Skip to main content

आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन के 20 दिनों के अंदर प्रमाण पत्र जारी करना होगा

अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र व राशन कार्ड आदि बनवाने के लिए लोगों को विभागों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। न ही किसी दलाल या अन्य के चक्कर में पड़कर पैसे देने की जरूरत है। आवेदन करने के बाद तय समय सीमा में ही उन्हें प्रमाण पत्र व राशन कार्ड आदि जारी कर दिए जाएंगे। लेकिन कोई भी विभाग तय समय सीमा में आवेदन फार्म जमा करने के बावजूद आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। 

प्रमुख सचिव केके सिन्हा ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को ये आदेश भी जापरी कर दिए हैं। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अध्यादेश 2011 (उ.प्र. अध्यखदेश संख्या 1, सन 2011) की धारा 3 के अधीन इसे सख्ती से लागू करने को कहा है। इस आदेश के बाद जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अध्यादेश के तहत जनपद में संबंधित विभागों, सभी तहसीलों और जिलापूर्ति विभाग को भी ये आदेश जारी कर दिए हैं। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन के 20 दिनों के अंदर प्रमाण पत्र जारी न करने पर प्रथम अपीलीय एसडीएम व द्घितीय अपीलीय अधिकारी डीएम के यहां लोग शिकायत कर सकते हैं। 

शिकायत दर्ज होने के बाद एसडीएम व डीएम 30 दिनों के अंदर उसका निस्तारण करेंगे और याची को जानकारी भी देंगे। इसके अलावा भूमि का अविवादित नामांतरण के लिए 45 दिनों के अंदर कार्रवाई करनी होगी। किसान बही के लिए 20 दिनों के अंदर, शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में नया एपीएल कार्ड बनवाने के लिए 30 दिनों के अंदर प्रक्रिया पूरी कर आवेदनकर्ता को जानकारी देनी होगी। तय समय में कार्रवाई न होने पर आवेदनकर्ता एसडीएम व डीएम केयहां शिकायत दर्ज करा सकता है। 30 दिनों के अंदर दर्ज शिकायत की सुनवाई कर अधिकारियों को शिकायतकर्ता को जानकारी देनी होगी। इसमें हीलाहवाली करने पर संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद कानूनी कार्रवाई होगी। 

Popular posts from this blog

अब रेलवे के इस एप से बुक कर सकेंगे अनारक्षित और प्लेटफार्म टिकट : आइये जाने कैसे?

यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

रेल में यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों को ट्रेन की जनरल टिकट यानि अनारक्षित टिकट के लिए अब लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन रिजर्वेशन की तरह ही आप अपने मोबाइल फोन से जनरल टिकट भी बुक करा सकेंगे।

इसके लिए उपयोगकर्ता को रेलवे द्वारा बनाए गए एप utsonmobile को डाउनलोड कर उसमें अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद रेलवे काउंटर से रिचार्ज करवाकर उससे वह टिकट खरीद सकता है। रेलवे ने मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग को लेकर प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।



एेसे करें एप डाउनलोड और टिकट बुकिंग

स्टेप-1
सबसे पहले यात्री को एप utsonmobile में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्री से सम्बंधित सामान्य जानकारी मांगी जाएगी, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, शहर, अधिकतर यात्रा किए जाने वाला रूट, जन्म तिथि, परिचय पत्र के साथ रजिस्ट्रेशन होने के बाद यूजर का नाम तथा …

कृत्रिम गुर्दे दूर करेंगे डायलिसिस का दर्द, 2020 तक बाजार में होगा कृत्रिम गुर्दा

देश में 2.5 लाख लोग गुर्दे संबंधी बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। बीमारी के आखिरी चरण में डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण का विकल्प बचता है जो बहुत खर्चीला है। यह कृत्रिम गुर्दा अपेक्षाकृत सस्ता होगा। उम्मीद है कि 2020 तक कृत्रिम गुर्दो की उपलब्धता बाजार में होगी।

गुर्दे (किडनी) के मरीजों को नया जीवन देने और डायलिसिस की पीड़ा को कम करने के लिए वैज्ञानिक अब कृत्रिम गुर्दे के विकास पर लगे हुए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह कृत्रिम गुर्दा ट्रांसप्लांट जल्द शुरू होगा। तीन चरणों में बंटे इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक दूसरे चरण में पहुंच गए हैं।

■ घुटनों के प्रत्यारोपण की तरह ट्रांसप्लांट होगा संभव
■ देश में दिन प्रतिदिन बढ़ रही मरीजों की संख्या

लखनऊ स्थित बाबा साहब भीम राव अंबेडकर विवि के प्राणि विज्ञान विभाग के प्रयोगशाला में कृत्रिम गुर्दे पर अध्ययन चल रहा है। अंबेडकर विवि के कुलपति प्रो.आरसी सोबती के अनुसार यह प्रयोग मृत जानवर (भैंस-बकरी) के शरीर के अंगों में किया जा रहा है। मनुष्य की जीवित कोशिकाओं को मृत जानवर के शरीर में प्रविष्ट कर उसे निर्धारित तापमान एवं अवधि …

वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं बताएगा रेलवे, बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं

ट्रेन का आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि यह कन्फर्म होगा या नहीं। इस परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे व्यवस्था करने जा रहा है। इसके तहत आरक्षित टिकट लेते समय वेटिंग मिलने पर स्क्रीन पर यह भी दिखाया जाएगा कि सीट कन्फर्म होगी या नहीं। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए सेंटर फॉर रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) को सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा है।


■ बुकिंग करते समय स्क्रीन पर ही आ जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं
■ क्रिस को साफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा गया


ट्रेनों में बीच के स्टेशनों का सीट का कोटा होता है। उस स्टेशन से कोई यात्री टिकट नहीं लेता है तो वेटिंग वाले यात्रियों को बर्थ उपलब्ध करने का प्रावधान है। इसके अलावा कई अन्य श्रेणी का भी कोटा होता है। इसके भी फुल नहीं होने पर वेटिंग वाले यात्री को बर्थ दी जाती है। वीआइपी कोटा छोड़ दें तो अधिकांश श्रेणी के आरक्षित बर्थ खाली रहती हैं। यही कारण है कि भीड़ के समय भी स्लीपर में सौ वेटिंग तक होने के बाद भी सीट कन्फर्म हो जाता है। लेकिन समस्या टिकट लेते समय होती है। व्यक्ति वेटिंग टिकट ले तो लेता है लेकिन उसे यह आइ…