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फर्जी वोटरों के नाम हटाने के लिए चुनाव आयोग की पहल, आधार से लिंक होंगे मतदाताओं के नाम

  • फर्जी वोटरों के नाम हटाने के लिए चुनाव आयोग की पहल
  • एक से अधिक जगह न हो नाम
  • आधार से लिंक होंगे मतदाताओं के नाम
  • विशेष स्वैच्छिक घोषणा अभियान चलाने का निर्णय

प्राय: देखा गया है कि कई मतदाता एक से अधिक स्थानों पर वोटर कार्ड बनवा लेते हैं, जो गैरकानूनी है और इसके लिए कारावास का प्रावधान है। चुनाव आयोग अब मतदाताओं के नाम आधार कार्ड से लिंक करने जा रहा है। इसके लिए तीन मार्च से राष्ट्रीय स्तर अभियान शुरू होगा, जो 31 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान वोटर लिस्ट में संशोधन के साथ ही फर्जी वोटरों के नाम हटाए जाएंगे। आधार से लिंक करने का उद्देश्य भी यही है। 

The linking of electoral rolls with Aadhaar would be voluntary and it will not affect anyone’s right to vote, officials said.  The linking of Aadhaar may reduce the number of electors. Many people have voting rights in different constituencies. The exercise will prevent duplicate or multiple entries of electors in rolls and fake EPIC cards.

करीब पांच महीने के इस अभियान में पहचान पत्र में फोटो की गुणवत्ता दुरुस्त की जाएगी। मतदाता सूची का घर-घर जाकर सत्यापन होगा। इस दौरान मतदाताओं के मोबाइल व ई-मेल नंबर भी लिए जाएंगे। इसके बाद चुनाव आयोग मतदाताओं को विभिन्न गतिविधियों की सूचनाएं मोबाइल व मेल पर प्रदान करेगा। 12 अप्रैल को सभी विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद जुलाई तक प्रत्येक रविवार को विशेष अभियान चलेगा। इसके लिए घर-घर जाकर मतदाताओं से आधार नंबर प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। इसे बाद उसे मतदाता सूची में मतदाता के नाम से लिंक किया जाएगा।



मतदाता सूची के विवरण को आधार नंबर से जोड़ने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर फीड कर सकते हैं। इसके अलावा एसएमएस, जिला निर्वाचन अधिकारी को ई-मेल, राज्य के टोल फ्री नंबर 1950 पर कॉल कर तथा मोबाइल ऐप द्वारा फोटो पहचान पत्र और आधार कार्ड की प्रति प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अलावा लोग आधार कार्ड की प्रति के साथ अपने निर्वाचन क्षेत्र के बूथ स्तर के अधिकारी, निर्वाचक पंजीयन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।

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खुशखबरी : सरकार ने पीपीएफ,एनएससी, सुकन्या समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ाई ब्याज दरें

खुशखबरी : सरकार ने पीपीएफ,एनएससी, सुकन्या समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ाई ब्याज दरें
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) व सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वालोंं के लिए केंद्र सरकार अच्छी खबर लाई है। उसने इनमें ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.4 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।  लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।



वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं।  पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।  हालांकि बचत जमा के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत बरकरार है।

■ पीपीएफ और एनएससी पर मौजूदा 7.6 प्रतिशत की जगह अब आठ प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज मिलेगा।■ किसान विकास पत्र पर अब 7.7 प्र…

अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

क्या है ERSS 112? अक्सर पूछे जाने योग्य प्रश्न

112 क्या है ? "112" संकट की स्थिति में डायल किया जाने वाली एक एकल आपातकालीन संख्या है जो अग्नि शमन ब्रिगेड, एक मेडिकल टीम या पुलिस से तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए भारत के सभी 36 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में 24 घंटे व सातो दिन कॉल की जा सकती है। आप एक स्थिर (लैंडलाइन) या मोबाइल फोन के साथ नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं। एकल आपातकालीन संख्या हर जगह मुफ़्त है।


112 ही क्यों? जब डायल 100 पहले से उपयोग में था? 112 एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त एकल आपातकालीन संख्या है, जो अधिकांश यूरोपीय देशों, राष्ट्रकुल देशो द्वारा अपनायी गयी है और संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में आपातकालीन संख्याओं से सम्बंधित की गयी है। अधिकांश निर्मित फोन हैंडसेट 112 संख्या के साथ प्री-प्रोग्राम (पहले से संयोजित ) होते हैं क्योंकि आपातकालीन संख्या एकल कुंजी (Key or Button ) दबाने के साथ डायल की जाती है। TRAI ने मई 2015 में भारत में एक आपातकालीन संख्या के उद्देश्य के लिए इस नंबर को आवंटित किया था।

112 एक आपात बटन (Panic Button) क्या है? और यह 112 से कैसे संबंधित है?
भारत सरकार द्वारा प्रकाशित राजपत्र के…