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कुछ देशी तरीके हैं मौजूद, जिनसे दांत न केवल मजबूत होते हैं बल्कि चमकदार भी, दांतों को चमकाते हैं केले और संतरे

  • दांतों को चमकाते हैं केले और संतरे

मोतियों जैसे दांत चमकाने के लिए बाजार में कई टूथ पेस्ट मौजूद हैं लेकिन कुछ देशी तरीके ऐसे हैं जिनसे दांत न केवल मजबूत होते हैं बल्कि चमकदार भी होते हैं। भारत में नीम की दातुन समेत घर में दंत मंजन के कई तरीके सुझाए गए हैं। इन्हीं प्राकृतिक तौर तरीकों से दांतों की सफाई पर लंदन स्माइलिंग डेंटल ग्रुप की क्लीनिकल निदेशक डॉ. उचेना ओकोये ने वैज्ञानिक मुहर भी लगाई। 

स्ट्राबेरी पकी हुई स्ट्राबेरी को अपने टूथपेस्ट में मिलाकर दांतों पर रगड़ने से दो सप्ताह में जमी हुई गंदगी साफ हो जाती है। जरूरी है कि स्ट्राबेरी कच्ची न हो, अन्यथा उसका साइट्रिक व मैलिक एसिड दांतों को कमजोर कर सकता है। संतरा संतरे के छिलके के निचले सफेद रंग के हिस्से में डी-लेमोनिन होता है जो धब्बे दूर करने में काफी असरकारी होता है। छिलके के इस सफेद हिस्से को दांतों पर रगड़ने के बाद उसका रस तीन से पांच मिनट तक लगे रहने देना चाहिए। कुछ सप्ताह तक ऐसा करने से दांत चमकदार हो जाते हैं। 





हल्दी पाउडर आधा चम्मच सूखा हल्दी पाउडर में पानी की कुछ बूंदे मिलाकर उसका पेस्ट बना लें, इसे अपने टूथब्रश में लगाकर दांत साफ करें। दो-तीन मिनट बाद मुंह में पानी भरकर घुमाएं, ताकि हल्दी मसूड़ों और दांतों की हर दरार में अच्छे से मिल जाए। बाद में कुल्ला कर लें। ऐसा करने से सामान्य दांत दर्द में भी फायदा मिलता है। केला दांतों के धब्बे दूर करने के लिए पके हुए केले के छिलके की अंदरूनी सतह को दो मिनट तक अपने दांतों पर रगड़ें, तीन सप्ताह में धब्बे गायब हो जाएंगे। केले में पोटेशियम, मेग्नीशियम व मेंगनीज अधिक मात्रा में होता है जो दांतों के लिए फायदेमंद है।

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खुशखबरी : सरकार ने पीपीएफ,एनएससी, सुकन्या समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ाई ब्याज दरें

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राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) व सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वालोंं के लिए केंद्र सरकार अच्छी खबर लाई है। उसने इनमें ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.4 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।  लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।



वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं।  पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।  हालांकि बचत जमा के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत बरकरार है।

■ पीपीएफ और एनएससी पर मौजूदा 7.6 प्रतिशत की जगह अब आठ प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज मिलेगा।■ किसान विकास पत्र पर अब 7.7 प्र…

अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

■ घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह ट्रांसप्लांट होगा संभव
■ देश में दिन प्रतिदिन बढ़ रही मरीजों की संख्या

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