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बिना इंटर के अब स्नातक में इंट्री : हाईस्कूल के बाद सीधे स्नातक कर सकेंगे छात्र, विवि में शुरू होगा ब्रिज कोर्स

सहूलियत : 
  • बिना इंटर के अब स्नातक में इंट्री 
  • हाईस्कूल के बाद सीधे स्नातक कर सकेंगे छात्र 
  • डॉ.शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय विधि विवि में शुरू होगा ब्रिज कोर्स
क्या आप हाईस्कूल पास हैं और स्नातक में प्रवेश लेना चाहते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। बिना इंटर पास आपको स्नातक में इंट्री का मौका मिलेगा। आप यह पढ़कर हैरान हो रहे होंगे, लेकिन यही सच है। डॉ.शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ‘साइन लैंग्वेज’ की शिक्षा लेने के इच्छुक छात्रों को यह सुविधा देने की तैयारी कर रहा है। 

विकलांगों को समाज की मुख्यधारा में लाने में लगे डॉ.शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय मूकबधिर छात्रों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। हाईस्कूल करने के बाद मूकबधिर छात्रों को आगे की पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इंटर में साइन लैंग्वेज (मूकबधिरों को इशारों से पढ़ाई जाने वाली भाषा) की पढ़ाई का इंतजाम न होने की वजह से ऐसे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनकी परेशानी को दूर करने के लिए डॉ.शकुंतला मिश्र विवि ने दो साल का ब्रिज कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त इस दो साल के कोर्स को करने के बाद अभ्यर्थियों का प्रवेश सीधे स्नातक में हो सकेगा। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने विवि के प्रस्ताव को न केवल हरी झंडी दी है बल्कि इस कोर्स को मान्यता देने का भी आश्वासन दिया है।



शुल्क प्रतिपूर्ति की भी सौगात
मूक बधिरों के साथ ही अन्य प्रकार के विकलांगों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा ग्रहण करने के लिए राष्ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम शुल्क प्रतिपूर्ति के साथ ही छात्रवृत्ति भी प्रदान करेगा। यही नही विवि के बाहर प्रोफेशनल कोर्स के लिए चार फीसद ब्याज पर शैक्षणिक ऋण के अलावा स्वरोजगार के लिए लोन भी देगा।  दो साल के इस कोर्स का लाभ विकलांगों के साथ ही सामान्य वर्ग के छात्रों को भी मिलेगा। जुलाई से कोर्स शुरू करने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता का इंतजार है। ~ प्रो.निशीथ राय, कुलपति, डॉ.शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय पुनर्वास विवि

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वाट्सएप पर भेजे मैसेज अब वापस बुला सकेंगे, रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली सुविधा में मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प

सैन फ्रांसिस्को : वाट्सएप इस्तेमाल करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। मैसेजिंग एप जल्द ही भेजे गए मैसेज को वापस बुलाने का विकल्प देने जा रहा है। ‘रीकॉल’ के नाम से मिलने वाली इस सुविधा में यूजर को पांच मिनट तक किसी भी भेजे गए मैसेज को वापस लेने का मौका मिलेगा।



वाट्सएप या किसी भी मैसेजिंग एप पर कई बार गलती से किसी के लिए लिखा मैसेज दूसरे के नंबर पर चला जाता है। ऐसी स्थिति में पछताने के अलावा विकल्प नहीं बचता है। वाट्सएप पर आने वाले दिनों में इस मुश्किल का हल मिलने की उम्मीद है। वाट्सएप के नए फीचर जांचने वाली वेबसाइट ने इस बारे में जानकारी दी है।

नए साल में फ्री कॉल, BSNL भी अपने उपभोक्ताओं के लिए शुरू करेगा सेवा

☀ 2G व 3G उपभोक्ताओं को भी मिलेगा योजना का लाभ
कॉल वार में बीएसएनल ने भी कूदने की तैयारी कर ली है। यानी भारत संचार निगम लिमिटेड उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए नए साल में असीमित कॉल का तोहफा देगा। उपभोक्ताओं को डाटा रिचार्ज कराने पर फ्री कॉल की सुविधा दी जाएगी। इस योजना का लाभ टू जी व थ्री जी के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।


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वास्तविक खुशी की खोज में गुजरात टॉपर वर्शील शाह बने जैन संत

नई दिल्ली : इस साल 12वीं की परीक्षा में 99.99 पर्सेटाइल हासिल करने वाले गुजरात के 17 वर्षीय वर्शील शाह जैन संत बन गए हैं। अब वह सादा जीवन बिताएंगे और जैन मुनि सुवीर्य रत्न विजयजी महाराज के नाम से जाने जाएंगे।


वर्शील की दीक्षा तापी नदी के किनारे सुबह चार बजे शुरू हुई। इससे पहले ब्रम्हमुहूर्त में ढोल नगाड़ों के साथ उनकी शाही सवारी निकाली गई। शाही सवारी दीक्षा मंच तक पहुंची। दीक्षा मंच पर कई जैन संतों की उपस्थिति में वर्शिल की दीक्षा की प्रक्रिया पूरी की गई। वर्शील की मां अमीबेन और पिता जिगरभाई शाह बेटे के फैसले से खुश हैं। जिगर शाह अहमदाबाद में आयकर विभाग में पदस्थ हैं। मां गृहिणी हैं।




वे ऐसे परिवार में पले-बढ़े हैं, जहां टीवी या रेफ्रिजरेटर नहीं है। बहुत जरूरी होने पर ही बिजली का उपयोग होता है, क्योंकि शाह परिवार का मानना है कि बिजली उत्पादन के दौरान कई जलीय जीव-जंतु मारे जाते हैं।
दीक्षा लेने से पहले वर्शील ने कहा था कि उनका लक्ष्य भौतिकवादी दुनिया की चीजों के पीछे भागना नहीं, अविनाशी शांति को पाना है। यह तभी संभव होगा जब वह अपने पीछे हर चीज को छोड़ जैन संत बनें। वह बचपन से ही वास्तवि…