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Google's 'Pony Express' will let you pay bills from Gmail : जीमेल अकाउंट से ही सभी बिलों का भुगतान करना संभव

Google is reportedly developing a new Gmail feature that will allow users to receive and pay bills directly from their email inbox. According to Recode, the new project is called Pony Express, though that could be an internal code name; Google could go in a different direction with branding when Pony Express launches to consumers.

बिजली, पानी, मोबाइल और क्रेडिट कॉर्ड के बिल जमा करने के लिए अब आपको ढेर सारी वेबसाइटों पर जाने की जरूरत नहीं होगी। गूगल के नए फीचर की मदद से जीमेल अकाउंट से ही सभी बिलों का भुगतान करना संभव होगा। तकनीकी वेबसाइट रिकोड ने अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया है।

गूगल ने इस फीचर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। पर विशेषज्ञों का दावा है कि यह बिल भुगतान की सबसे तेज और आसान सुविधा होगी। रिपोर्ट के मुताबिक गूगल ‘पोनी एक्सप्रेस’ नाम का फीचर विकसित कर रहा है। इस फीचर के प्रोफाइल पर ही सभी बिल एक साथ दिखेंगे और जीमेल के इनबॉक्स से ही इनका तुरंत भुगतान करना संभव होगा। विशेषज्ञों की मानें तो पोनी एक्सप्रेस कंपनी के भीतर इस फीचर का आतंरिक कोड नाम हो सकता है। हो सकता है कि लांच होते समय इसका नाम बदल जाए। 

To use Pony Express, users will need to provide personal information including a full social security number, though this data and identify verification will be handled by a third party rather than Google itself. 

पोनी एक्सप्रेस को इस्तेमाल करने के लिए यूजर को अपनी निजी सूचनाएं देनी होगी। इस डॉटा और यूजर की पहचान गूगल के अलावा कोई तीसरी कंपनी करेगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिलों का भुगतान जीमेल के इनबॉक्स से करना संभव हो जाएगा। यह भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड से किया जा सकेगा। प्रोनी एक्सप्रेस को सीधे बैंक अकाउंट से जोड़ना भी संभव होगा। हालांकि गूगल वालेट को अभी इस फीचर से अलग रखा जाएगा।

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राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) व सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वालोंं के लिए केंद्र सरकार अच्छी खबर लाई है। उसने इनमें ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.4 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।  लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।



वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं।  पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।  हालांकि बचत जमा के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत बरकरार है।

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अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

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