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अपना आधार अपडेट अथवा सुधार कराना चाहते हैं तो ना हों अब परेशान, मौजूद हैं ऑनलाइन उपाय

अगर आप अपना आधार अपडेट अथवा सुधार कराना चाहते हैं तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं के लिए यह प्रक्रिया सरल कर दी है। अब आधार अपडेट या सुधार करवाने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय आने अथवा अपडेशन या सुधार फॉर्म क्षेत्रीय कार्यालय के पते पर भेजने की आवश्यकता नहीं है। 

https://resident.uidai.net.in   पर लाग ऑन कर अपडेट या सुधार कर सकते हैं  या अपना अपडेशन या सुधार फॉर्म सामान्य डाक के जरिए यूआईडीएआई पोस्ट बॉक्स नंबर 10ए छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश पिन कोड संख्या 480001, मोबाइल नंबर 8103820429, 7162305920 अथवा यूआईडीएआई पोस्ट बॉक्स नंबर 99, बंजारा हिल्स, हैदराबाद, पोस्ट बॉक्स नंबर 500034 पर समस्त संबंधित दस्तावेजों के साथ भेज सकते हैं। अपडेशन तथा सुधार कार्य के लिए आप स्पीड पोस्ट, कोरियर या पंजीकृत डाक सेवा द्वारा फणींद्र कुमार, कार्वी मैनेजमेंट सर्विस लिमिटेड, कार्वीनैना टावर्स, एन टी रोड संख्या 10, बंजारा हिल्स, हैदराबाद, पिन कोड संख्या 500034, टेलीफोन नंबर 91-040 44707689 पर भी भेज सकते हैं।



अपने अपडेशन या सुधार फॉर्म के साथ अपने मोबाइल संख्या का उल्लेख जरूर करें क्योंकि आपके मोबाइल संख्या पर ही आपको अपडेशन तथा सुधार की स्थिति के बारे में जानकारी दी जाएगी।

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कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

■ घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह ट्रांसप्लांट होगा संभव
■ देश में दिन प्रतिदिन बढ़ रही मरीजों की संख्या

लखनऊ स्थित बाबा साहब भीम राव अंबेडकर विवि के प्राणि विज्ञान विभाग के प्रयोगशाला में कृत्रिम गुर्दे पर अध्ययन चल रहा है। अंबेडकर विवि के कुलपति प्रो.आरसी सोबती के अनुसार यह प्रयोग मृत जानवर (भैंस-बकरी) के शरीर के अंगों में किया जा रहा है। मनुष्य की जीवित कोशिकाओं को मृत जानवर के शरीर में प्रविष्ट कर उसे निर्धारित तापमान एवं अवधि …

वाट्सएप पर भेजे मैसेज अब वापस बुला सकेंगे, रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली सुविधा में मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प

सैन फ्रांसिस्को : वाट्सएप इस्तेमाल करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। मैसेजिंग एप जल्द ही भेजे गए मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प देने जा रहा है। ‘रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली इस सुविधा में यूजर को पांच मिनट तक किसी भी भेजे गए मैसेज को वापस लेने का मौका मिलेगा।



वाट्सएप या किसी भी मैसेजिंग एप पर कई बार गलती से किसी के लिए लिखा मैसेज दूसरे के नंबर पर चला जाता है। ऐसी स्थिति में पछताने के अलावा विकल्प नहीं बचता है। वाट्सएप पर आने वाले दिनों में इस मुश्किल का हल मिलने की उम्मीद है। वाट्सएप के नए फीचर जांचने वाली वेबसाइट ने इस बारे में जानकारी दी है।

वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं बताएगा रेलवे, बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं

ट्रेन का आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि यह कन्फर्म होगा या नहीं। इस परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे व्यवस्था करने जा रहा है। इसके तहत आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर स्क्रीन पर यह भी दिखाया जाएगा कि सीट कन्फर्म होगी या नहीं। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए सेंटर फॉर रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) को सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा है।


■ बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं
■ क्रिस को साफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा गया


ट्रेनों में बीच के स्टेशनों का सीट का कोटा होता है। उस स्टेशन से कोई यात्री टिकट नहीं लेता है तो वेटिंग वाले यात्रियों को बर्थ उपलब्ध करने का प्रावधान है। इसके अलावा कई अन्य श्रेणी का भी कोटा होता है। इसके भी फुल नहीं होने पर वेटिंग वाले यात्री को बर्थ दी जाती है। वीआइपी कोटा छोड़ दें तो अधिकांश श्रेणी के आरक्षित बर्थ खाली रहती हैं। यही कारण है कि भीड़ के समय भी स्लीपर में सौ वेटिंग तक होने के बाद भी सीट कन्फर्म हो जाता है। लेकिन समस्या टिकट लेते समय होती है। व्यक्ति वेटिंग टिकट ले तो लेता है लेकिन उसे यह आइ…