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सेवाकाल के दौरान विकलांग होने वाले कार्मिकों को नौकरी से नहीं हटाने और प्रोन्नति का लाभ देने के निर्देश

कार्मिक मंत्रलय ने सभी मंत्रलयों एवं सरकारी महकमों को जारी निर्देश में कहा कि सेवाकाल के दौरान विकलांग होने वाले कार्मिकों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाए। उन्हें नौकरी से नहीं हटाया जाए और प्रोन्नति का लाभ दिया जाए। 

मंत्रालय के निदेशक मुकेश चतुर्वेदी की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि सेवा के दौरान विकलांग होने वाले कार्मियों को किसी भी रूप में नौकरी से नहीं निकाला जाए। न ही उसके पद को घटाया जाए। यदि विकलांगता के कारण वह व्यक्ति अपने पद पर काम करने में सक्षम नहीं है तो उसे किसी दूसरे पद पर भेजा जा सकता है लेकिन पद और वेतन में कोई कमी नहीं की जानी चाहिए। यदि कोई ऐसा पद नहीं मिलता है तो ऐसे कर्मियों को अतिरिक्त कर्मियों की सूची में रखा जाए। यह व्यवस्था तब तक बनी रहेगी जब तक कि कोई उचित पद नहीं मिल जाता या फिर वह सेवानिवृत्त नहीं हो जाता। 


मंत्रालय ने कहा कि इसी दौरान कर्मी को प्रोन्नति के लाभ मिलने चाहिए। सिर्फ विकलांग होने की वजह से उसकी प्रोन्नति नहीं रोकी जा सकती। मंत्रलय ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले भगवानदास वर्सेज पंजाब इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के आलोक में यह निर्देश जारी किए हैं। विकलांग  आमतौर पर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करते हैं। जब भी ऐसे आवेदन आएं विभागीय अधिकारी को उसे यह बताना चाहिए कि वह अपने मौजूदा पद पर काम जारी रख सकता है। उसे सेवानिवृत्ति का आवेदन वापस लेने के लिए प्रेरित किया जाए।

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■ बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं
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