उपभोक्ता फ्री कॉल की सुविधा से वंचित थे।


बीएसएनएल के प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने पत्र के माध्यम से बताया कि विदेश की तर्ज पर नये साल में मोबाइल उपभोक्ताओं को भी फ्री कॉल…

वास्तविक खुशी की खोज में गुजरात टॉपर वर्शील शाह बने जैन संत

नई दिल्ली : इस साल 12वीं की परीक्षा में 99.99 पर्सेटाइल हासिल करने वाले गुजरात के 17 वर्षीय वर्शील शाह जैन संत बन गए हैं। अब वह सादा जीवन बिताएंगे और जैन मुनि सुवीर्य रत्न विजयजी महाराज के नाम से जाने जाएंगे।


वर्शील की दीक्षा तापी नदी के किनारे सुबह चार बजे शुरू हुई। इससे पहले ब्रम्हमुहूर्त में ढोल नगाड़ों के साथ उनकी शाही सवारी निकाली गई। शाही सवारी दीक्षा मंच तक पहुंची। दीक्षा मंच पर कई जैन संतों की उपस्थिति में वर्शिल की दीक्षा की प्रक्रिया पूरी की गई। वर्शील की मां अमीबेन और पिता जिगरभाई शाह बेटे के फैसले से खुश हैं। जिगर शाह अहमदाबाद में आयकर विभाग में पदस्थ हैं। मां गृहिणी हैं।




वे ऐसे परिवार में पले-बढ़े हैं, जहां टीवी या रेफ्रिजरेटर नहीं है। बहुत जरूरी होने पर ही बिजली का उपयोग होता है, क्योंकि शाह परिवार का मानना है कि बिजली उत्पादन के दौरान कई जलीय जीव-जंतु मारे जाते हैं।
दीक्षा लेने से पहले वर्शील ने कहा था कि उनका लक्ष्य भौतिकवादी दुनिया की चीजों के पीछे भागना नहीं, अविनाशी शांति को पाना है। यह तभी संभव होगा जब वह अपने पीछे हर चीज को छोड़ जैन संत बनें। वह बचपन से ही वास्तवि…