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राष्ट्रपिता का सम्मान सामूहिक जिम्मेदारी, Artistic freedom can't be used for abusing Mahatma Gandhi: Supreme Court

  • राष्ट्रपिता का सम्मान सामूहिक जिम्मेदारी
  • सुप्रीम कोर्ट ने की टिप्पणी

The Supreme Court on Thursday said artistic freedom of expression could not be misused to use abusive language against historical figures like Mahatma Gandhi and Subhash Chandra Bose. 

The court said it was no offence to criticize, lampoon and make parodies of the country's iconic figures but freedom of expression could not be stretched to allow a person to demean them by using obscene language, which was an offence under Section 292 of Indian Penal Code providing for a maximum jail term of two years. 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपशब्द नहीं कहे जा सकते। न ही उनका चित्रण करते समय अभद्र शब्द इस्तेमाल किए जा सकते हैं। हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम राष्ट्रपिता का सम्मान करें। ये टिप्पणियां बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने मराठी कविता में राष्ट्रपिता के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने के मामले में सुनवाई के दौरान की। 



फैसला सुरक्षित : न्यायमूर्ति दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में सभी पक्षों की बहस सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में बैंक आफ महाराष्ट्र के कर्मचारी देवीदास रामचंद्र तुलजापुरकर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ चल रहे मुकदमे को निरस्त करने की मांग की है।  सुप्रीम कोर्ट इस मामले में तय करेगा कि कि किसी सम्मानित ऐतिहासिक व्यक्ति के लिए कविता में इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा या चिन्हों को कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्र माना जाये कि नहीं? आलोचना अलग बात है लेकिन गांधीजी को लेकर अपशब्द कहना अपराध की श्रेणी में आता है।

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राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) व सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वालोंं के लिए केंद्र सरकार अच्छी खबर लाई है। उसने इनमें ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.4 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।  लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।



वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं।  पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।  हालांकि बचत जमा के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत बरकरार है।

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अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

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