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गुमशुदा बच्चों को खोजने में मदद करेगी ‘खोया-पाया’ वेबसाइट, वेबसाइट पर गुमशुदा बच्चे की जानकारी व फोटो आसानी से होगी अपलोड

👉 गुमशुदा बच्चों को खोजने में मदद करेगी ‘खोया-पाया’ वेबसाइट

👉 केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने लॉन्च किया पोर्टल

👉 वेबसाइट पर गुमशुदा बच्चे की जानकारी व फोटो आसानी से होगी अपलोड

नई दिल्ली। गुमशुदा बच्चों को खोजने में पुलिस की मदद के साथ-साथ अब केंद्र सरकार की वेबसाइट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। गुमशुदा बच्चों की तलाश में आम जनता से मदद लेने के लिए मंगलवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने नई वेबसाइट khoyapaya.gov.in को लॉन्च किया। देश में बच्चों की गुमशुदगी, तस्करी के मामलों से निपटने और उनकी तलाशी के प्रयास को बेहतर बनाने में इसे मील का पत्थर माना जा रहा है।

मेनका गांधी ने इस वेबसाइट को लांच करते हुए बताया कि यह साइट एक सार्वजनिक मंच होगा जहां किसी बच्चे के खोने की जानकारी, फोटो को आसानी से अपलोड किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि खोया-पाया ऐप को कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल पर मुफ्त डाउनलोड कर सकता है। जबकि इसे क्षेत्रीय भाषाओं में भी पेश किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि देश में पहली बार गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए वेबसाइट लॉन्च करने का सुझाव खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बच्चों की गुमशुदगी और पाने के ब्यौरे पर संबंधित प्राधिकरण निगरानी रखेंगे। इस मौके पर संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर ने कहा कि वेबसाइट पर बच्चे के बारे में जानकारी देने के अलावा पुलिस को सूचना देना या एफआईआर कराना भी जरूरी होगा। सूत्रों की माने तो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुमशुदा तलाश साइट का नाम खोया पाया रखा है। उन्होंने इस साइट को सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर से जोड़ने की सलाह भी दी है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में प्रतिवर्ष करीब 70 हजार बच्चे गुमशुदा होते हैं। एनजीओ बचपन बचाओ आंदोलन के मुताबिक प्रति घंटे करीब 11 बच्चे गुमशुदा होते हैं और इसमें से करीब चार बच्चों का कभी पता नहीं चल पाता है।

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